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Noida News: नोएडा के रियल एस्टेट सेक्टर से बड़ी खबर सामने आई हैं. नोएडा के सेक्टर-100 व 110 में स्थित लोटस बुलेवर्ड व लोटस पनाश में घर खरीदारों ने अपनी एकजुटता से एक हारी हुई बाजी जीत ली है. लंबे समय से संघर्ष कर रहे बायर्स के लिए ये जीत किसी संजीवनी से कम नहीं है.
सेक्टर-100 व 110 में स्थित लोटस बुलेवार्ड व लोटस पनाश के खरीदारों को मिला न्याय.
नोएडा : क्या आप भी ‘सस्ते फ्लैट’ के विज्ञापन देखकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट में घर बसाने का सपना देख रहे हैं? तो सावधान हो जाइए, क्योंकि आपकी उम्र भर की कमाई एक पल में मिट्टी में मिल सकती है. जिस फ्लैट की चाबी का आप इंतजार कर रहे हैं, वहां प्राधिकरण का ताला लटक सकता है. ऐसा ही कुछ करीब डेढ़ साल पहले नोएडा के सेक्टर-100 व 110 में स्थित लोटस बुलेवार्ड व लोटस पनाश के खरीदारों के साथ हुआ था. यहां बिल्डर ने खुद को दिवालिया बता दिया तो ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम ने टावर सील कर दिए. मगर, बायर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने भी हार नहीं मानी और अब जाकर हारी हुई बाजी जीत ली.
गौरतलब है, लोटस पनाश वेलफेयर एसोसिएशन शहर में एक मात्र ऐसी एसोसिएशन है, जिसके होम बायर्स ने पूल एंड बिल्ड स्कीम के तहत अपने अधूरे प्रॉजेक्ट खुद से पूरे करने का फैसला लिया था. 10 जनवरी 2019 को जब बिल्डर ने दिवालिया प्रक्रिया में जाने का फैसला लिया था, तब बायर्स के ग्रुप ने यह फैसला किया कि बायर्स का जो बकाया है उसका कलेक्शन हम खुद अपने प्रॉजेक्ट से पूरा करेंगे.
2700 फ्लैट बायर्स को बनाकर डिलिवर कर दिए
इसके तहत 2019 से 2024 तक इन बायर्स ने 250 करोड़ का कलेक्शन करके 2700 फ्लैट बायर्स को बनाकर डिलिवर कर दिए. केवल तीन टावर में 350 फ्लैट कंप्लीट होने से बचे थे. इसी बीच अथॉरिटी अपना बकाया लेने के लिए इन अधूरे तीनो टावर को सील कर दिया. ग्रेटर नोएडा ग्रेनो अथॉरिटी के 90 फ्लैटों की स्कीम में आए 5 आवेदनों के बाद अब पहले आओ पहले पाओ के आधार पर आवंटन होगा. अथॉरिटी ने फ्लैट स्कीम में आवेदन की तिथि कई बार बढ़ाई लेकिन उसका रिस्पांस नहीं मिला. यह आवंटन नीलामी के जरिये होना था. खरीदारों ने इसमें रुचि नहीं दिखाई.
350 फ्लैट वाले 90 फ्लैटों की स्कीम निकाली
अथॉरिटी ने 5 फ्लैट का आवंटन किया, अभी सोसायटी में है 350 फ्लैट वाले 90 फ्लैटों की स्कीम निकाली थी. इनका बेस प्राइज 73.23 लाख से 74.35 लाख रुपये तक रखा गया था. सर्वाधिक बोली लगाने वालों को लोगों ने रुचि नहीं दिखाई. मात्र 5 लोगों ने ही आवेदन किया था. गुरुवार को नीलामी के जरिये इनका आवंटन कर दिया गया. बेस प्राइज से एक फीसदी अधिक राशि पर फ्लैट के आवंटन कर दिए गए. यहां करीब 350 फ्लैट अभी आवंटित नहीं हुए है. नीलामी के जरि फ्लैट आवंटन योजना सफल न होने प अब अथॉरिटी पहले आओ पहले पार के आधार पर आवंटन करेगी.
एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित चौहान ने बताया कि सौल होने के बाद डेढ़ साल पहले हम लोग सुप्रीम कोर्ट चले गए और सुप्रीम कोर्ट को हमने बताया कि बायर्स खुद से कलेक्शन करके प्रोजेक्ट को पूरा कर रहे है. अथॉरिटी ने मैप वैलिडेशन और टाइम एक्सटेशन के चार्ज के नाम पर हम पर 350 करोड़ की देनदारी निकाल दी.
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Kavya Mishra is a Senior Sub Editor at News18 Hindi with over seven years of experience in digital and print journalism. She is part of the regional editorial team, covering Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana …
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