Noida Road Condition: मानसून में खुली नोएडा प्राधिकरण के दावों की पोल, गड्ढों में तब्दील हुईं शहर की मुख्य सड़कें, जनता परेशान

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मानसून की पहली जोरदार बारिश ने जहां एक तरफ उमस से राहत दी है, वहीं नोएडा प्राधिकरण के दावों की कलई खोलकर रख दी है. शहर में मानसून पूरी तरह दस्तक दे चुका है, लेकिन प्रमुख सड़कों पर बने गहरे गड्ढे, उखड़ा डामर और जलभराव अब वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं. अप्रैल तक सड़कें दुरुस्त करने का दावा करने वाला प्राधिकरण अब बारिश का बहाना बनाकर रिसर्फेसिंग के काम से पल्ला झाड़ता दिख रहा है, जिससे दिल्ली-एनसीआर के इस हाईटेक शहर की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है.

Noida Road Condition: मानसून ने नोएडा-एनसीआर में पूरी तरह दस्तक दे दी है, लेकिन शहर की कई प्रमुख सड़कें अब भी गड्ढों, उखड़े डामर और टूटी सतह के साथ लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं. सड़कों की मरम्मत और रिसर्फेसिंग को लेकर प्राधिकरण ने समय-समय पर बड़े दावे किए थे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है. अब जबकि लगातार बारिश शुरू हो चुकी है, ऐसे में नई रिसर्फेसिंग का काम होना भी मुश्किल माना जा रहा है. नतीजा यह है कि वाहन चालकों को रोजाना झटके खाते हुए सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.

इन प्रमुख सेक्टरों और मार्गों पर सबसे बदहाल हालात
सबसे खराब हालात सेक्टर-37 से सिटी सेंटर जाने वाली सड़क, सेक्टर-51, 52 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जोड़ने वाले मार्ग तथा इस्कॉन मंदिर से सेक्टर-12/22 चौकी तक जाने वाली सड़क के हैं. इन मार्गों पर जगह-जगह गहरे गड्ढे, उखड़ा डामर और टूटी सड़कें दुर्घटनाओं को न्योता दे रही हैं. इसके अलावा शहर के कई अन्य हिस्सों में भी सड़कें इसी तरह बदहाल पड़ी हैं. बारिश के कारण गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ गया है.

समय सीमा बीतने के बाद भी अधूरे पड़े हैं टेंडर के काम
नोएडा प्राधिकरण ने पहले अप्रैल तक सड़क मरम्मत पूरी करने का लक्ष्य तय किया था और इसके लिए बड़ी संख्या में टेंडर भी जारी किए गए थे. कुछ स्थानों पर मरम्मत का काम जरूर हुआ, लेकिन कई प्रमुख मार्ग अब भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. अब मानसून के दौरान रिसर्फेसिंग संभव नहीं होने के कारण इन सड़कों की हालत में जल्द सुधार की उम्मीद भी कम नजर आ रही है. ऐसे में प्राधिकरण के सड़क सुधार संबंधी दावे सवालों के घेरे में हैं.

स्थानीय निवासियों में आक्रोश, हादसों और जाम का बढ़ा खतरा
शहरवासियों का कहना है कि हर साल बरसात से पहले सड़कें दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन मानसून आते-आते वही सड़कें बदहाल हालत में नजर आती हैं. लगातार खराब सड़कों के कारण वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, जाम की समस्या बढ़ रही है और हादसों का खतरा भी बना हुआ है.

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Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें

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