'बेच दी थी अपनी आत्मा', 1 करोड़ का कर्ज चुकाने के लिए मजबूरी में की सी-ग्रेड फिल्में, एक्ट्रेस ने सुनाई आपबीती

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बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस सुष्मिता मुखर्जी ने अपनी जिंदगी के एक कड़वे सच से पर्दा उठाया है. उन्होंने खुलासा किया कि उन पर 1 करोड़ रुपये का भारी-भरकम कर्ज चढ़ गया था, जिसे चुकाने के लिए उन्हें मजबूरी में कई सी-ग्रेड फिल्मों में काम करना पड़ा. हालांकि उन्होंने कभी पोर्न फिल्मों में काम नहीं किया. सुष्मिता ने स्वीकार किया कि उस भयानक आर्थिक तंगी और मजबूरी के दौर में उन्हें अपनी आत्मा तक बेचनी पड़ी थी.

नई दिल्ली. दिग्गज एक्ट्रेस सुष्मिता मुखर्जी कई फिल्मों में अपना हुनर दिखा चुकी हैं. उन्होंने ‘किंग अंकल’, ‘गोलमाल’, ‘खलनायक’ और ‘दोस्ताना’ जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में अपने अभिनय की छाप छोड़ी है. हाल ही उन्होंने उस दौर का कड़वा सच बयां किया, जब उन्हें मजबूरी में कई सी-ग्रेड फिल्मों में काम करना पड़ा. सुष्मिता ने खुलासा किया कि उनका प्रोडक्शन हाउस डूबने की वजह से उन पर 1 करोड़ रुपये का भारी-भरकम कर्ज चढ़ गया था, जिसे चुकाने के लिए उन्हें यह कदम उठाना पड़ा.

सुष्मिता ने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक भावुक वीडियो शेयर कर अपनी जिंदगी के इस मुश्किल दौर का दर्द शेयर किया. वीडियो में अपने उस फैसले पर बात करते हुए सुष्मिता ने कहा, ‘मुझसे किसी ने पूछा कि मैम, आपने इतनी खराब फिल्मों में काम क्यों किया? यह सवाल सुनते ही मुझे धक्का लगा. अपनी जिंदगी के उस दौर में वापस लौटकर यह सोचना बेहद तकलीफदेह है कि आखिर मैंने ऐसी सी-ग्रेड और महिलाओं को नीचा दिखाने वाली फिल्मों में काम ही क्यों किया? हां, मैंने बुरी फिल्मों का चुनाव किया, लेकिन भगवान का शुक्र है कि वे अश्लील फिल्में नहीं थीं. फिर भी वे बेहद खराब फिल्में थीं.’ (फोटो साभार: Instagram@susmita_mukherjeeofficial)

उन्होंने आगे अपना दर्द बयां करते हुए कहा, ‘लोग पूछते हैं कि क्या मैंने अपनी आत्मा का सौदा किया? तो हां, मैंने अपनी आत्मा बेची. क्या मुझे ऐसा करके अच्छा लगा? मुझे तब भी अच्छा नहीं लगा था और आज भी उस बात का मलाल है. लेकिन उस वक्त मजबूरी ऐसी थी कि मेरे पास इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता ही नहीं बचा था.’ (फोटो साभार: Instagram@susmita_mukherjeeofficial)

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सुष्मिता ने आपबीती सुनाते हुए आगे कहा, ‘अगर मैं अपनी उस वक्त की हालत बताऊं, तो साल 2002 में मेरा और मेरे पति का मीडिया प्रोडक्शन हाउस ‘प्रयास प्रोडक्शंस’ पूरी तरह डूब गया था. हम पर करीब 1 करोड़ रुपये का कर्ज़ चढ़ चुका था. उस दौरान टेक्नोलॉजी का एक नया दौर शुरू हो रहा था-एंजेल इन्वेस्टर्स और वेंचर कैपिटल जैसे कॉन्सेप्ट आ गए थे, जिनके बारे में हमें कोई जानकारी नहीं थी. नतीजा यह हुआ कि हमारी कंपनी के साथ-साथ ट्रैक सिनेमा और अनिल चौधरी प्रोडक्शंस भी कंगाल हो गए.’ (फोटो साभार: Instagram@susmita_mukherjeeofficial)

