Success Story: आपदा को बदला अवसर में! NIFT की मेहर जेटली ने खड़ा किया ज्वेलरी ब्रांड 'Noyra', जानें कहानी

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NIFT की मेहर जेटली ने खड़ा किया ज्वेलरी ब्रांड ‘Noyra’, कोविड में देखा था सपना

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Meher Jetley Noyra Jewelry Success Story: NIFT से पढ़ी मेहर जेटली ने कोविड के मुश्किल समय में अपना ज्वेलरी ब्रांड ‘Noyra’ शुरू किया. जयपुर के कारीगरों के साथ कस्टमाइज्ड, हाई-क्वालिटी ज्वेलरी बनाकर अब वह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कदम रख रही हैं. उनका लक्ष्य अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में छाने का है. जानें उनकी पूरी सक्सेस स्टोरी.

दिल्ली: फैशन और टेक्सटाइल की पढ़ाई करने वाली मेहर जेटली के लिए ज्वेलरी हमेशा से सिर्फ एक एक्सेसरी नहीं, बल्कि एक पर्सनल और इमोशनल इन्वेस्टमेंट रही है. मेहर बताती हैं कि शुरुआत में वह अपने लिए खुद ज्वेलरी कस्टमाइज करती थीं. उनके डिजाइनों को लोगों से मिली तारीफ ने उन्हें यह एहसास कराया कि अगर कभी अपना बिजनेस शुरू करेंगी, तो वह ज्वेलरी में ही होगा. National Institute of Fashion Technology (NIFT) से मिली शिक्षा ने मेहर को ज्वेलरी इंडस्ट्री की गहराई से समझ दी. उनका कहना है कि NIFT ने उन्हें ग्रासरूट लेवल से काम करना सिखाया. चाहे वह आर्टिसंस के साथ काम करना हो या ग्राहकों की जरूरतों को समझना. इसी होलिस्टिक लर्निंग ने उनके ब्रांड की नींव मजबूत की.

कोविड के दौर में शुरू हुआ नोयरा
साल 2020 जब पूरी दुनिया कोविड महामारी से जूझ रही थी. उसी दौरान मेहर ने अपने ड्रीम ब्रांड नोयरा को लॉन्च किया. मेहर के लिए नोयरा सिर्फ एक बिजनेस नहीं, बल्कि उनके दिल के बेहद करीब एक सपना है. ब्रांड की शुरुआत एक स्पष्ट सोच के साथ हुई हाई-क्वालिटी, हाई-एंड ज्वेलरी को ग्राहकों तक किफायती दामों में पहुंचाना.

नोयरा को क्या खास बनाता है
मेहर के अनुसार नोयरा की सबसे बड़ी ताकत इसकी 100% कस्टमाइज़ेशन सर्विस है. जो इसे मार्केट में दूसरे ब्रांड्स से अलग बनाती है. ब्रांड में हाई-क्वालिटी सेमी-प्रेशियस स्टोन, ब्रास बेस मेटल, 18-कैरेट गोल्ड प्लेटिंग और माइक्रोन प्लेटिंग का इस्तेमाल इसकी क्वालिटी को और बेहतर बनाता है. मेहर का फोकस अपने कस्टमर्स को बेस्ट वैल्यू देने पर है.

पहली पीढ़ी की महिला एंटरप्रेन्योर
मेहर ज्वेलरी इंडस्ट्री में एक फर्स्ट जनरेशन एंटरप्रेन्योर हैं. उन्होंने बताया कि शुरुआत में मैन्युफैक्चरिंग से लेकर मार्केटिंग तक हर चीज उन्हें खुद संभालनी पड़ी. एक महिला होने के नाते कई लोगों ने उनके काम को सिर्फ हॉबी समझा, लेकिन असलियत कहीं ज्यादा कठिन थी. जयपुर में घंटों तक बिना आराम के काम करना, कारीगरों के साथ बैठकर डिजाइनों को समझना और उन्हें तैयार करवाना इस सफर का अहम हिस्सा रहा.

जयपुर के कारीगरों के साथ परंपरा और आधुनिकता का संगम
नोयरा के कई डिजाइंस जयपुर के पारंपरिक कारीगरों के साथ मिलकर तैयार किए जाते हैं. मेहर का मानना है कि उनकी ट्रेनिंग और डिजाइनिंग स्किल्स उन्हें आर्टिसंस की तकनीक और भाषा समझने में मदद करती हैं. जिससे वे पारंपरिक क्राफ्ट्स को मॉडर्न ऑडियंस के लिए नया रूप दे पाती हैं.

परिवार बना सबसे बड़ा सहारा
मेहर इस सफर में अपने परिवार खासकर अपने पिता के सपोर्ट को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानती हैं. उनका कहना है कि परिवार के भरोसे और साथ ने उन्हें डिजाइनर और बिजनेस फाउंडर दोनों भूमिकाओं को बेहतर तरीके से निभाने की ताकत दी.

अब अंतरराष्ट्रीय बाजार पर नज़र
मेहर का अगला लक्ष्य है नोयरा को इंटरनेशनल मार्केट तक ले जाना. उनका सपना है कि भारत में बनी हाई-क्वालिटी और यूनिक ज्वेलरी को ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर पहचान मिले.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें

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