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रोहतक के रिटौली गांव से निकला हिमांशु भाऊ महज 23 साल की उम्र में दिल्ली-NCR के चर्चित गैंगस्टरों में शामिल हो गया है. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी और फायरिंग जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं. उसका आपराधिक सफर 17 साल की उम्र में शुरू होने की बात सामने आती है. 2020 में वह हिसार की बोस्टल जेल से फरार हो गया. इसके बाद उसका नाम कई वारदातों में जुड़ता गया. पुलिस के मुताबिक फर्जी पहचान के जरिए पासपोर्ट बनवाकर वह विदेश भागा. अमेरिका और पुर्तगाल से नेटवर्क चलाने के आरोप हैं. इंटरपोल और केंद्रीय एजेंसियां भी उसकी तलाश कर चुकी हैं.
रोहतक के रिटौली से निकला हिमांशु भाऊ कम उम्र में अपराध की दुनिया में आया. (फाइल फोटो)
दिल्ली-NCR में गैंगवार की चर्चा होती है तो कुछ नाम बार-बार सामने आते हैं. इन्हीं में एक नाम हिमांशु भाऊ का है. महज 23 साल की उम्र में यह गैंगस्टर पुलिस और जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है. हरियाणा के रोहतक के रिटौली गांव से शुरू हुई कहानी अब दिल्ली-NCR से लेकर विदेश तक पहुंच चुकी है. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक हिमांशु का नाम कम उम्र में ही आपराधिक मामलों में सामने आने लगा था. हत्या से लेकर रंगदारी और फायरिंग तक कई गंभीर मामलों में उसका नाम जोड़ा गया. सबसे चौंकाने वाली बात उसकी उम्र रही. बताया जाता है कि जब उसके खिलाफ हत्या का पहला मामला दर्ज हुआ तब वह सिर्फ 17 साल का था. इसके बाद हिसार की बोस्टल जेल से फरारी ने उसकी कहानी को नया मोड़ दे दिया.
पुलिस के मुताबिक जेल से फरार होने के बाद हिमांशु लगातार गंभीर मामलों में वांछित होता गया. रोहतक और झज्जर से शुरू हुआ उसका नेटवर्क दिल्ली तक पहुंचा. जांच एजेंसियों के मुताबिक बाद में उसका संपर्क दिल्ली के गैंगस्टर नीरज बवाना के नेटवर्क से हुआ. पुलिस का आरोप है कि विदेश जाने के बाद भी उसने अपना नेटवर्क बंद नहीं किया. बल्कि सोशल मीडिया और दूसरे डिजिटल माध्यमों से अपने गुर्गों और शूटर्स के संपर्क में रहा. अमेरिका और पुर्तगाल में उसके ठिकानों को लेकर एजेंसियां जांच करती रही हैं. इंटरपोल की ओर से उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जाने की भी जानकारी सामने आई है. अब दिल्ली-NCR में हुई कुछ हालिया वारदातों और सोशल मीडिया पोस्ट के बाद एक बार फिर हिमांशु भाऊ का नाम चर्चा में है.
17 साल की उम्र से शुरू हुआ आपराधिक सफर
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक हिमांशु भाऊ का नाम पहली बार 2019 में रोहतक के रिटौली गांव से जुड़े एक मामले में सामने आया. शराब के कारोबार को लेकर हुए विवाद में उसके खिलाफ केस दर्ज हुआ था. उसी साल न्यू मॉडल टाउन यूनियन के प्रधान संजय पुनिया से रंगदारी मांगने का मामला भी दर्ज हुआ. इस केस में उसकी गिरफ्तारी हुई और बाद में वह जमानत पर बाहर आया. जुलाई 2020 में सन्नी नाम के युवक पर फायरिंग के मामले में भी उसका नाम सामने आया. इसी दौरान 12 अक्टूबर 2020 को वह हिसार की बोस्टल जेल से फरार हो गया. पुलिस के मुताबिक इसके बाद उसकी तलाश और तेज हो गई. अक्टूबर 2021 में रिटौली में एक घर में घुसकर फायरिंग के मामले में भी उसे आरोपी बनाया गया. मार्च 2022 में रिटौली में हंसराज उर्फ हंसे की हत्या के मामले में भी उसका नाम आया.
