जुनून को करियर बनाइए, सफलता खुद रास्ता खोज लेगी: ओमान के छात्रों से बोले दिल्ली के LG संधू

होमताजा खबरDelhi

जुनून को करियर बनाइए, सफलता खुद रास्ता खोज लेगी: ओमान के छात्रों से बोले LG

Last Updated:

LG टी.एस. संधू ने इस बात पर ज़ोर दिया कि युवा दिमागों में मज़बूत वैज्ञानिक सोच और विश्लेषणात्मक सोच विकसित करना, रिसर्च, इनोवेशन और भविष्य के लिए तैयार समाज की मज़बूत नींव बनाने के लिए बहुत ज़रूरी है.

दिल्ली के उप-राज्यपाल, सरदार टी.एस. संधू ने ओमान के छात्रों से बात की.

नई दिल्ली. विज्ञान की कोई सीमा नहीं होती और जिज्ञासा ही वह पुल है, जो देशों, संस्कृतियों और पीढ़ियों को जोड़ती है. इसी सोच की एक प्रेरक झलक उस समय देखने को मिली, जब दिल्ली के उप-राज्यपाल सरदार टी.एस. संधू ने लोक निवास में ओमान से आए उन युवा छात्रों का स्वागत किया, जिन्होंने अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा और इनोवेशन की क्षमता से अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाई है. आईआईटी गांधीनगर में विज्ञान भारती द्वारा आयोजित ‘शास्त्र प्रतिभा प्रतियोगिता’ के विजेता इन छात्रों के साथ संवाद केवल औपचारिक मुलाकात नहीं था, बल्कि यह विज्ञान, शिक्षा और भविष्य की संभावनाओं पर केंद्रित एक प्रेरणादायी विमर्श बन गया.

उप-राज्यपाल ने छात्रों को केवल करियर चुनने की सलाह नहीं दी, बल्कि उन्हें अपने जुनून को पहचानने, लगातार नई स्किल्स सीखने, वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और असफलताओं को सफलता की सीढ़ी मानने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि आने वाला दौर केवल डिग्रियों का नहीं, बल्कि नवाचार, विश्लेषणात्मक सोच और सीखने की निरंतर क्षमता का होगा. इस संवाद ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत अपनी समृद्ध वैज्ञानिक विरासत को दुनिया के युवा मस्तिष्कों से जोड़ते हुए वैश्विक ज्ञान साझेदारी का नया अध्याय लिख रहा है, जहां जिज्ञासा ही सबसे बड़ी ताकत और विज्ञान सबसे बड़ी भाषा बनकर उभर रहा है.

अपने जुनून को अपनाएं और अपनी भूमिका में बेहतरीन प्रदर्शन करें
युवाओं से बातचीत करते हुए, LG ने छात्रों को सलाह दी कि वे ऐसा करियर चुनें जो उनके मन की आवाज़ के अनुरूप हो. उन्होंने छात्रों से कहा कि वे बाहरी सामाजिक उम्मीदों के दबाव में आने के बजाय वही काम करें जिससे उन्हें सच्ची खुशी मिले. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि वे जो भी रास्ता चुनें, उसमें पूरी तरह से बेहतरीन प्रदर्शन करने पर ही उनका मुख्य ध्यान होना चाहिए.

लगातार नई स्किल्स सीखने पर ध्यान दें
बदलते वैश्विक परिदृश्य का ज़िक्र करते हुए, LG ने कहा कि एकेडमिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक रूप से ढलने की क्षमता भी होनी चाहिए. उन्होंने तेज़ी से बदलती दुनिया में प्रभावी ढंग से आगे बढ़ने के लिए लगातार नई और ज़रूरी स्किल्स सीखने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया.

असफलताओं से कभी न डरें
युवा इनोवेटर्स में मुश्किलों का सामना करने की हिम्मत जगाते हुए, LG ने कहा कि असफलताओं से डरना या उन्हें हार नहीं मानना ​​चाहिए. इसके बजाय, उन्हें सीखने के ज़रूरी अनुभव के रूप में अपनाना चाहिए, जो अंततः व्यक्ति को अधिक मज़बूत, समझदार और सक्षम बनाते हैं.

LG ने विज्ञान भारती की समर्पित कोशिशों की तारीफ़ की, जिसके ज़रिए वे युवा इनोवेटर्स की अगली पीढ़ी को प्रेरित कर रहे हैं और उन्हें भारत की समृद्ध वैज्ञानिक विरासत से जोड़ रहे हैं. बातचीत के अंत में, LG ने सभी विजेताओं को उनके भविष्य के एकेडमिक सफ़र और वैज्ञानिक प्रयासों के लिए शुभकामनाएँ दीं.

About the Author

Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *