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Noida News: स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है. खासतौर पर गर्भवती महिलाओं और पांच साल से कम उम्र के बच्चों को संक्रमण के लिहाज से हाई रिस्क कैटेगरी में माना जाता है. ऐसे में लोगों को घबराने के बजाय लक्षणों को पहचानकर समय रहते सावधानी और चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है.
नोएडा: जिले में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. खासतौर पर गर्भवती महिलाओं और पांच साल से कम उम्र के बच्चों को संक्रमण के लिहाज से हाई रिस्क कैटेगरी में माना जाता है. गायनी विशेषज्ञ डॉ. मीरा पाठक के अनुसार, स्वाइन फ्लू एक वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है. मौसम में तापमान के उतार-चढ़ाव, आर्द्रता बढ़ने और वायरस में समय के साथ होने वाले बदलावों के कारण मानसून और सर्दियों के दौरान इसके मामले बढ़ सकते हैं. ऐसे में लोगों को घबराने के बजाय लक्षणों को पहचानकर समय रहते सावधानी और चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है.
आपको बता दें कि गौतमबुद्ध नगर में स्वाइन फ्लू के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. जिले में अब तक कुल 192 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिससे लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है. ऐसे समय में सबसे बड़ा सवाल यह है कि गर्भवती महिलाएं और छोटे बच्चे, जिन्हें संक्रमण के लिहाज से हाई रिस्क कैटेगरी में माना जाता है, वे खुद को कैसे सुरक्षित रखें. गायनी विशेषज्ञ डॉ. मीरा पाठक के अनुसार, स्वाइन फ्लू एक वायरल संक्रमण है जो मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है. मौसम में तापमान के उतार-चढ़ाव, मौसम में नमी और वायरस में समय के साथ होने वाले बदलावों के कारण मानसून और सर्दियों के दौरान इसके मामले बढ़ जाते हैं.
स्वाइन फ्लू के संक्रमण से प्री मैच्योर डिलीवरी का खतरा
नोएडा के सीएचसी भंगेल की गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. मीरा पाठक ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि गर्भवती महिलाएं और पांच साल से कम उम्र के बच्चे संक्रमण और उससे होने वाली जटिलताओं के लिहाज से अधिक संवेदनशील हो सकते हैं. गर्भावस्था के दौरान संक्रमण होने पर मां को बुखार, गंभीर संक्रमण या शरीर में ऑक्सीजन की कमी जैसी स्थिति पैदा होती है तो इसका गर्भ में पल रहे बच्चे पर इनडायरेक्ट असर पड़ सकता है. इससे बच्चे को परेशानी, फीटल डिस्ट्रेस और समय से प्री मैच्योर डिलीवरी जैसी जटिलताओं की संभावना बढ़ सकती है. डॉ. मीरा पाठक का कहना है कि गर्भावस्था के तीनों ट्राइमेस्टर में वायरल संक्रमण को गंभीरता से लेना चाहिए और लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
संक्रमण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से लें सलाह
डॉक्टर मीरा पाठक ने बताया कि स्वाइन फ्लू जैसे संक्रमण के शुरुआती लक्षणों में बुखार, शरीर में दर्द, नाक बहना या बंद होना, खांसी और जुकाम शामिल हो सकते हैं. हालांकि, अगर इसके साथ छाती में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखाई देने लगें तो यह गंभीर स्थिति की ओर इशारा कर सकता है. बच्चों में सामान्य से अधिक चिड़चिड़ापन या व्यवहार में बदलाव भी चिंता का कारण हो सकता है. ऐसे मामलों में गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को देरी किए बिना डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
बिना डॉक्टर की सलाह के न करें ये उपाय
डॉक्टर मीरा पाठक के अनुसार, बचाव के लिए गर्भवती महिलाओं और बच्चों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए. परिवार या आसपास किसी व्यक्ति में फ्लू जैसे लक्षण हों तो उचित शारीरिक दूरी बनाए रखें. जरूरी होने पर मास्क का इस्तेमाल करें और हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें. पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना और संतुलित आहार के साथ मौसमी फल एवं सब्जियों का सेवन भी जरूरी है. अगर किसी व्यक्ति में फ्लू के लक्षण हैं तो उसे परिवार के अन्य सदस्यों, खासकर गर्भवती महिला और छोटे बच्चों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए.
हाई रिस्क कैटेगिरी के लोग रहें सावधान
डॉक्टर की सलाह के अनुसार, स्टीम इनहेलेशन और सलाइन गार्गल्स जैसे उपाय किए जा सकते हैं, लेकिन एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवाएं बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं लेनी चाहिए. स्वाइन फ्लू के गंभीर मामलों में निमोनिया समेत अन्य जटिलताएं हो सकती हैं. डॉ. मीरा पाठक की मानें तो स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षणों को हाई रिस्क कैटेगरी के लोगों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. गर्भवती महिलाएं, पांच साल से कम उम्र के बच्चे, 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग और अस्थमा, फेफड़े या हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रहे लोग बुखार, शरीर में दर्द, खांसी और जुकाम जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. छाती में दर्द, सांस लेने में परेशानी या डिहाइड्रेशन के लक्षण गंभीर स्थिति का संकेत हो सकते हैं.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…
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Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
