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दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार टीएस संधू ने इंडिया हैबिटेट सेंटर में ‘इंडिया फाउंडेशन प्रोग्राम’ की अध्यक्षता की. इस दौरान उन्होंने श्री कांची कामकोटि पीठ के 70वें पीठाधिपति शंकराचार्य स्वामी श्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती स्वामिगल का भव्य स्वागत किया. एलजी ने 2500 वर्षों से अधिक पुरानी इस पीठ को जीवंत सभ्यतागत संस्था बताते हुए वेद, विद्या और वैद्य के क्षेत्र में इसके अतुलनीय योगदान और राष्ट्रीय एकता के प्रयासों की जमकर सराहना की.
एलजी कार्यक्रम में पहुंचे.
दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) सरदार टीएस संधू ने इंडिया हैबिटेट सेंटर के स्टीन ऑडिटोरियम में आयोजित ‘इंडिया फाउंडेशन प्रोग्राम’ की अध्यक्षता की. इस विशेष गरिमामयी कार्यक्रम में श्री कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य स्वामी श्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती स्वामिगल मुख्य रूप से उपस्थित रहे. उपराज्यपाल ने पीठ के 70वें पीठाधिपति स्वामी जी का देश की राजधानी में गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की. इस अवसर पर इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. राम माधव सहित बड़ी संख्या में नीति निर्माता, राजनयिक और विद्वान भी मौजूद रहे.
2,500 वर्षों से अधिक पुरानी जीवंत सभ्यतागत संस्था
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल सरदार टीएस संधू ने श्री कांची कामकोटि पीठ की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्ता को रेखांकित किया. उन्होंने इस पीठ को महज एक आध्यात्मिक केंद्र न मानकर एक जीवंत सभ्यतागत संस्था (Living Civilisational Institution) करार दिया. एलजी ने कहा कि जगद्गुरु आदि शंकराचार्य द्वारा कांचीपुरम में स्थापित इस पीठ ने पिछले 2,500 से अधिक वर्षों में वेद, विद्या और वैद्य के क्षेत्रों में 71 आचार्यों की एक अटूट और गौरवशाली परंपरा को संजोकर रखा है. यह देश की सांस्कृतिक निरंतरता का एक अद्भुत उदाहरण है.
वेद, विद्या और वैद्य: पीठ के तीन मजबूत स्तंभ
वेद: वैदिक छात्रवृत्ति और प्राचीन ज्ञान के संरक्षण को निरंतर बढ़ावा देना.
विद्या: इंटीग्रेटेड पाठशालाओं और ‘श्री चंद्रशेखरेंद्र सरस्वती विश्व महाविद्यालय’ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के माध्यम से आधुनिक और पारंपरिक शिक्षा का समन्वय.
वैद्य: देश भर में धर्मार्थ स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों (Charitable Healthcare Institutions) का एक विशाल नेटवर्क संचालित कर समाज के वंचित वर्गों की सेवा करना.
राष्ट्रीय एकता में बड़ा योगदान
एलजी ने पूर्वोत्तर राज्यों (North-East) और जम्मू-कश्मीर में आध्यात्मिक आउटरीच के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए पीठ के प्रयासों की जमकर तारीफ की. इसके साथ ही उन्होंने प्राचीन पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण और पारंपरिक मंदिर वास्तुकला के पुनरुद्धार की दिशा में किए जा रहे कार्यों को भी सराहा.
विकसित भारत के संकल्प को मिलेगी प्रेरणा
अपने संबोधन के समापन पर उपराज्यपाल सरदार टीएस संधू ने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी होने के साथ-साथ विभिन्न परंपराओं और समुदायों का एक खूबसूरत मिलन स्थल है. हमारी यह ऐतिहासिक नगरी ‘विकसित भारत’ की अपनी यात्रा में ऐसी महान सभ्यतागत संस्थाओं से गहरा प्रभाव और प्रेरणा लेती है. उन्होंने विश्वास जताया कि श्री कांची कामकोटि पीठ द्वारा पोषित शाश्वत मूल्य देश को बुद्धिमत्ता, शांति और सद्भाव के मार्ग पर आगे ले जाते रहेंगे. एलजी ने स्वामी जी को सादर प्रणाम करते हुए उनसे सभा को अपने आशीर्वचन से अनुगृहीत करने का अनुरोध किया.
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डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें
