Today Weather News in Hindi : यूपी में लगातार बारिश से 23 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं. अब तक 16 हजार से अधिक लोगों को बाढ़ से रेस्क्यू किया गया है. काशी में तो गंगा-वरुणा का पानी घरों में घुसने लगा है. यहां तक कि 407 परिवार अपना घर छोड़कर जा चुके हैं. सभी 84 घाट डूबे हुए हैं. मणिकर्णिका घाट पर छत पर अंतिम संस्कार हो रहा है. अगर आज के मौसम की बात करें तो 27 जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और अलीगढ़ समेत 26 जिलों के लिए येलो अलर्ट तो वहीं ललितपुर में भारी बारिश-आंधी और तूफान का ऑरेंज अलर्ट है. अगर घर से बाहर निकलने की सोच रहे हैं तो पहले अपने यहां के मौसम का हाल जान लें.
मानसून की रिमझिम बारिश का दौर जारी है. इस बीच मौसम विभाग ने आज के लिए आंधी-तूफान और बारिश की डराने वाली चेतावनी जारी की है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक आज आगरा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, अलीगढ़, सहारनपुर, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, मथुरा, एटा, इटावा, कन्नौज, जालौन, कानपुर, झांसी और हमीरपुर सहित पूरे 26 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इस दौरान 50-65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. वहीं, ललितपुर में भारी बारिश हो सकती है.
कहां कितना पानी बरसा?
राजधानी लखनऊ में कल यानी 4 सितंबर 2026 को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. वहीं, गुरुवार सुबह झांसी में बारिश हुई. वहीं लखनऊ में लगातार तीसरे दिन बारिश होती रही. पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा 79.2 मिमी बारिश ललितपुर में दर्ज की गई. चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी आसपास की सड़कों पर बह रहा है. 500 से अधिक दुकानों और 20-25 होटलों में पानी घुस गया.
क्या बोले मौसम वैज्ञानिक?
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का एक क्षेत्र बना है. इसके साथ ही बारिश लाने वाली मानसूनी हवाओं की रेखा शाहजहांपुर और वाराणसी से होकर गुजर रही है. वहीं, झारखंड और बिहार के रास्ते यूपी की तरफ भी एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है. इन सब वजहों से प्रदेश में मानसून ने जोर पकड़ लिया है. अगले 5 दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है.
पेड़ों के नीचे शरण न लें
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सला दी है. IMD ने कहा कि अगर मौसम खराब लगे तो सुरक्षित जगहों पर शरण लें, पेड़ों के नीचे शरण न लें, क्योंकि बिजली गिर सकती है. बिजली गिरने की आशंका होने पर, बिजली/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्लग निकाल दें. तुरंत पानी वाली जगहों से बाहर निकलें और बिजली के सुचालक सभी चीजों से दूर रहें. तट पर और समुद्र में होने वाली गतिविधियों को समझदारी से नियंत्रित रखें.