उन्होंने कहा, ‘घर के दरवाजे पर लेनदार और रिकवरी एजेंट आने लगे थे. वे गाली-गलौज करते थे, वह बेहद भयानक दौर था. मेरे बच्चे उस समय बहुत छोटे थे. ऐसे हालात में मुझे दोबारा काम की तलाश में निकलना ही पड़ा. जो भी पैसा कमाती, उससे बस वह 1 करोड़ का कर्ज चुकाती थी. मेरे पति और मैंने 3-4 सालों तक दिन-रात एक करके वह कर्ज उतारा. यही वजह थी कि मुझे खराब फिल्में चुननी पड़ीं, मेरे पास और कोई चारा ही नहीं था.’ (फोटो साभार: Instagram@susmita_mukherjeeofficial)

उन्होंने आगे बताया, ‘इसके अलावा एक बंगाली मां होने के नाते मैं अपनी बेटी को बेहतरीन शिक्षा देना चाहती थी. वह पढ़ाई में बहुत अच्छी थी, इसलिए मैंने उसे आगे पढ़ने के लिए विदेश भेजने का फैसला किया. हालांकि, मेरे पति बहुत राष्ट्रवादी विचारों के हैं, उनका कहना था कि क्या भारत में अच्छे स्कूल-कॉलेज नहीं हैं? लेकिन एक मां के तौर पर मेरा मन था कि कि वह बाहर पढ़े. उसकी पढ़ाई बहुत महंगी थी-वह ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड पढ़ने गई. तो उसका खर्च उठाने के लिए भी मुझे लगातार काम करना पड़ा. इन्हीं सब वजहों से मुझे वे फैसले लेने पड़े थे. (फोटो साभार: Instagram@susmita_mukherjeeofficial)

बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा, ‘विडंबना देखिए कि उस दौर में मैंने जो अच्छा काम किया, बदकिस्मती से उससे कुछ खास हासिल नहीं हुआ. ऐसा भी नहीं है कि मैंने बहुत ही बेकार काम किया, लेकिन हां अपने कई प्रोजेक्ट्स को लेकर आज मुझे गर्व महसूस नहीं होता. मुझे लगता है कि हर इंसान के पास काम करने की अपनी वजह होनी चाहिए. वो क्यों काम कर रहा है? पैसा क्यों कमा रहा है? सिक्योरिटी-क्रिएटिविटी के लिए, लाचारी में दो वक्त की रोटी और बच्चों की पढ़ाई के लिए या फिर बड़ी गाड़ी, आलीशान घर और बड़े लाइफस्टाइल के लिए? फैसला आखिरकार आपका अपना ही होता है.’ (फोटो साभार: Instagram@susmita_mukherjeeofficial)

उन्होंने आगे समझाया, ‘मेरा मकसद बिल्कुल साफ था. मैं तो महीने-दर-महीने अपना गुजारा चलाती थी, पढ़ाती भी थी और एक आम मिडिल क्लास जिंदगी जी है. हम सभी को यह समझना होगा कि हम पैसा क्यों कमाना चाहते हैं. अगर आपके मन में चीजें क्लीयर हैं तो फैसले लेना आसान हो जाता है. मुझे पता था कि मुझे पैसे की जरूरत क्यों है, इसलिए मैंने वे फिल्में कीं. मुझे उन प्रोजेक्ट्स पर गर्व भले न हो, लेकिन उस वक्त के हालात के हिसाब से मेरा वह फैसला सही था.’ सुष्मिता ने बताया कि अब ऐसा कोई काम नहीं करतीं जो उनके दिल को न छूए. आज वो अच्छा कमा रही हैं और अपने मन मुताबिक प्रोजेक्ट्स करके बेहद खुश हैं. (फोटो साभार: Instagram@susmita_mukherjeeofficial)

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