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सीजेपी के प्रस्तावित 5 सितंबर के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले कानूनी और सियासी हलचल तेज हो गई है. दिल्ली पुलिस के कदम के बाद अब बिहार, असम, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की पुलिस ने भी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इन राज्यों की सरकारों की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शीर्ष अदालत में विशेष अर्जी दाखिल की है.
दिल्ली सहित 5 राज्यों ने FIR रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित 5 सितंबर के विरोध प्रदर्शन को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. दिल्ली पुलिस के बाद अब बीजेपी/एनडीए शासित 4 अन्य राज्यों की पुलिस ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.. बिहार, असम, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की सरकारों की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाखिल कर संबंधित मामलों में दर्ज FIR को संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत रद्द करने की मांग की है.
दोपहर 2 बजे सभी याचिकाओं पर सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट अब दिल्ली पुलिस और चारों राज्यों की ओर से दाखिल आवेदनों पर एक साथ सुनवाई करेगा. यह घटनाक्रम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि दिल्ली पुलिस ने 31 अगस्त को ही सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाखिल किया था. इसके बाद CJP नेता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर उम्मीद जताई थी कि अन्य BJP/NDA शासित राज्य भी रात तक इसी तरह के आवेदन दाखिल करेंगे.
5 सितंबर के प्रदर्शन को लेकर बढ़ी हलचल
अब बिहार, असम, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की पुलिस की ओर से सुप्रीम कोर्ट का रुख किए जाने को 5 सितंबर के प्रस्तावित CJP विरोध प्रदर्शन को वापस लेने के लिए दबाव बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…
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