ग्रेटर नोएडा: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास कार्यों के बीच रियल एस्टेट बाजार को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है. एक ओर कई कारोबारी और निवेशक क्षेत्र में जबरदस्त उछाल और बढ़ती मांग की बात कर रहे हैं. वहीं कुछ कारोबारी बाजार को फिलहाल स्थिर बताते हुए भविष्य की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. ऐसे में रियल एस्टेट सेक्टर में बूम और स्थिरता को लेकर बहस तेज हो गई है.
रियल एस्टेट कारोबारी बृजभूषण गुप्ता का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, रेलवे कॉरिडोर और अन्य आधारभूत परियोजनाओं का क्षेत्र के विकास पर बड़ा असर पड़ने वाला है. उन्होंने कहा कि जिस तरह दिल्ली में एयरपोर्ट के आसपास की जमीनों और संपत्तियों के दामों में तेजी आई थी. उसी तरह यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में भी कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया
उनका कहना है कि दिसंबर तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने और रेलवे कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ने से आने वाले दो से तीन वर्षों में क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है. उन्होंने अनुमान जताया कि भविष्य में संपत्तियों के दाम डेढ़ गुना तक बढ़ सकते हैं.
बृजभूषण गुप्ता ने यह भी कहा कि एयरपोर्ट परियोजना के आगे बढ़ने से रियल एस्टेट बाजार में नई ऊर्जा आई है. उनके अनुसार, कुछ समय पहले वैश्विक परिस्थितियों और आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण बाजार में जो सुस्ती दिखाई दे रही थी. वह अब काफी हद तक दूर हो चुकी है और कारोबार फिर से पटरी पर लौट रहा है.
इन लोगों को मिलेगा लाभ
वहीं रियल एस्टेट कारोबारी राकेश सिंघल का कहना है कि एयरपोर्ट से कार्गो सेवाओं की शुरुआत और बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा लाभ उद्योग, लॉजिस्टिक्स और व्यावसायिक गतिविधियों को मिलेगा. उन्होंने बताया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में बड़ी संख्या में उद्योग और व्यावसायिक परियोजनाएं विकसित हो रही हैं. इससे निवेशकों और उद्यमियों का रुझान लगातार बढ़ रहा है.
सिंघल के अनुसार, सेक्टर-24 और 24 ए जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक, व्यावसायिक और ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं की मांग तेजी से बढ़ी है. उन्होंने कहा कि पतंजलि सहित कई बड़ी कंपनियां यहां अपनी इकाइयां स्थापित कर चुकी हैं, जिससे क्षेत्र के विकास को और गति मिली है.
बाजार में बढ़ी प्रतिस्पर्धा
हालांकि, स्थानीय निवासियों का एक वर्ग बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता भी जता रहा है. लोकेश भाटी का कहना है कि एयरपोर्ट का सपना पूरा होना क्षेत्र के लिए गर्व की बात है, लेकिन इसके साथ ही प्रॉपर्टी की कीमतें इतनी तेजी से बढ़ी हैं कि मध्यम वर्ग के लिए घर खरीदना कठिन होता जा रहा है. उन्होंने कहा कि दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद सहित कई शहरों से निवेशक यहां पहुंच चुके हैं, जिससे बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है.
कीमत से ज्यादा रकम देने को तैयार खरीदार
सुभाष भाटी ने कहा कि एयरपोर्ट और विकास परियोजनाओ के बाद रियल एस्टेट में तेजी आई है. उनका कहना है कि पहले जो संपत्तियां आम लोगों की पहुंच में थीं, अब उनके दाम लगातार बढ़ रहे हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जिस संपत्ति की कीमत आज 1.50 करोड़ रुपये है, उसके लिए खरीदार 1.60 करोड़ रुपये तक देने को तैयार हैं. इससे बाजार में निवेशकों की बढ़ती रुचि साफ दिखाई देती है.
मंदी हुई कम, आ सकता है बूम
दूसरी ओर, रियल एस्टेट कारोबारी दीपक नागर का नजरिया थोड़ा अलग है. उनका कहना है कि बाजार में फिलहाल स्थिरता बनी हुई है और इसे बड़े बूम की स्थिति कहना जल्दबाजी होगी. उनके अनुसार, पहले की तुलना में मंदी जरूर कम हुई है, लेकिन अभी मांग सामान्य स्तर पर है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एयरपोर्ट और अन्य परियोजनाओं का वास्तविक प्रभाव सामने आएगा, तब बाजार की दिशा और स्पष्ट हो सकेगी.
