नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस 2026 पर दिल्ली पुलिस के 17 अधिकारियों और जवानों को उनकी शानदार सर्विस के लिए सम्मानित किया गया है. यह मेडल उन पुलिसकर्मियों को दिया गया है जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना देश की सुरक्षा की है. इन 17 हीरोज में से 2 अधिकारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक (डिस्टिंग्विश्ड सर्विस) से नवाजा गया है. इसके अलावा 15 अधिकारियों और जवानों को पुलिस पदक (मेरिटोरियस सर्विस) दिया गया है. इन अफसरों ने क्राइम कंट्रोल से लेकर बड़े केस सॉल्व करने में अहम रोल निभाया है. इस लिस्ट में आईपीएस दिनेश कुमार गुप्ता और आईपीएस नूपुर प्रसाद का नाम भी शामिल है. नूपुर प्रसाद ने सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस की निगरानी की थी. यह सम्मान दिल्ली पुलिस के जज्बे और ईमानदारी को सलाम करता है. दिल्ली पुलिस के इन जवानों ने हर मुश्किल समय में अपनी ड्यूटी को सबसे ऊपर रखा है.
किन दो पुलिस अफसरों को मिला है राष्ट्रपति पुलिस पदक?
स्वतंत्रता दिवस पर सबसे बड़ा सम्मान राष्ट्रपति पुलिस पदक दो शानदार अफसरों को मिला है. इनमें पहला नाम आईपीएस दिनेश कुमार गुप्ता का है. वह अभी दिल्ली ट्रैफिक पुलिस में एडिशनल पुलिस कमिश्नर हैं. उन्होंने दिल्ली पुलिस में कई अहम रोल बड़ी जिम्मेदारी से निभाए हैं. दिनेश कुमार ने स्पेशल ब्रांच के साथ प्रीत विहार और अलीपुर में अपनी शानदार सर्विस दी है. इसके अलावा वह ईस्ट और साउथ-वेस्ट जिलों में भी तैनात रहे हैं.
उन्होंने रेलवे और आईजीआई एयरपोर्ट जैसी संवेदनशील जगहों पर भी बहुत अच्छा काम किया है. रिक्रूटमेंट सेल और शाहदरा में डीसीपी के तौर पर भी उनका काम बहुत शानदार रहा है. बड़े धार्मिक प्रोग्राम और संसद सत्र के दौरान ट्रैफिक को सुचारु रखने में उनका बड़ा हाथ रहा है.
इस मेडल को पाने वाले दूसरे अफसर एसआई (एग्जीक्यूटिव) राजेश कुमार हैं. वह 1988 में कांस्टेबल के तौर पर दिल्ली पुलिस में आए थे. साल 2010 से उन्होंने पुलिस क्वार्टर अलॉटमेंट सेल को पूरी तरह से बदल दिया. उन्होंने सरकारी आवास और वेबसाइट के रिकॉर्ड को ट्रांसपेरेंट बनाने में बहुत मेहनत की है.
और किन-किन पुलिसकर्मियों को मिला मेडल?
जॉइंट पुलिस कमिश्नर सुरेंद्र कुमार को सराहनीय सर्विस के लिए पदक मिला है. उन्होंने 2015 में ई-बीट बुक सिस्टम शुरू करके पुलिसिंग को पूरी तरह से डिजिटल बनाया था. इसके जरिए पुलिसिंग को ज्यादा जवाबदेह और तेज बनाया गया. उनका सबसे बड़ा अचीवमेंट क्रिमिनल कपिल सांगवान उर्फ नंदू की गिरफ्तारी रहा है.
उन्होंने साल 2025-26 में नोडल अफसर के तौर पर पांच गैंगस्टर्स का प्रत्यर्पण कराया. इस काम में उन्होंने अपनी पूरी टीम को बहुत अच्छे से लीड किया. सुरेंद्र कुमार ने साइबर अवेयरनेस और ई-एफआईआर जैसे पुलिस रिफॉर्म्स में भी बड़ा काम किया है. 1930 हेल्पलाइन और क्रिमिनल डोजियर सिस्टम को लागू करने में भी उनका बड़ा रोल रहा है. ई-बीट बुक 2.0 जैसे कई टेक्निकल रिफॉर्म्स में उनका योगदान बहुत ही सराहनीय है.
जॉइंट पुलिस कमिश्नर नूपुर प्रसाद को भी सराहनीय सर्विस पदक से सम्मानित किया गया है. शाहदरा की पहली डीसीपी के तौर पर उन्होंने बहुत ही शानदार काम किया था. जिले की पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने में उनका बड़ा रोल रहा है. उन्होंने आनंद विहार को स्नैचिंग फ्री बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया था.
इसके अलावा उन्होंने ड्रग नेटवर्क और जुए के खिलाफ बहुत कड़ी कार्रवाई की थी. सीबीआई में रहते हुए उन्होंने कई हाई प्रोफाइल मामलों की जांच पर नजर रखी. इनमें अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला और सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस जैसे अहम मामले शामिल हैं. उनकी जांच और काम करने का तरीका हमेशा से बहुत ही प्रोफेशनल और तेज रहा है.
इंस्पेक्टर राकेश कुमार भट्ट ने साइंटिफिक इन्वेस्टिगेशन में ट्रेनिंग के दौरान पहला स्थान हासिल किया था. उन्होंने ड्रग्स के मामलों और इमिग्रेशन कानून में बहुत अच्छा काम किया. अवैध रूप से रह रहे विदेशियों के खिलाफ भी उन्होंने बड़ा एक्शन लिया है. वहीं महिला एसआई अंजना कुमारी ने मर्डर और लूट जैसे गंभीर केस सॉल्व किए हैं.
अंजना के तेज एक्शन से भारी मात्रा में ड्रग्स और हथियार बरामद हुए. उन्होंने स्पेशल सेल के कई बड़े ऑपरेशंस में हिस्सा लिया है. अंजना ने आतंकियों और गैंगस्टर्स को पकड़ने में बहुत बहादुरी दिखाई है. इसके अलावा एएसआई सतीश पाटिल ने कई वांटेड क्रिमिनल्स को सलाखों के पीछे पहुंचाया है. ऑपरेशन सेल में रहते हुए उन्होंने 102 किलो गांजा पकड़ा था. साल 2021 में मणिपुर के आतंकी संगठन के एक वांटेड को पकड़ने में भी उनकी टीम ने कमाल किया था.
इस लिस्ट में इंस्पेक्टर तारा दत्त और एएसआई कैलाश चंद का नाम भी शामिल है. एएसआई आनंद बल्लभ और एएसआई प्रदीप कुमार शर्मा को भी शानदार काम के लिए मेडल मिला है. महिला एएसआई बिंदु और दिनेश कुमारी ने भी विभाग में बहुत शानदार काम किया है.
हेड कांस्टेबल ललिता और शर्मिला को भी उनकी ड्यूटी के लिए बड़ा सम्मान मिला है. हेड कांस्टेबल पुष्पा रानी और विजय सिंह भी इस अचीवमेंट लिस्ट में शामिल हैं. इन सभी जवानों ने लॉ एंड ऑर्डर से लेकर वुमन सेफ्टी तक में बहुत अच्छा काम किया है. इनकी दिन-रात की गश्त और पुलिस रिकॉर्ड मेंटेनेंस को काफी सराहा गया है.
