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दिल्ली के करोल बाग स्थित स्वामी कृष्णानंद उदासीन आश्रम में गुवाहाटी हाईकोर्ट की महिला वकील निशा पोद्दार ने मारपीट और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत के मुताबिक, पहले कुछ लोग आश्रम में पहुंचे और केयरटेकर्स के साथ मारपीट की. पुलिस के लोगों को थाने ले जाने के बाद शाम को दोबारा हंगामा होने का आरोप है. महिला वकील ने बाल खींचने, सड़क की ओर घसीटने, जान से मारने की धमकी और उनके मोबाइल-लैपटॉप को नुकसान पहुंचाने का दावा किया है. शिकायत में नॉर्थ-ईस्ट से होने को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का भी आरोप लगाया गया है.
करोल बाग के स्वामी कृष्णानंद उदासीन आश्रम में विवाद के बाद महिला वकील ने पुलिस में शिकायत देकर कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है. (एआई इमेज)
दिल्ली क्राइम न्यूज. नॉर्थ-ईस्टर्नर्स नॉट अलाउड हियर… यह अल्फाज गुवहाटी हाईकोर्ट की एक महिला वकील के लिए थे. महिला वकील का आरोप है कि उसके लिए सिर्फ इन शब्दों का ही इस्तेमाल नहीं किया गया, बल्कि उसके बाल खींचे गए और उसे सड़क पर घसीटने की कोशिश भी गई. दरअसल, मामला सत नगर स्थित स्वामी कृष्णानंद उदासीन आश्रम का है, जहां गुवाहाटी हाईकोर्ट की महिला वकील निशा पोद्दार ने कुछ लोगों पर जबरन आश्रम में घुसने, मारपीट करने, जातिसूचक गालियां देने, धमकी देने और सामान छीनने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. आरोप यह भी है कि महिला वकील को उनके असम और नॉर्थ-ईस्ट से होने को लेकर निशाना बनाया गया.
महिला वकील की ओर से 25 सितंबर को दी गई शिकायत के अनुसार, पूरा विवाद 25 सितंबर को ही उस समय शुरू हुआ, जब करीब 11 बजे मनीष कुमार उर्फ मनीष राज कई लोगों के साथ आश्रम में पहुंच गए. इन लोगों ने आश्रम में जबरन प्रवेश करने से रोकने पर केयरटेकर उदय प्रकाश और नीरज कुमार के साथ मारपीट की गई और उनके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया. मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. शिकायतकर्ता के मुताबिक, पुलिस कुछ लोगों को पूछताछ के लिए थाने ले गई. इसके बाद आश्रम की चाबी केयरटेकर को वापस कर दी गई और मनीष राज को दोबारा आश्रम में नहीं आने की हिदायत दी गई.
शाम को दोबारा आश्रम पहुंचने का आरोप
महिला वकील का दावा है कि शाम करीब 4 बजे वही लोग दोबारा आश्रम पहुंच गए. इसके बाद वहां फिर से हंगामा शुरू हो गया. शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उन्होंने इस मामले का विरोध किया तो उनके साथ हाथापाई की गई. शिकायत में कहा गया है कि दूसरे पक्ष ने उनके साथ मारपीट की, उनके बाल खींचे और उन्हें सड़क की तरफ घसीटने की कोशिश की. महिला वकील ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई. इतना ही नहीं, शिकायत के मुताबिक उन्हें उनके वकालत के लाइसेंस को झूठे आरोप लगाकर रद्द कराने की धमकी भी दी गई. साथ ही, निशा पोद्दार ने आरोप लगाया है कि उनके नॉर्थ-ईस्ट से होने को लेकर कहा गया कि ‘नार्थ-ईस्ट पीपल आर नॉट अलाउड हियर.’
मोबाइल और कानूनी दस्तावेजों से भरा बैग ले जाने का आरोप
शिकायत में सिर्फ मारपीट का ही आरोप नहीं है. महिला वकील का दावा है कि आश्रम में मौजूद दो केयरटेकर्स के मोबाइल फोन भी ले लिए गए. उनके अपने मोबाइल फोन और लैपटॉप को तोड़ दिया गया. इसके अलावा शिकायत में कानूनी दस्तावेजों से भरा एक बैग छीनने का भी आरोप लगाया गया है. शिकायतकर्ता ने एक बुजुर्ग महिला समेत आश्रम में मौजूद अन्य लोगों के साथ मारपीट किए जाने का भी दावा किया है.
पूरे विवाद को लेकर पुलिस का क्या है कहना?
वहीं, इस मामले में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि महिला वकील संपत्ति से जुड़े एक विवाद में ‘डॉलर बाबा’ नाम के व्यक्ति का पक्ष रख रही थीं. महिला वकील ने छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने बताया कि शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा रही है. इसके अलावा, संपत्ति विवाद में शामिल दूसरे पक्ष की ओर से मारपीट की शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके बाद पहले पक्ष के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामला प्रसाद नगर की एक संपत्ति को लेकर दोनों पक्षों के बीच कानूनी विवाद से जुड़ा है.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…
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