Last Updated:
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिमी यूपी के गाजियाबाद का तूफानी दौरा कर सियासी माहौल गरमा दिया है. ₹868 करोड़ की सौगातों, कांवड़ यात्रा की समीक्षा और दूधेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के जरिए सीएम योगी ने विपक्ष की घेराबंदी शुरू कर दी है. जानिए कैसे सीएम योगी पश्चिमी यूपी से लखनऊ की दूरी कम करेंगे.
सीएम योगी का पश्चिमी यूपी प्लान.
गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है. लोकसभा चुनाव के नतीजों से सबक लेते हुए भारतीय जनता पार्टी और सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अब किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं हैं. यही वजह है कि उत्तर प्रदेश की सत्ता की चाबी माने जाने वाले ‘पश्चिमी उत्तर प्रदेश’ को साधने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ खुद मैदान में उतर चुके हैं. मुख्यमंत्री का हालिया दो दिवसीय गाजियाबाद और वेस्ट यूपी दौरा महज एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि इसके पीछे गहरे राजनीतिक और रणनीतिक मायने छिपे हैं. 17 जुलाई को विकास कार्यों की झड़ी लगाने से लेकर 18 जुलाई की सुबह मंदिर में जलाभिषेक करने तक, सीएम योगी का यह दौरा पूरी तरह से ‘मिशन 2027’ की तैयारी का शंखनाद माना जा रहा है.
गाजियाबाद में सीएम योगी का 24 घंटे का चक्रव्यूह
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गाजियाबाद दौरा हर लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण और सघन रहा. उन्होंने जिले को न केवल आर्थिक रूप से बड़ी सौगातें दीं, बल्कि कानून व्यवस्था और धार्मिक यात्राओं को लेकर भी कड़ा संदेश दिया. सीएम योगी ने गाजियाबाद में लगभग ₹868 करोड़ की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस भारी भरकम निवेश के जरिए सरकार ने साफ कर दिया कि पश्चिमी यूपी का इंफ्रास्ट्रक्चर उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है.
जब अच्छे जनप्रतिनिधि चुनकर आते हैं और उनमें निर्णय लेने का सामर्थ्य होता है, तब विकास की प्रक्रिया मजबूती के साथ आगे बढ़ती है।
जनपद गाजियाबाद में आज मुरादनगर एवं मोदीनगर विधान सभा क्षेत्रों हेतु ₹868 करोड़ से अधिक लागत की 90 जनहितकारी परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया।… pic.twitter.com/pT4sxVaY66
