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दिल्ली को हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए DDA ने एक बड़ा कदम उठाया है. शनिवार को राजधानी की 77 जगहों पर एक साथ एक लाख से ज्यादा पौधे लगाए गए. इस महाअभियान की शुरुआत कमला नेहरू रिज से हुई. दिल्ली के उपराज्यपाल ने युवाओं से इसे जन आंदोलन बनाने की अपील की है. हर प्लांटेशन साइट के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा.
LG तरणजीत सिंह संधू का निर्देश: प्लांटेशन साइट पर नोडल अधिकारी होंगे जिम्मेदार, DDA लगाएगा 23 लाख पौधे.
नई दिल्ली: दिल्ली को प्रदूषण से बचाने और पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है. दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने शनिवार को एक ऐतिहासिक प्लांटेशन ड्राइव को अंजाम दिया. राजधानी की 77 अलग-अलग जगहों पर एक ही दिन में एक लाख से ज्यादा पौधे लगाए गए. यह दिल्ली को हरित और क्लाइमेट फ्रेंडली बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल है. इस बड़े अभियान की शुरुआत कमला नेहरू रिज से की गई. दिल्ली के उपराज्यपाल ने खुद पौधा लगाकर इस ड्राइव को हरी झंडी दिखाई. इस मौके पर स्कूल-कॉलेज के स्टूडेंट्स भी मौजूद थे. आरडब्ल्यूए (RWA) मेंबर्स और मॉर्निंग वॉकर्स ने भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. उपराज्यपाल ने साफ कहा कि इसे सिर्फ एक दिन का इवेंट न माना जाए. उन्होंने इस प्लांटेशन ड्राइव को रेगुलर बेसिस पर चलाने का निर्देश दिया है. उनका फोकस युवाओं को इस पर्यावरण संरक्षण मिशन से जोड़ने पर है.
पौधों की सुरक्षा के लिए कौन लेगा जिम्मेदारी?
पौधे लगाने के बाद उनकी सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती होती है. इसीलिए LG ने हर साइट पर एक नोडल अधिकारी तैनात करने का निर्देश दिया है. यह अधिकारी तब तक जिम्मेदार होगा जब तक पौधा बड़ा पेड़ नहीं बन जाता. अगर पौधे को कोई नुकसान पहुंचता है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी. हर अधिकारी को अपने इलाके की पूरी मॉनिटरिंग करनी होगी. इससे अभियान का असली मकसद पूरा हो सकेगा. इससे पौधों के सरवाइवल रेट में भारी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी.
कमला नेहरू रिज और अन्य जगहों पर कौन से पौधे लगे?
इस अभियान के तहत लोकल प्रजातियों के पौधे लगाने पर फोकस किया गया. कमला नेहरू रिज में ढोक, अमलतास और ढाक जैसे पौधे लगाए गए. ये पौधे दिल्ली के इकोसिस्टम के लिए सबसे अच्छे माने जाते हैं. इसके अलावा अरावली बायोडायवर्सिटी पार्क और संजय वन जैसी 76 अन्य जगहों पर भी पौधारोपण हुआ. वहां पीपल, नीम, जामुन और अर्जुन जैसे पेड़ लगाए गए. दिलशाद गार्डन और वसंत उद्यान के पार्कों में भी भारी प्लांटेशन हुआ है.
DDA को केंद्र सरकार ने क्या बड़ा टारगेट दिया है?
यह पूरी कवायद मौजूदा मानसून सीजन के वनीकरण प्रोग्राम का हिस्सा है. केंद्र सरकार ने हाल ही में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान शुरू किया था. इसके तहत देशभर में करोड़ों पौधे लगाए जा रहे हैं. दिल्ली में DDA को 23 लाख देशी पौधे लगाने का बड़ा टारगेट मिला है. इस मानसून सीजन में सिर्फ रिज एरिया में ही लगभग 1.81 लाख पौधे लगाए जाएंगे. उपराज्यपाल ने रिज क्षेत्र में जल संरक्षण और इकोलॉजिकल रिस्टोरेशन के कामों की समीक्षा भी की. उपराज्यपाल ने इस बात पर खास जोर दिया कि रिज इलाके को दोबारा से हरा-भरा बनाया जाए.
इस बड़े महाअभियान से दिल्ली को क्या फायदा होगा?
DDA का मानना है कि इस ड्राइव से दिल्ली का ग्रीन कवर तेजी से बढ़ेगा. इसके साथ ही कार्बन एब्जॉर्प्शन में भी काफी मदद मिलेगी. दिल्ली की हवा में मौजूद धूल और पॉल्यूशन का लेवल कम होगा. शहरी तापमान को कंट्रोल करने में भी ये पेड़ अहम रोल निभाएंगे. इससे राजधानी की बायोडायवर्सिटी मजबूत होगी और नागरिकों को साफ हवा मिलेगी. दिल्ली वालों को इस महाअभियान से सीधा फायदा मिलने वाला है. आने वाले समय में दिल्ली की आबोहवा में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा. आने वाली पीढ़ियों के लिए यह एक शानदार ग्रीन लेगेसी साबित होगी.
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दीपक वर्मा की गिनती डिजिटल मीडिया के सबसे तेज और उभरते हुए चेहरों में होती है. वह न्यूज18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं. दीपक ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं…
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