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दिल्ली-एनसीआर में मानसून के बावजूद बारिश न नहीं हो रही है. उमस बढ़ी है. हवा में नमी और पसीना न सूखने से लोग चिपचिपी गर्मी से परेशान हैं. आईएमडी ने हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है.
इसकी सबसे बड़ी वजह हवा में बढ़ी हुई नमी है. एआई की फोटो
नई दिल्ली. दिल्ली-एनसीआर में मानसून आ चुका है, लेकिन बारिश नहीं हो रही हैै. लोगों को अभी भी गर्मी और उमस से राहत नहीं मिल रही है. आसमान में बादल लगातार छाए रहते हैं, लेकिन अधिकांश इलाकों में केवल हल्की या छिटपुट बारिश हो रही है. ऐसे में तापमान बहुत अधिक नहीं होने के बावजूद लोग चिपचिपी गर्मी से परेशान हैं. आखिर इसकी वजह क्या है, एक्सपर्ट से जानते हैं.
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इसकी सबसे बड़ी वजह हवा में बढ़ी हुई नमी है. मानसून आने के बाद वातावरण में नमी का स्तर काफी बढ़ जाता है. सामान्य दिनों में बारिश होने से यह नमी संतुलित रहती है और वातावरण ठंडा हो जाता है, लेकिन जब बादल तो हों और बारिश न हो, तब यही नमी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाती है.
विशेषज्ञ बताते हैं कि अधिक नमी के कारण शरीर से निकलने वाला पसीना जल्दी नहीं सूखता. पसीना शरीर को ठंडा रखने का काम करता है, लेकिन जब वह सूख नहीं पाता तो शरीर को सामान्य से अधिक गर्मी महसूस होती है. यही कारण है कि 34 से 36 डिग्री सेल्सियस तापमान भी 40 डिग्री जैसी गर्मी का अहसास कराने लगता है.
बारिश नहीं होने का असर जमीन के तापमान पर भी पड़ रहा है. बारिश से जमीन ठंडी होती है, लेकिन मौजूदा समय ऐसा नहीं हो पा रहा है. दिनभर गर्म हुई जमीन रात में भी गर्मी छोड़ती रहती है, जिससे रात के समय भी उमस बनी रहती है और लोगों को राहत नहीं मिलती. यही वजह है कि सुबह और देर शाम भी चिपचिपी गर्मी महसूस हो रही है.
मौसम विभाग के अनुसार, इन दिनों दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि हवा में नमी का स्तर कई बार 70 से 90 प्रतिशत तक पहुंच रहा है. इतनी अधिक नमी के कारण उमस काफी बढ़ जाती है.
मौसम विभाग (आईएमडी) का कहना है कि आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. यदि अच्छी बारिश होती है तो तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है. जब तक ऐसा नहीं होता है तब तक राजधानी के लोगों को मानसून के बावजूद गर्मी और उमस दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है.
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करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें
