QS World Ranking में IIT Delhi का जलवा, 118वीं रैंक के साथ बना भारत का नंबर 1 संस्थान

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रिसर्च और वैज्ञानिक काम के मामले में भी IT दिल्ली ने अपनी पकड़ मजबूत की है. Citations per Faculty में 26 स्थानों का सुधार हुआ है. यह दिखाता है कि यहां के प्रोफेसर्स और शोधकर्ताओं का काम दुनिया भर में ज्यादा प्रभाव डाल रहा है.

दिल्ली: देश की राजधानी में स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्टता का परिचय देते हुए वैश्विक स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है. QS World University Rankings 2027 में आईआईटी दिल्ली ने 118वीं रैंक प्राप्त की है. यह भारत के किसी भी शैक्षणिक संस्थान का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है. खास बात यह है कि संस्थान ने पिछले वर्ष की तुलना में 5 स्थानों की छलांग लगाते हुए अपनी स्थिति और मजबूत की है.

चार वर्षों में 79 पायदान की शानदार बढ़त
आईआईटी दिल्ली की यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि पिछले चार वर्षों में संस्थान ने अपनी वैश्विक रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है. वर्ष 2024 में आईआईटी दिल्ली की रैंकिंग 197 थी, जबकि अब यह बढ़कर 118 पर पहुंच गई है. इस तरह संस्थान ने चार वर्षों में कुल 79 स्थानों की प्रभावशाली छलांग लगाई है, जो उसकी लगातार बढ़ती शैक्षणिक और शोध क्षमता को दर्शाती है.

रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में भी आगे
इस वर्ष की रैंकिंग में Employer Reputation यानी नियोक्ताओं के बीच प्रतिष्ठा के मामले में भी आईआईटी दिल्ली ने शानदार प्रदर्शन किया है. संस्थान ने इस श्रेणी में 11 स्थानों की बढ़त हासिल करते हुए वैश्विक स्तर पर 39वां स्थान प्राप्त किया है. इसका अर्थ है कि दुनिया भर की प्रतिष्ठित कंपनियां और नियोक्ता आईआईटी दिल्ली के छात्रों को अधिक सक्षम, भरोसेमंद और रोजगार के लिए तैयार मानते हैं. वहीं Employment Outcomes श्रेणी में संस्थान ने 60 स्थानों की बड़ी छलांग लगाई है. यह उपलब्धि दर्शाती है कि यहां से पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को बेहतर नौकरी, उच्च वेतन और उत्कृष्ट करियर अवसर प्राप्त हो रहे हैं.

रिसर्च के क्षेत्र में भी बढ़ा प्रभाव
शोध और नवाचार के क्षेत्र में भी आईआईटी दिल्ली ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है. Citations per Faculty श्रेणी में संस्थान ने 26 स्थानों का सुधार किया है. यह संकेत देता है कि आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसरों और शोधकर्ताओं द्वारा किए गए शोध कार्यों को वैश्विक स्तर पर अधिक मान्यता और उद्धरण मिल रहे हैं. इससे संस्थान की शोध गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव दोनों में वृद्धि हुई है.

इंजीनियरिंग के कई विषय दुनिया के टॉप-50 में
मार्च 2026 में जारी QS Subject Rankings में भी आईआईटी दिल्ली का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा. संस्थान के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, केमिकल इंजीनियरिंग और सिविल इंजीनियरिंग जैसे कई विषय दुनिया के शीर्ष 50 विषयों में शामिल हुए. इसके अलावा Engineering and Technology श्रेणी में आईआईटी दिल्ली ने वैश्विक स्तर पर 36वां स्थान हासिल किया. भारत में अपनी नंबर-एक स्थिति बरकरार रखी. यह उपलब्धि संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध क्षमता और उद्योग जगत से मजबूत जुड़ाव को दर्शाती है.

क्या बोले आईआईटी दिल्ली के अधिकारी?
आईआईटी दिल्ली के डीन प्रोफेसर सोमनाथ बैद्य रॉय ने इस उपलब्धि पर खुशी जताया. साथ ही उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल रैंकिंग में बेहतर स्थान हासिल करना नहीं है, बल्कि छात्रों को सुलभ, किफायती और विश्वस्तरीय तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराना है. आईआईटी दिल्ली लगातार अपने पाठ्यक्रमों को आधुनिक बना रहा है. शोध सुविधाओं का विस्तार कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ा रहा है. उनके अनुसार, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, नवाचार आधारित शिक्षा और वैश्विक साझेदारी के बल पर संस्थान आने वाले वर्षों में और ऊंचाइयों तक पहुंचेगा.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें

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