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केंद्र ने आयुष्मान सारथी व्हाट्सऐप चैटबॉट और आरोग्य सेतु 2.0 लॉन्च किया है.आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए अच्छी खबर है. अब आयुष्मान कार्ड बनवाने या उससे जुड़ी दूसरी सेवाओं के लिए सरकारी दफ्तरों और कॉल सेंटर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी. लाभार्थी घर बैठे आयुष्मान कार्ड बनवा सकता है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को इस नई सेवा की शुरुआत की.
नई दिल्ली. आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए अच्छी खबर है. अब आयुष्मान कार्ड बनवाने या उससे जुड़ी दूसरी सेवाओं के लिए सरकारी दफ्तरों और कॉल सेंटर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी. केंद्र सरकार ने ‘आयुष्मान सारथी’ नाम से नया व्हाट्सऐप चैटबॉट शुरू किया है, जिसके जरिए लोग घर बैठे ही योजना से जुड़ी कई सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को इस नई सेवा की शुरुआत की. सरकार का कहना है कि यह चैटबॉट सीधे प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के सिस्टम से जुड़ा है, जिससे लोगों को रियल टाइम में जानकारी और सेवाएं मिल सकेंगी. यह सुविधा 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध रहेगी.
व्हाट्सऐप के जरिए लोग अपनी पात्रता की जांच कर सकेंगे, नया आयुष्मान कार्ड बनवा सकेंगे और जरूरत पड़ने पर उसे डाउनलोड भी कर सकेंगे. इसके अलावा ई-केवाईसी दोबारा कराने, आधार लिंक करने, कार्ड लॉक या अनलॉक करने जैसी सुविधाएं भी इसी प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी.
70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए आयुष्मान वय वंदना कार्ड से जुड़ी जानकारी भी चैटबॉट पर उपलब्ध होगी. लाभार्थी अपने इलाज का रिकॉर्ड, वॉलेट बैलेंस, आसपास के सूचीबद्ध अस्पतालों की जानकारी, शिकायत दर्ज कराने, शिकायत की स्थिति जानने और जरूरत पड़ने पर शिकायत वापस लेने जैसी सुविधाओं का भी इस्तेमाल कर सकेंगे. अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सेवा से जुड़ा फीडबैक देना भी आसान होगा.
इस सुविधा का उपयोग करने के लिए लाभार्थियों को व्हाट्सऐप पर +91 72908 23838 नंबर पर ‘Hi’ भेजना होगा या आधिकारिक क्यूआर कोड स्कैन करना होगा. इसके बाद चैटबॉट उन्हें चरणबद्ध तरीके से सभी सेवाएं उपलब्ध कराएगा.
इसी के साथ सरकार ने आरोग्य सेतु 2.0 भी लॉन्च किया है. कोविड-19 के दौरान कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला यह ऐप अब राष्ट्रीय हेल्थ ऐप के रूप में काम करेगा. इसमें उपयोगकर्ता अपना डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड सुरक्षित रख सकेंगे, आभा (ABHA) आईडी बना सकेंगे, ई-प्रिस्क्रिप्शन देख सकेंगे और मेडिकल दस्तावेजों को डिजिटल रूप में सहेज सकेंगे. ऐप के जरिए हार्ट रेट, ब्लड शुगर, कैलोरी, कदमों की संख्या जैसी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी ट्रैक की जा सकेगी. सरकार का मानना है कि इन दोनों डिजिटल सेवाओं से स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ लेना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान, तेज और पारदर्शी हो जाएगा
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करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें
