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दिल्ली, जिसे कभी देश के सबसे प्रदूषित शहरों में गिना जाता था, इन दिनों साफ हवा के मामले में पहाड़ों को टक्कर देती नजर आ रही है. लगातार बारिश और सक्रिय मानसून के चलते राजधानी की हवा में जबरदस्त सुधार दर्ज किया गया है. गुरुवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 48 रिकॉर्ड किया गया.
बारिश की वजह से दिल्ली का AQI ‘गुड’ कैटेगरी में पहुंच गया है. (एआई)
नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली इन दिनों सिर्फ मौसम ही नहीं, बल्कि हवा की गुणवत्ता को लेकर भी सुर्खियों में है. लंबे समय बाद ऐसा देखने को मिला है जब दिल्ली की हवा देश के कई पहाड़ी पर्यटन स्थलों जितनी साफ हो गई है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 48 दर्ज किया गया. यह स्तर ‘अच्छी’ श्रेणी में आता है. दिलचस्प बात यह है कि मेघालय की राजधानी शिलांग का AQI भी 48 रिकॉर्ड किया गया, जबकि सिक्किम की राजधानी गंगटोक का AQI 52 रहा. इसका मतलब यह हुआ कि कुछ समय के लिए दिल्ली की हवा शिलांग जितनी स्वच्छ और गंगटोक से भी बेहतर दर्ज की गई.
AQI 48 के साथ दिल्ली के लिए इस साल का पहला ‘अच्छा’ (0–50) एयर क्वालिटी डे दर्ज किया गया. 2026 में पहली बार दिल्ली की हवा ‘गुड’ श्रेणी में पहुंची है. इससे पहले दिल्ली में आखिरी ‘गुड’ AQI डे 10 सितंबर 2023 को दर्ज हुआ था. 10 सितंबर 2023 को दैनिक औसत AQI 45 था. लगभग तीन साल बाद दिल्ली की हवा फिर ‘गुड’ श्रेणी में पहुंची है.
विशेषज्ञों के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश, तेज हवाओं और मानसूनी गतिविधियों ने प्रदूषण फैलाने वाले कणों को काफी हद तक साफ कर दिया है. बारिश के कारण धूल और पीएम 2.5 तथा पीएम 10 जैसे सूक्ष्म कण जमीन पर जम गए, जिससे हवा की गुणवत्ता में तेजी से सुधार आया. हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि यह स्थिति स्थायी नहीं है. मानसून कमजोर पड़ने और सर्दियों की शुरुआत के साथ प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ सकता है. फिलहाल, दिल्लीवासियों को लंबे समय बाद साफ और ताजी हवा में सांस लेने का मौका मिला है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
