कैंसर और खून की बीमारियों की मिनटों में होगी पहचान, गाजियाबाद के 11 सरकारी अस्पतालों में लगीं अत्याधुनिक AI मशीनें

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Ghaziabad News: जिला स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं को हाईटेक बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है. अब गाजियाबाद के मरीजों को अपने खून की जांच के लिए न तो लंबा इंतजार करना होगा और न ही रिपोर्ट की सटीकता को लेकर कोई संशय रहेगा. जिले के 11 सरकारी अस्पतालों में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ‘डिजिटल माइक्रोस्कोपी’ मशीनें स्थापित की गई हैं, जो कुछ ही मिनटों में ब्लड सेल्स का बारीकी से अध्ययन कर गंभीर से गंभीर बीमारियों की पहचान शुरुआती स्टेज में ही कर लेंगी. सरकारी चिकित्सा क्षेत्र में इसे एक बड़े और आधुनिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है.

Ghaziabad News: सरकारी अस्पतालों में खून की जांच अब पहले से कहीं ज्यादा तेज, आधुनिक और सटीक होने जा रही है. गाजियाबाद के मरीजों को अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का सीधा फायदा मिलेगा. जिले के 11 सरकारी अस्पतालों की पैथोलॉजी लैब में AI आधारित डिजिटल माइक्रोस्कोपी मशीनें लगाई गई हैं, जो कुछ ही मिनटों में रक्त कोशिकाओं की पहचान कर उनकी डिजिटल तस्वीरें तैयार करेंगी. इससे जांच प्रक्रिया आसान होगी, रिपोर्ट जल्दी मिलेगी और डॉक्टरों को समय पर सही इलाज शुरू करने में मदद मिलेगी. स्वास्थ्य विभाग का दृढ़ विश्वास है कि यह तकनीक सरकारी अस्पतालों की जांच व्यवस्था में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी.

कम समय में तैयार होगी बेहद सटीक रिपोर्ट
गाजियाबाद जिले के सभी 11 सरकारी अस्पतालों में AI आधारित डिजिटल माइक्रोस्कोपी सिस्टम ‘एआई-100’ मशीन उपलब्ध कराई गई है. यह अत्याधुनिक मशीन क्लीनिकल लैब में खून की जांच को पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक बनाने के लिए लगाई गई है. इससे पहले, लैब तकनीशियन और पैथोलॉजिस्ट को माइक्रोस्कोप पर लंबे समय तक स्लाइड देखकर रक्त कोशिकाओं का मैन्युअल अध्ययन करना पड़ता था. लेकिन अब यह जटिल काम काफी हद तक मशीन खुद करेगी, जिससे जांच में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में भी अभूतपूर्व तेजी आएगी.

मानवीय गलतियों की गुंजाइश होगी खत्म
यह आधुनिक मशीन मरीज के खून की स्लाइड पर मौजूद रक्त कोशिकाओं को अपने आप खोज लेती है. इसके तुरंत बाद, उनकी साफ और उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल तस्वीरें कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखाई देने लगती हैं. इन स्पष्ट तस्वीरों को देखकर पैथोलॉजिस्ट या लैब तकनीशियन बेहद आसानी से जांच पूरी करते हैं और अंतिम रिपोर्ट तैयार करते हैं. इस तकनीक के आने से मानवीय गलती की संभावना पूरी तरह खत्म हो जाती है और जांच की गुणवत्ता कई गुना बेहतर हो जाती है.

कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की शुरुआती पहचान संभव
इस मशीन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह व्हाइट ब्लड सेल्स यानी श्वेत रक्त कोशिकाओं की अलग-अलग श्रेणियों की पहचान कर उनका गहन विश्लेषण करती है. इसके साथ ही, यह रेड ब्लड सेल्स यानी लाल रक्त कोशिकाओं के आकार, बनावट और संरचना में होने वाले सूक्ष्म से सूक्ष्म बदलाव का भी सटीक मूल्यांकन करती है. इन महत्वपूर्ण जानकारियों के आधार पर कई तरह की रक्त संबंधी गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाने में मदद मिलती है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक कुछ विशिष्ट प्रकार के कैंसर और रक्त कोशिकाओं में होने वाली असामान्य स्थितियों की शुरुआती पहचान में भी बेहद सहायक साबित हो सकती है.

सीएमओ डॉ. सचिन चंद्र वैश्य का बयान
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सचिन चंद्र वैश्य ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के सभी 11 सरकारी अस्पतालों में यह आधुनिक मशीन उपलब्ध करा दी गई है. इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी अस्पतालों की लैब सेवाओं को और अधिक प्रभावी तथा विश्वसनीय बनाना है. उन्होंने कहा कि AI तकनीक के उपयोग से अब कम समय में ज्यादा से ज्यादा मरीजों की जांच संभव हो सकेगी. रिपोर्ट जल्दी मिलने से डॉक्टरों को तुरंत सटीक इलाज शुरू करने में आसानी होगी और आम मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का सीधा लाभ मिलेगा. आने वाले समय में, इस तरह की आधुनिक तकनीक सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई और सकारात्मक दिशा देने का काम करेगी.

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Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें

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