Ghaziabad: करोड़ों खर्च किए, सुकून के लिए खरीदा घर, अब बाहर निकलना भी बना चुनौती…वैशाली के लोगों का छलका दर्द

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Ghaziabad Vaishali Waterlogging Public Opinion: गाजियाबाद के पॉश इलाके वैशाली सेक्टर-3 में महंगे घरों में रहने वाले लोग इन दिनों बुनियादी सुविधा की समस्या से परेशान हैं. बारिश के बाद यहां सड़कें घुटनों तक पानी में डूब गई हैं और हालात तब और खराब हो गए, जब सीवर का गंदा पानी भी सड़कों पर फैल गया. पानी के बीच से निकलना बच्चों, बुजुर्गों और वाहन चालकों के लिए मुश्किल हो गया है. सबसे बड़ी परेशानी यह है कि जलभराव के नीचे सड़क के गड्ढे और मैनहोल दिखाई नहीं देते, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या नई नहीं है और शिकायतों के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है.

गाजियाबाद: करोड़ों रुपये खर्च कर घर खरीदा, हर महीने हाउस टैक्स भी दिया, लेकिन बारिश होते ही सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाए तो लोगों की परेशानी समझी जा सकती है. गाजियाबाद के पॉश इलाके वैशाली सेक्टर-3 के एफ ब्लॉक में इन दिनों कुछ ऐसे ही हालात हैं. बारिश के बाद यहां की सड़कें पानी से भर गई हैं और कई जगह सीवर का गंदा पानी भी इसमें मिल गया है. लोगों के लिए घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है.

जलभराव का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है. छोटे बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है, जबकि बुजुर्गों के लिए पानी से भरी सड़क पार करना किसी चुनौती से कम नहीं है. पानी के नीचे सड़क के गड्ढे और मैनहोल दिखाई नहीं देते, जिससे हर समय हादसे का डर बना रहता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम में कई बार शिकायत करने के बावजूद सालों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है.

बारिश रुकने के बाद भी नहीं सूखती सड़क
वैशाली सेक्टर-3 के एफ ब्लॉक में जलभराव कोई एक-दो दिन की परेशानी नहीं है. स्थानीय लोगों के मुताबिक बारिश बंद होने के बाद भी सड़क पर कई दिनों तक पानी जमा रहता है. जब इसमें सीवर का पानी मिल जाता है तो हालात और खराब हो जाते हैं. गंदे पानी के बीच से होकर लोगों को आने-जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है. इससे एक तरफ सड़क पर फिसलने और गड्ढों में गिरने का खतरा रहता है, वहीं दूसरी तरफ गंदगी और मच्छरों के कारण बीमारी फैलने की चिंता भी बनी रहती है.

‘जमा पूंजी लगाकर घर खरीदा, अब बाहर निकलना मुश्किल’
स्थानीय निवासी अनीता ने बताया कि इलाके में जल निकासी की समस्या काफी समय से बनी हुई है. बरसात के दिनों में परेशानी और बढ़ जाती है. उनका कहना है कि सड़क पर पानी जमा रहने से गंदगी और मच्छरों की समस्या भी बढ़ गई है. अनीता के मुताबिक, लोगों ने बेहतर सुविधाओं की उम्मीद में अपनी जमा पूंजी लगाकर यहां घर खरीदे थे, लेकिन अब स्थिति ऐसी है कि घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है.

पानी में छिपे गड्ढों से हादसे का डर
स्थानीय निवासी धीरेंद्र सिंह ने बताया कि सड़क पर पानी भरा होने के कारण यह पता नहीं चलता कि नीचे कहां गड्ढा है. इससे पैदल चलने वालों के साथ वाहन चालकों के लिए भी खतरा बना रहता है. उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले एक बुजुर्ग वाहन समेत सड़क के गड्ढे में गिर गए थे. इस घटना के बाद लोगों की चिंता और बढ़ गई है. उनका कहना है कि जलभराव का असर बड़ी आबादी पर पड़ रहा है और स्कूली बच्चों को भी रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है.

सड़क पर बहता है सीवर का गंदा पानी
जयप्रकाश ने बताया कि इलाके में पानी की निकासी की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है. उनका कहना है कि सीवर व्यवस्था पर दबाव बढ़ते ही पानी सड़कों पर आने लगता है और जलभराव की समस्या फिर खड़ी हो जाती है. लगातार बनी इस परेशानी से कई परिवार परेशान हैं. जयप्रकाश के मुताबिक, कुछ लोग अब दूसरी जगह रहने का विकल्प तलाशने तक के बारे में सोच रहे हैं. स्थानीय लोगों की मांग है कि नगर निगम जल निकासी और सीवर की समस्या का स्थायी समाधान करे, ताकि हर बारिश में उन्हें इसी परेशानी से न गुजरना पड़े.

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Seema Nath

Seema Nath is a digital journalist and content creator with 6 years of experience in journalism, including ground reporting, regional news coverage and feature writing. She currently works as a Content Producer…

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