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Noida Farmers Compensation Hike: नोएडा अथॉरिटी की बोर्ड मीटिंग में फ्लैट बायर्स की रजिस्ट्री को सहज बनाने के लिए नई पॉलिसी को मंजूरी दी गई है. इसके अलावा सेक्टर-145 में 100 कूड़ा निस्तारण प्लांट बनाने को मंजूरी मिली है. वहीं सेक्चर-94 में बनाए गए औषधि पार्क की मेंटनेंस को सस्टेनेबल बनाने के लिए कंपनी को देने की मंजूरी दी गई है.
नोएडा अथॉरिटी की बैठक में किसानों के लिए बड़े फैसले.
नोएडाः दिल्ली से सटे नोएडा के स्थानीय किसानों के लिए प्राधिकरण की तरफ से बड़ी खुशखबरी सामने आई है. न्यू नोएडा यानी कि दादरी-गाजियाबाद-नोएडा इन्वेस्टमेंट रीजन के फेज 1 और फेज 2 में किसानों को ग्रेटर नोएडा के बराबर मुआवजा देने का फैसला किया गया है. इसके अलावा किसानों को 6 प्रतिशत प्लॉट भी बांटे जाएंगे. प्राधिकरण ने यह भी फैसला लिया है कि फेज 3 और फेज 4 में यमुना प्राधिकरण के बराबर मुआवजा और 7 प्रतिशत प्लॉट किसानों को दिए जाएंगे. किसानों के मुआवजे में कुल 53 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है.
100 गज जमीन तो कितना मिलेगा मुआवजा
आपको बता दें कि अगर आपके पास 100 गज की जमीन है तो कितना मुआवजा मिलेगा. दरअसल, 1 गज में 0.8361 वर्गमीटर होता है. यानी कि 100 गज में 83.61 वर्ग मीटर. जो नया मुआवजा दर है, वह है 6,459 रुपये प्रति वर्गमीटर. अब 83.61 से 6,459 का गुणा कर दीजिए. इसके बाद नतीजा आगा 5 लाख 40 हजार 55 रुपये. यानी कि अगर आपके पास 100 गज जमीन है तो नया मुआवजा दर जो लागू हुआ है, उसके हिसाब से आपको साढ़े पांच लाख रुपये के करीब मिलेंगे.
जनरल पावर ऑफ अटार्नी की भी आसानी से होगी रजिस्ट्री
प्राधिकरण ने यह भी फैसला लिया है कि जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर बिके फ्लैटों की रजिस्ट्री को मंजूरी दे दी गई है. यह फैसला सेक्टर-21, 25 और अन्य इलाकों में रहने वाले हजारों फ्लैट खरीदारों के लिए राहत भरा है. जिससे उनकी संपत्ति का मालिकाना हक स्पष्ट होगा.
अब 6459 रुपये मिलेगा मुआवजा
बता दें कि सेक्टर-96 स्थित कार्यालय में अथॉरिटी के चेयरमैन दीपक कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई. नोएडा के सीईओ कृष्ण करुणेश समेत ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी के अधिकारी भी मौजूद रहे. बैठक में नोएडा में किसानों को 6459 रुपये प्रति वर्गमीटर मुआवजा और 5 प्रतिशत आबादी भूखंड अब नई दरों के अनुसार मिलेगा. इससे पहले 5324 रुपये प्रति वर्गमीटर, बिना 5 प्रतिशत आबादी भूखंड के, व 4224 रुपये प्रति वर्गमीटर, 5 प्रतिशत आबादी भूखंड के साथ लाभ दिया जाता था.
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Prashant Rai is a digital journalist with over 9 years of experience in Hindi journalism, specializing in politics, crime, hyper-local reporting, and viral news. He currently serves as Chief Sub Editor at News1…
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