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दिल्ली के बहुचर्चित 650 करोड़ रुपये के कथित दवा घोटाले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल रंगीला ब्रदर्स के देश छोड़कर जर्मनी भाग जाने के बाद जांच एजेंसियों ने उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया है.
दिल्ली स्वास्थ्य घोटाले को लेकर जांच एजेेसियों ने सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. दिल्ली में 650 करोड़ रुपए के कथित दवा घोटाले में जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रंगीला ब्रदर्स के खिलाफ शिकंजा और कस दिया है. आरोपियों के जर्मनी भाग जाने की जानकारी सामने आने के बाद उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया गया है, ताकि उनके भारत लौटते ही उन्हें हिरासत में लिया जा सके. जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और विदेशों तक फैले संभावित कनेक्शन की गहन पड़ताल कर रही हैं. सूत्रों के मुताबिक, इस घोटाले में फर्जी कंपनियों, संदिग्ध बिलिंग और दवाओं की खरीद-बिक्री में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप है.
एजेंसियों का मानना है कि करोड़ों रुपये की रकम को अलग-अलग माध्यमों से इधर-उधर किया गया और कुछ धन विदेश भेजे जाने की भी आशंका है. इसी कड़ी में आरोपियों की विदेश यात्रा, बैंक खातों और संपत्तियों की जांच तेज कर दी गई है. जांच अधिकारियों का कहना है कि रंगीला ब्रदर्स के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. इंटरपोल और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से भी समन्वय स्थापित किया जा सकता है, ताकि आरोपियों की लोकेशन का पता लगाया जा सके और उन्हें भारत लाने की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके.
650 करोड़ रुपए के कथित दवा घोटाले पर AAP ने सरकार को घेरा
दवा घोटाले को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने सोमवार को लोकनायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल के बाहर मौन सांकेतिक प्रदर्शन किया. दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में पार्टी कार्यकर्ताओं ने लंबी मानव शृंखला बनाकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं के हाथों में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व डीजीएचएस डॉ. वत्सला अग्रवाल की तस्वीर वाले पोस्टर थे, जिन पर लिखा था, “ये रिश्ता क्या कहलाता है?”
निष्पक्ष जांच की मांग
प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई. पार्टी नेताओं का आरोप है कि भाजपा सरकार ने नियमों में बदलाव कर सरकारी अस्पतालों की खरीद प्रक्रिया को केंद्रीकृत किया, जिससे कथित रूप से बड़े स्तर पर अनियमितताओं को बढ़ावा मिला.
राजीव रंगीला को समय रहते गिरफ्तार नहीं किया
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि घोटाले के कथित मास्टरमाइंड राजीव रंगीला को समय रहते गिरफ्तार नहीं किया गया और उसे देश छोड़कर जर्मनी जाने का मौका मिल गया. उन्होंने कहा कि यदि समय पर कार्रवाई की जाती तो पूरे मामले का सच सामने आ सकता था. उन्होंने मांग की कि राजीव रंगीला को भारत लाकर पूछताछ की जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित घोटाले में किन-किन लोगों की भूमिका रही.
सीएम रेखा गुप्ता से मांगा इस्तीफा
बुराड़ी विधायक संजीव झा ने आरोप लगाया कि बिना राजनीतिक संरक्षण के इतना बड़ा घोटाला संभव नहीं है. उन्होंने दावा किया कि एसीबी की एफआईआर में करोड़ों रुपए की खरीद में भारी वित्तीय अनियमितताओं का उल्लेख है। उनके अनुसार बाजार मूल्य की तुलना में कई गुना अधिक कीमत पर दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों की खरीद की गई. उन्होंने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