रंगदारी से दिल्ली तक पहुंचा नेटवर्क
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मार्च 2022 के आसपास रिटौली में हुई कई वारदातों के बाद हिमांशु का नाम लगातार गंभीर मामलों में जुड़ता गया. उसके खिलाफ हत्या के प्रयास और रंगदारी समेत कई मामले दर्ज हुए. रोहतक और झज्जर पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए इनाम भी घोषित किया था. इसी दौरान दिल्ली के गैंगस्टर नीरज बवाना के नेटवर्क से उसके संपर्क की बात सामने आई. पुलिस के मुताबिक नवीन बाली के जरिए हिमांशु का संपर्क बवाना गैंग से हुआ. इसके बाद दिल्ली में भी उसकी गतिविधियों का जिक्र जांच में आने लगा. रोहतक और सोनीपत में कारोबारियों से रंगदारी मांगने और फायरिंग के मामलों में भी उसका नाम सामने आया. मातूराम और सीताराम की दुकानों पर फायरिंग के बाद कथित रंगदारी की पर्ची मिलने का मामला भी इसी नेटवर्क से जोड़ा गया.
फर्जी पासपोर्ट के आरोप के बाद विदेश भागा
हरियाणा और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई बढ़ने के बीच हिमांशु के विदेश भागने की कहानी सामने आई. पुलिस के मुताबिक नवंबर 2022 में उसके खिलाफ फर्जी पहचान के जरिए पासपोर्ट बनवाने और विदेश जाने का मामला दर्ज हुआ. जांच एजेंसियों के अनुसार उसने पहले अमेरिका में ठिकाना बनाया. वहां से भी भारत में अपने नेटवर्क को निर्देश देने के आरोप लगे. बाद में उसका ठिकाना पुर्तगाल में होने की बात सामने आई. साल 2023 में इंटरपोल की ओर से उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई. NIA ने भी उसके और उससे जुड़े लोगों के ठिकानों पर कार्रवाई की. एजेंसी की छापेमारी में मोबाइल फोन और सिम कार्ड के साथ विदेशी मुद्रा और दूसरे दस्तावेज बरामद होने की बात सामने आई. हालांकि एजेंसियां उसके वास्तविक ठिकाने और पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश करती रही हैं.
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से टकराव का भी जिक्र
हिमांशु भाऊ का नाम लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के विरोधी नेटवर्क से भी जोड़ा जाता रहा है. जांच एजेंसियों के मुताबिक उसका संपर्क हरियाणा और पंजाब में सक्रिय बंबीहा गैंग के सिंडिकेट से भी रहा है. इन दावों की जांच अलग-अलग मामलों में की जाती रही है. हाल में उसके करीबी बताए जाने वाले योगेश कादयान के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस की जानकारी भी सामने आई. ऐसे में एजेंसियों के लिए चुनौती सिर्फ हिमांशु तक पहुंचने की नहीं है. उसके कथित शूटर नेटवर्क और फंडिंग चैनल को समझना भी अहम है.
आया नगर और नरेला की वारदातों के बाद फिर चर्चा
दिल्ली के आया नगर में जिम ट्रेनर की हत्या और नरेला में हुई अन्य वारदातों के बाद हिमांशु भाऊ गैंग का नाम फिर चर्चा में आया. सोशल मीडिया पर इन घटनाओं की जिम्मेदारी लेने वाले पोस्ट सामने आने के बाद पुलिस ने डिजिटल कड़ियों की जांच शुरू की. एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पोस्ट के पीछे कौन है. शूटर्स तक निर्देश कैसे पहुंचते हैं. हथियार और पैसे कहां से आते हैं. पुलिस के मुताबिक हिमांशु अभी गिरफ्त से बाहर है. उसके खिलाफ दर्ज मामलों में आरोपों का अंतिम फैसला संबंधित अदालतों में होना बाकी है. रिटौली गांव से शुरू हुई कहानी अब दिल्ली-NCR और विदेश तक पहुंच चुके कथित नेटवर्क की जांच में बदल गई है.
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सुमित कुमार हिंदी पत्रकारिता का एक उभरता और सक्रिय नाम हैं. वर्तमान में वे News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और सेंट्रल डेस्क टीम का हिस्सा हैं. पिछले चार साल से वे Network18और पढ़ें
