UP OTS Scheme 2026 : यूपी में हाउस, वाटर और सीवर टैक्स के बकाएदारों को बड़ी राहत, 15 अगस्त से OTS, तीन किस्तों में भर सकेंगे पैसा

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UP OTS Scheme 2026 Brief : यूपी सरकार ने 762 नगरीय निकायों में हाउस टैक्स, वाटर टैक्स और सीवर टैक्स के बकाएदारों के लिए OTS योजना लागू करने का फैसला किया है. योजना 15 अगस्त से 15 दिसंबर 2026 तक चलेगी और बकाया राशि तीन किस्तों में जमा करने की सुविधा मिलेगी. आइये जानते हैं इसके बारे में डिटेल में…

यूपी में ओटीएस योजना का दायरा काफी बड़ा रखा गया है.

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में हाउस टैक्स, वाटर टैक्स और सीवर टैक्स का बकाया रखने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है. योगी सरकार ने प्रदेश के सभी 762 नगरीय निकायों में एकमुश्त समाधान योजना यानी OTS लागू करने का फैसला किया है. इसके तहत लंबे समय से बकाया कर जमा करने वाले लोगों को राहत मिलेगी और पुराने बकाये के निस्तारण का मौका मिलेगा. योजना 15 अगस्त से शुरू होकर 15 दिसंबर 2026 तक चलेगी. इस योजना का लाभ प्रदेश के सभी 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायतों के पात्र बकाएदारों को मिलेगा. सरकार का मकसद पुराने संपत्ति कर के बकाये का आसान तरीके से निस्तारण करना, लोगों पर आर्थिक दबाव कम करना और कर संबंधी विवादों को घटाना है.

चार महीने तक मिलेगा OTS का मौका
OTS योजना 15 अगस्त से 15 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी. योजना के शुरुआती 30 दिनों यानी 15 अगस्त से 14 सितंबर तक नगरीय निकायों को संबंधित करदाताओं और हितधारकों तक योजना की जानकारी पहुंचाने और व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं. इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा पात्र लोगों को योजना का लाभ दिलाना है.

तीन किस्तों में भर सकेंगे बकाया
सरकार ने बकाएदारों को भुगतान में भी राहत दी है. OTS के तहत बकाया संपत्ति कर को अधिकतम 3 किस्तों में जमा किया जा सकेगा. योजना शुरू होने के 30 दिनों के भीतर बकाएदार को कुल बकाये की एक तिहाई रकम जमा करनी होगी. इसके बाद बची हुई दो तिहाई रकम अगले 2 महीनों में दो मासिक किस्तों में जमा की जा सकेगी. यानी पूरा भुगतान अधिकतम तीन महीने में करना होगा.

योजना का दायरा काफी बड़ा रखा गया है. इसमें हाउस टैक्स के साथ वाटर टैक्स और सीवर टैक्स के पुराने बकाये को भी शामिल किया गया है. इसका मतलब है कि जिन शहरी लोगों पर इन टैक्‍सों का लंबे समय से बकाया है, उन्हें एक साथ अपने पुराने खाते को निपटाने का मौका मिलेगा. यह योजना सिर्फ बकाएदारों को राहत देने तक सीमित नहीं है. सरकार को उम्मीद है कि OTS के जरिए नगरीय निकायों का लंबे समय से अटका राजस्व भी तेजी से वसूला जा सकेगा. इससे नगर निकायों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे अपने विकास कार्यों के लिए ज्यादा संसाधन जुटा सकेंगे.

नगर विकास मंत्री एके शर्मा के मुताबिक, OTS से मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल शहरों में सड़क, जल निकासी, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और दूसरी जरूरी जनसुविधाओं को बेहतर करने में किया जा सकेगा. सरकार का लक्ष्य नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत और अधिक आत्मनिर्भर बनाना है. यानी सरकार ने एक तरफ पुराने टैक्स बकाये में फंसे लोगों को भुगतान का आसान रास्ता दिया है, तो दूसरी तरफ नगर निकायों के खाली होते खजाने को भरने की कोशिश भी की है. अब देखना होगा कि 15 अगस्त से शुरू होने वाली यह OTS योजना कितने बकाएदारों को राहत दिलाती है और नगर निकायों को कितना अतिरिक्त राजस्व मिलता है.

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Sandeep KumarSenior Assistant Editor

Sandeep Kumar is a Senior journalist and digital newsroom leader with over 20 years of experience across television, print and digital media. He currently serves as a Senior Assistant Editor at News18 Hindi, le…

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