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Peptic Ulcer in Stomach: पेट बेहद जटिल मशीनरी है. इसे समझना आसान नहीं है. पेट में कई तरह की बीमारियां होती हैं. पेप्टिक अल्सर भी इनमें से एक है. पेप्टिक अल्सर जब किसी को होता है तो इसमें बेहद तकलीफ होती है. लेकिन लोगों को पता नहीं चल पाता कि यह बीमारी कौन सी है. पेप्टिक अल्सर का इलाज अगर समय पर न हुआ तो यह कैंसर का रूप भी ले सकती है. इसलिए हम यह पेप्टिक अल्सर के कुछ संकेतों को बता रहे हैं.
पेप्टिक अल्सर क्यों होता है.
Risk of Peptic Ulcer: पेट का सही रहना हमारी सेहत के लिए बेहद जरूरी है. अगर पेट में गड़बड़ी होती है तो इसका सीधा असर हमारी जिंदगी की गुणवत्ता पर होती है. मुश्किल यह है कि पेट की कई बीमारियों को हम समझ नहीं पाते और उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं. पेप्टिक अल्सर भी उनमें से एक है. पेप्टिक अल्सर आंत के निचले हिस्से में होने वाला एक प्रकार का घाव है. पेट के अंदर जब यह घाव होता है तो उसे गैस्ट्रिक अल्सर करते हैं और छोटी आंत के उपरी हिस्से में होता है तो इसे ड्यूडेनल अल्सर कहते हैं. जब पेट में एसिड छोटी आंत की म्यूकस लाइनिंग को खरोंचने लगता है तब पेप्टिक अल्सर होता है. इसमें बहुत तेज दर्द होता है. यदि समय रहते इसका इलाज न कराया जाए, तो लंबे समय बाद यह गंभीर रूप धारण कर सकता है और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का कारण भी बन सकता है.
पेप्टिक अल्सर कैसे होता है
मायो क्लीनिक के मुताबिक हमारे पेट में भोजन पचाने के लिए पेप्टिक जूस बनता है. यह एक तरह से पेप्टिक एसिड होता है. सामान्य स्थिति में पेट की अंदरुनी सतह यानी म्यूकस लाइनिंग इस तेज़ाब से हमारी रक्षा करती है लेकिन जब यह म्यूकस परत कमज़ोर हो जाती है तो एसिड सीधे अंगों की त्वचा को खरोंचने लगता है, जिससे वहां घाव या छाले बन जाते हैं. मायो क्लिनिक की रिपोर्ट के अनुसार इसके पीछे दो मुख्य कारण होते हैं. पहला एच. पायलोरी बैक्टीरिया. पेट में हेलीकोबेक्टर पायलोरी नाम का बैक्टीरिया प्रवेश कर जाता है, जो म्यूकस परत को नुकसान पहुंचाता है. दूसरा अगर आप पेन किलर दवा का ज्यादा सेवन करेंगे तो इससे भी म्यूकस लाइनिंग कमजोर होगी. वहीं यदि आप अधिक स्पाइसी चीजें खाएंगे, खासकर मिर्च वाली चीजें तो इससे पेट में एसिड बढ़ जाएगा और अल्सर का खतरा हो सकता है.
पेप्टिक अल्सर के लक्षण
शुरुआती दौर में कई बार इसके कोई स्पष्ट लक्षण महसूस नहीं होते. इसलिए इसे ‘साइलेंट अल्सर’ भी कहा जाता है. जब घाव गहरा हो जाता है तब मरीज को असहनीय तकलीफ महसूस होने लगती है. यदि आपके पाचन तंत्र में अल्सर की शुरुआत हो रही है, तो शरीर ये 5 मुख्य संकेत देता है. इन्हें कतई नजरअंदाज न करें.
- पेट में तेज जलन और दर्द: क्लिवलैंड क्लिनिक के अनुसार, पेट के ऊपरी हिस्से में ऐसा महसूस होता है जैसे अंदर कुछ जल रहा हो. यह दर्द खाली पेट रहने पर और बढ़ जाता है.
- पेट का फूलना : थोड़ा सा खाने पर भी पेट भरा-भरा महसूस होना और बार-बार पेट में गैस या अफारा बनना इसका आम लक्षण है.
- अपच और बदहजमी: भोजन को पचाने वाले जूस का सही इस्तेमाल न होने के कारण खाना ठीक से नहीं पचता. विशेष रूप से तला-भुना या मसालेदार खाना खाने के बाद स्थिति और खराब हो जाती है.
- जी मिचलाना और उल्टी होना: अल्सर के मरीजों में अक्सर मतली महसूस होती है. कई बार उल्टी होने के बाद ही मरीज को राहत मिलती है.
- दवा या तरल पदार्थ लेने पर अस्थायी राहत: एंटासिड सिरप, ठंडा दूध या दवा लेने पर कुछ समय के लिए दर्द दब जाता है, लेकिन यह पूरी तरह ठीक नहीं होता.
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मीडिया में 20 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले लक्ष्मी नारायण पत्रकारिता के हर विधा में माहिर हैं. भविष्य की आहट और ट्रेंड्स को समय से पहले भांपने की अद्भुत कला उनके अंदर समाहि…
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