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Electric Tractor Unique Facility: मोंट्रा का यह इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर देश के अलग-अलग हिस्सों में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध है. कंपनी इससे पहले छोटे इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों के सेगमेंट में काम कर रही थी, लेकिन यह मॉडल कंपनी के लेटेस्ट ट्रैक्टरों में शामिल है.
ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा में आयोजित इंडिया बायो एनर्जी एंड टेक एक्सपो में इलेक्ट्रिक वाहनों और नई तकनीक से जुड़े कई उत्पादों ने लोगों का ध्यान खींचा. इसी कड़ी में मोंट्रा का इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर भी आकर्षण का केंद्र रहा. कंपनी के प्रतिनिधि प्रमोद पाराशर ने बताया कि किसानों को डीजल की बढ़ती लागत से राहत देने के उद्देश्य से कंपनी इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर को बाजार में लेकर आई है. उनका दावा है कि यह ट्रैक्टर खेती के साथ-साथ अलग-अलग कृषि कार्यों में किसानों की लागत कम करने में मदद कर सकता है.
प्रमोद पाराशर ने बताया कि मोंट्रा का यह इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर देश के अलग-अलग हिस्सों में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध है. कंपनी इससे पहले छोटे इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों के सेगमेंट में काम कर रही थी, लेकिन यह मॉडल कंपनी के लेटेस्ट ट्रैक्टरों में शामिल है. उन्होंने बताया कि कंपनी वर्ष 2022 से इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर के क्षेत्र में बाजार में मौजूद है और लगातार अपनी तकनीक को बेहतर करने पर काम कर रही है.
डीजल खर्च के मुकाबले कम लागत का दावा
इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर को बाजार में उतारने के पीछे सबसे बड़ी वजह डीजल की बढ़ती कीमत और खेती की लागत को बताया जा रहा है. कंपनी के प्रतिनिधि का दावा है कि जहां डीजल ट्रैक्टर को चलाने में करीब 4 से 5 हजार रुपये तक का ईंधन खर्च आ सकता है, वहीं इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर में यही काम लगभग 1,000 से 1,200 रुपये की लागत में किया जा सकता है. हालांकि वास्तविक खर्च खेत के काम, लोड, जमीन और इस्तेमाल की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा. शुरुआती कीमत के लिहाज से इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर डीजल ट्रैक्टर से महंगा दिखाई दे सकता है, लेकिन ईंधन और संचालन लागत में होने वाली संभावित बचत लंबे समय में इसके खर्च को संतुलित कर सकती है.
न धुआं, न शोर और न वाइब्रेशन
इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर की सबसे बड़ी खासियत इसके संचालन से जुड़ी बताई जा रही है. प्रमोद पाराशर के अनुसार, पारंपरिक ट्रैक्टर चलाने वाले किसानों और ड्राइवरों को अक्सर धुएं, इंजन के शोर और ज्यादा वाइब्रेशन का सामना करना पड़ता है. इलेक्ट्रिक मोटर आधारित इस ट्रैक्टर में इन समस्याओं को काफी हद तक कम किया गया है. कंपनी का दावा है कि कम शोर और कम कंपन के कारण ट्रैक्टर चलाने वाले ड्राइवर को लंबे समय तक काम करने में ज्यादा सुविधा मिल सकती है. यही वजह है कि इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर को किसानों के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में काम करने वाले ड्राइवरों के लिए भी एक अलग अनुभव के तौर पर पेश किया जा रहा है.
खेती में 3.5 घंटे तक लगातार इस्तेमाल का दावा
कंपनी के मुताबिक, कृषि कार्यों में इस इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर को एक चार्ज में करीब 3.5 घंटे तक लगातार इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं, तीन से चार टन तक का लोड लेकर चलने की स्थिति में कंपनी ने लगभग 70 से 75 किलोमीटर तक की रेंज का दावा किया है. वास्तविक रेंज ट्रैक्टर पर पड़ने वाले भार, सड़क, खेत की स्थिति और ड्राइविंग परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकती है.
बैटरी पर 5 साल की वारंटी
इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर खरीदने वाले किसानों के लिए बैटरी इसकी सबसे अहम लागत में से एक होती है. कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि बैटरी पर 5 साल की वारंटी दी जा रही है. उन्होंने बैटरी की संभावित लाइफ करीब 20 से 22 साल तक होने का दावा भी किया. 11.5 लाख रुपये से शुरू कीमत मोंट्रा के इस इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर की कीमत करीब 11.5 लाख रुपये बताई गई है. वहीं कंपनी की बड़ी क्षमता वाली ट्रैक्टर रेंज की कीमत लगभग 22.5 लाख रुपये तक बताई गई. कंपनी का कहना है कि इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों के जरिए आने वाले समय में खेती में ईंधन की लागत कम करने और प्रदूषण घटाने की दिशा में नई संभावनाएं पैदा हो सकती हैं.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…
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