Commonwealth Games 2026: 3 साल के बच्चे की मां, पति बना कोच… कौन हैं सीमा कालीरमन? डिस्कस थ्रो में भारत को दिलाया मेडल

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seema kaliramna discus throw bronze medal: सीमा कालीरमन को नाइजीरिया की पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स की मेडल विनर ओबियागेरी अमेची, विश्व चैंपियनशिप की फाइनलिस्ट जमैका की सामंथा हॉल और कनाडा की जूलिया टंक्स जैसी मजबूत खिलाड़ियों ने से कड़ी टक्कर मिली. सीमा ने अपने छह प्रयासों में सिर्फ दो वैलिड थ्रो किए. उन दो थ्रो का प्रदर्शन इतना रहा कि वह तीसरे स्थान पर रहकर ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रहीं.

सीमा कालीरमन ने डिस्कस थ्रो में जीता ब्रॉन्ज.

नई दिल्ली. भारत की डिस्कस थ्रो खिलाड़ी सीमा कालीरमन ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को एक और मेडल दिलाया. गुरुवार देर रात ग्लासगो के स्कॉटस्टाउन स्टेडियम में खेले गए महिला डिस्कस थ्रो फाइनल में सीमा ने 58.65 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. सीमा ने अपने दूसरे प्रयास में 57.32 मीटर का थ्रो किया था, लेकिन तीसरे प्रयास में 58.65 मीटर की दूरी तय कर पोडियम पर अपनी जगह सुनिश्चित कर ली. वहीं, भारत की दूसरी एथलीट निधि रानी ने 57.10 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ चौथा स्थान हासिल किया और मामूली अंतर से मेडल से चूक गईं.

मां बनने के बाद शानदार वापसी
सीमा कालीरमन की कहानी संघर्ष और वापसी की मिसाल है. वह 3 साल के बेटे की मां हैं और बच्चे के जन्म के बाद उन्होंने पिछले साल नेशनल गेम्स के जरिए मैदान पर वापसी की थी. वापसी आसान नहीं थी. खुद सीमा ने बताया था कि शुरुआत में वह डिस्कस को सही तरीके से रिलीज भी नहीं कर पा रही थीं. सीमा के मुताबिक, इस मुश्किल दौर में उनके पति रविंदर (उनके कोच भी हैं) ने लगातार उनका हौसला बढ़ाया. उनकी ट्रेनिंग और मार्गदर्शन की बदौलत सीमा न सिर्फ अपनी पुरानी लय में लौटीं, बल्कि पहले से बेहतर प्रदर्शन करने लगीं.

पीएचडी होल्डर भी हैं सीमा
खेल के साथ-साथ सीमा पढ़ाई में भी अव्वल रही हैं. उनके पास फिजिकल एजुकेशन में डॉक्टरेट (PhD) की डिग्री है. खेल और शिक्षा दोनों में संतुलन बनाते हुए उन्होंने अब कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए पदक जीतकर नया मुकाम हासिल किया है. सीमा कालीरमन का यह मेडल सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि भारतीय महिला डिस्कस थ्रो की शानदार विरासत को भी आगे बढ़ाता है. कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में यह महिला डिस्कस थ्रो में भारत का नौवां मेडल है. इससे पहले सीमा पूनिया अकेले चार कॉमनवेल्थ मेडल जीत चुकी हैं, जिनमें तीन सिल्वर शामिल हैं. सीमा कालीरमन इस इवेंट में मेडल जीतने वाली भारत की छठी अलग महिला एथलीट बन गई हैं.

सामंथा हॉल बनीं चैंपियन
जमैका की सामंथा हॉल ने 61.66 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ गोल्ड जीता. कनाडा की जूलिया टंक्स ने 60.67 मीटर का थ्रो कर सिल्वर अपने नाम किया. सीमा ने कड़ी टक्कर के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलाया. सीमा के ब्रॉन्ज के साथ भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपना 17वां मेडल हासिल कर लिया. फिलहाल भारत के खाते में 3 गोल्ड, 10 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज हैं और टीम मेडल टेबल में 10वें स्थान पर है.

एथलेटिक्स में भारत का शानदार प्रदर्शन
भारत ने एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में अब तक 2 गोल्ड, 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं. इसके अलावा वेटलिफ्टिंग में 1 गोल्ड, 6 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज, जबकि पैरा पावरलिफ्टिंग में 1 ब्रॉन्ज मेडल देश के नाम रहा है. नौवें दिन भारतीय खिलाड़ी मेडलों की संख्या को बढ़ाने उतरेंगे. देखना होगा कि भारत का प्रदर्शन कैसा रहता है.

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Shivam Upadhyay

परिचय
शिवम उपाध्याय एक खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट उनकी विशेषज्…

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