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Ghaziabad Noida Heavy Rain: दिल्ली और एनसीआर में आज दिनभर बारिश हुई. एनसीआर के शहरों में गाजियाबाद और नोएडा में हुई मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. एक तरफ जारी कांवड़ यात्रा के रूट डायवर्जन और दूसरी तरफ सड़कों पर हुए भारी जलभराव के कारण दिल्ली-एनसीआर की रफ्तार थम गई है. गाजियाबाद के लोनी इलाके में पहली ही बारिश ने स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी. सड़कें जलमग्न होकर तालाब में तब्दील हो गईं.
सोशल मीडिया पर सामने आ रही वीडियो और तस्वीरों में देखा जा सकता है कि कैसे गाजियाबाद और नोएडा की सड़कें समंदर में तब्दील हो चुकी हैं. भारी बारिश के बीच हेडलाइट जलाकर रेंगते वाहन और घुटनों तक भरे पानी में उतरकर चलते लोग दावों की हकीकत बयां कर रहे हैं. कांवड़ यात्रियों को भी जलभराव के बीच से गुजरना पड़ रहा है, जिससे उनकी पवित्र यात्रा में भी बाधा उत्पन्न हो रही है.
मौसम विभाग ने गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में आने वाले दिनों में भी रुक-रुक कर भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है. इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस लगातार स्थिति को संभालने का दावा कर रहे हैं. हालांकि, जिस तरह से पहली ही बारिश में गाजियाबाद और लोनी की व्यवस्था ध्वस्त हुई है, उससे साफ है कि अगर बारिश का दौर ऐसे ही जारी रहा तो शहरवासियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.
गाजियाबाद जिले में शुक्रवार सुबह से ही रुक-रुक कर हो रही बारिश ने शाम ढलते ही तेज हो गई. तेज मूसलाधार बारिश के चलते शहर के कई इलाके जलमग्न हो गई. सड़कों पर रफ्तार पूरी तरह थम गई. कामकाजी लोग शाम को घर लौटने के लिए घंटों सड़कों पर फंसे रहे. बारिश के साथ-साथ चल रही कांवड़ यात्रा के कारण शहर के लगभग सभी प्रमुख मार्गों पर गाड़ियों का दबाव अचानक कई गुना बढ़ गया.
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लोनी और आसपास के इलाकों में जलभराव का आलम यह रहा कि पक्की सड़क और नालों में फर्क करना नामुमकिन हो गया. सड़कों पर लबालब भरे पानी के बीच से वाहन चालक और पैदल राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर दिखे. कई दुपहिया वाहन और ऑटो जलभराव में बंद हो गए, जिससे लोगों को धक्का मारना पड़ा. स्थानीय निवासियों ने नगर निगम और प्रशासन के जलनिकासी के दावों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन ने रूट डायवर्जन लागू किया है. लेकिन शाम को हुई अचानक तेज बारिश ने इस व्यवस्था की कमर तोड़ दी. कांवड़ियों की आवाजाही वाले सुरक्षित रास्तों के साथ-साथ सामान्य वाहनों के लिए तय किए गए वैकल्पिक मार्गों पर भारी जाम की स्थिति बन गई. जगह-जगह गाड़ियां रेंगती हुई नजर आईं, जिससे वाहन चालकों और कांवड़ियों दोनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
गाजियाबाद के साथ-साथ सटे हुए नोएडा में भी दिनभर बादलों का डेरा रहा और कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई. नोएडा के प्रमुख चौराहों और एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाले रास्तों पर भी पानी जमा होने के कारण यातायात बाधित हुआ. दफ्तरों से छूटने के समय बारिश होने से आईटी सेक्टर और मुख्य व्यावसायिक क्षेत्रों के बाहर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं. नोएडा-गाजियाबाद बॉर्डर पर लोगों को घंटों ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ा.
गाजियाबाद के लोनी इलाके की स्थिति सबसे चिंताजनक देखने को मिली. मानसून की पहली ही मूसलाधार बारिश ने लोनी नगरपालिका और स्थानीय प्रशासन की तैयारियों की पूरी तरह पोल खोलकर रख दी. थोड़ी ही देर की बारिश में लोनी की मुख्य सड़कें और कॉलोनियां जलमग्न हो गईं. सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी भर जाने से कई इलाके टापू जैसे नजर आने लगे और आम लोगों का घर से निकलना भी मुहाल हो गया.
