'साहब, मैं आपके आगे माथा टेक रहा हूं', बुजुर्ग की भावुक बात सुन बोले CJI सूर्यकांत- कोर्ट आपके लिए है, जब चाहे आइए

सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका की सुनवाई के दौरान बेहद ही भावुक पल देखने को मिला. गुरुद्वारा कमेटियों के फंड के कथित दुरुपयोग मामले में सुनवाई कर रहे सीजेआई के सामने जब याचिकाकर्ता ने भावुक अपील की तो सीजेआई सूर्यकांत ने भी बड़े प्रेम से जवाब दिया.

गुरुद्वारा कमेटियों के फंड के कथित गलत इस्तेमाल को लेकर याचिका दाखिल करने वाले याचिकाकर्ता ने कोर्ट में भावुक होकर कहा, “मैं आपके सामने माथा टेक रहा हूं. मेरी याचिका पर नोटिस जारी कर दीजिए.” इस पर CJI सूर्यकांत ने भी उसी भावुकता से जवाब दिया और कहा, “कोर्ट आपके लिए ही है, जब चाहे आइए. लेकिन इसके लिए कानून में संशोधन करना होगा और वह काम संसद का है.’

सीजेआई ने आगे कहा, ‘आप संसद की पिटीशन कमेटी के पास जाइए. अगर हम कुछ करेंगे तो लगेगा कि धर्म के मामलों में दखल दिया जा रहा है.’

याचिकाकर्ता जो खुद सुप्रीम कोर्ट आए थे, उन्होंने लिखा, अत्यंत आदरपूर्वक, माननीय भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश महोदय, मेरा नाम सरदार चरणजीत सिंह है. मैं जनहित याचिका संख्या W.P.(C) No. 322/2026 में याचिकाकर्ता-इन-पर्सन के रूप में आपके समक्ष उपस्थित हुआ हूं.’

‘माई लॉर्ड, यह मामला केवल एक सामान्य विवाद नहीं, बल्कि भारत के बच्चों के भविष्य, उनकी शिक्षा, बौद्धिक उन्नति तथा भारत के सर्वांगीण संवैधानिक विकास से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण जनहित का विषय है.’

‘मेरा विनम्र निवेदन है कि इस मामले की गंभीर संवैधानिक महत्ता को दृष्टिगत रखते हुए माननीय न्यायालय संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी करने की कृपा करे तथा अंतिम निर्णय होने तक देश की महत्वपूर्ण सार्वजनिक, धार्मिक एवं विरासत-संबंधी संपत्तियों के संबंध में ऐसा कोई अपरिवर्तनीय कदम न उठाया जाए जिससे भविष्य में जनहित अथवा न्यायिक परीक्षण प्रभावित हो.’

‘माई लॉर्ड, बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने कहा था कि संविधान की सफलता अंततः उन लोगों की निष्ठा, ईमानदारी और निष्पक्षता पर निर्भर करती है जो उसे लागू करते हैं.’

‘यदि भारत को वास्तविक रूप से विकसित, शिक्षित और न्यायपूर्ण राष्ट्र बनाना है, तो हमें अपने बच्चों को सर्वोत्तम शिक्षा, वैज्ञानिक सोच और समान अवसर प्रदान करने होंगे. इसी उद्देश्य से यह याचिका प्रस्तुत की गई है. अतः मेरा विनम्र निवेदन है कि इस जनहित याचिका पर सुनवाई प्रारम्भ करने की कृपा की जाए.’

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *