कहां छिपा है खूनी PG का मालिक आनंद बंसल? सत्‍य निकेतन हादसे के बाद से खबर नहीं, गुरुग्राम वाले घर पहुंची पुलिस

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कहां छिपा है खूनी PG का मालिक आनंद बंसल? सत्‍य निकेतन हादसे के बाद से खबर नहीं

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Delhi Building Collapse Today: साउथ दिल्ली के सत्य निकेतन में जो पुरानी खटारा बिल्डिंग जमींदोज हुई उसे 1 साल पहले खाली कराया गया था. इस डेंजरस बिल्डिंग को बाद में अवैध रूप से फिर खोल दिया गया था. हादसे के बाद से पीजी ओनर आनंद बंसल गायब है, जिसकी तलाश में पुलिस रेड्स मार रही है. NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.

पुलिस मालिक की तलाश कर रही है.

दिल्ली के सत्य निकेतन में 40-50 साल पुरानी 5 मंजिला खटारा बिल्डिंग ताश के पत्तों की तरह ढह गई और सेकंडों में वहां सिर्फ धूल और चीखें बाकी रह गई। हॉस्टल डेज नाम के इस बॉयज पीजी के मलबे में कई मासूम स्टूडेंट जिंदगी और मौत के बीच ट्रैप हैं. हादसे में अबतक 1 स्टूडेंट की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि भारी-भरकम कंक्रीट के नीचे दबे छात्रों को निकालने के लिए रेस्क्यू टीमें लगी हुई हैं. सबसे बड़ा ट्विस्ट यह है कि इस खूनी लापरवाही के बाद पीजी का मालिक आनंद बंसल अचानक गायब हो गया है. पुलिस ने एफआईआर (FIR) ठोक कर उसकी तलाश में रेड्स शुरू कर दी हैं. चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस डेंजरस बिल्डिंग को एक साल पहले ही खाली कराया गया था, फिर भी नियम-कायदों की धज्जियां उड़ाकर छात्रों की जान से यह खतरनाक खेल खेला जा रहा था.

सत्‍य निकेतन हादसे पर राजनीति शुरू
आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस दर्दनाक हादसे को सीधे तौर पर प्रशासनिक भ्रष्टाचार और लापरवाही का नतीजा करार देते हुए सरकार और एमसीडी (MCD) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. सौरभ भारद्वाज ने भ्रष्टाचार का बड़ा दावा करते हुए कहा, “MCD के बिल्डिंग डिपार्टमेंट में एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के ट्रांसफर का रेट 1.25 करोड़ रुपये चल रहा है. जब इस स्तर का भ्रष्टाचार सिस्टम में होगा, तो ऐसे हादसे कैसे रुकेंगे?” उन्होंने आगे कहा कि हादसे के बाद केवल फॉर्मेलिटी के लिए ऑडिट के नाम पर अस्पतालों, जिम और कारोबारियों से करोड़ों की वसूली होगी, लेकिन जमीनी हालात कभी नहीं सुधरेंगे.

‘सिर्फ अफसोस जताने से नहीं रुकेंगे हादसे’
वहीं, AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि बेसमेंट में अवैध निर्माण कार्य के कारण यह हादसा हुआ. उन्होंने चेतावनी दी, “सिर्फ हादसे के बाद अफसोस जताने का ड्रामा बंद होना चाहिए. दिल्ली में खतरे की जद में आई इमारतों पर अगर अभी कड़ा एक्शन नहीं लिया गया, तो मासूमों की जान ऐसे ही जाती रहेगी.” दोनों नेताओं ने मलबे में दबे 30-40 छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जिम्मेदार बड़े अफसरों पर तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग की है.

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Sandeep GuptaChief Sub Editor

पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…

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