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Business Idea: देश की एक मल्टीनेशनल कंपनी में चार्टर्ड अकाउंटेंट रहे सैमुअल बनर्जी ने 25 साल तक नौकरी की. इसके बाद नौकरी छोड़ इको-फ्रेंडली ज्वेलरी बनाना शुरू किया. नारियल, पपीते के बीज और कौड़ियों से वह अनोखी ज्वेलरी बनाते हैं. इसकी मार्केट में कीमत 30 रुपये से लेकर-2000 रुपये तक रहती है. यह देश ही नहीं भूटान तक पसंद की जाती है.
नई दिल्ली: एक चार्टर्ड अकाउंटेंट जिन्हें एक बड़ी कंपनी में लोगों के अकाउंट को हैंडल करने का बड़ा जिम्मा मिला हुआ था. 25 साल नौकरी करने के बाद उन्हें ऐसा लगने लगा था कि जैसे मानो किसी पराये इंसान के बच्चे को वह बड़ा कर रहे हैं, तब इन्होंने अपने हुनर को तलाशा तो पाया कि उन्हें तो असल में बचपन से ही ज्वेलरी बनाना आता है. तब इन्होंने नौकरी छोड़ी और अपना पूरा वक्त इको फ्रेंडली ज्वेलरी बनाने में लगा दिया. उन्होंने सोचा कि सोना -चांदी तो बहुत महंगा चल रहा है, तो क्यों ना ऐसे में आर्टिफिशियल ज्वेलरी बनाएं.
हालांकि वह आर्टिफिशियल ज्वेलरी नहीं, जो मार्केट में मिल रही है. बल्कि उससे थोड़ी अलग और थोड़ा हटकर, जिसे देखने वाले देखते ही रह जाएं. बस फिर क्या था इन्होंने नारियल, कद्दू और पपीते के बीज से लेकर समुद्र में पाए जाने वाली कौड़ियों तक से ज्वेलरी बनाना शुरू कर दिए और आज आलम यह है कि अरुणाचल प्रदेश को छोड़कर देश के सभी हिस्सों में इनकी ज्वैलरी ऑनलाइन मंगाई जा रही है. भूटान तक उनकी ज्वेलरी लोग पसंद कर रहे हैं. आइये जानते हैं इसके बारे में.
नेशनल अवॉर्डी है सैमुअल बनर्जी
सैमुअल बनर्जी की अब उम्र लगभग 60 साल से ऊपर है. वह कहते हैं कि नौकरी करने के बाद उन्होंने खुद का बिजनेस शुरू किया. आज कांच से लेकर नारियल, पपीता, समुद्र में पाए जाने वाली कौड़ियों के साथ ही कई प्रकार की सब्जियां और फलों के छिलकों तक से उन्होंने खूबसूरत ज्वेलरी बनाई है. जो पूरे देश भर में पसंद की जा रही है. इसमें कई तरह के कलर और वैरायटी भी होती है. इसकी कीमत सिर्फ 30 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक रखी गई है.
उन्होंने बताया कि खुद का बिजनेस करना शुरुआत से ही उनकी सोच रही है, लेकिन रास्ता ना मिल पाने की वजह से उन्होंने कभी भी खुद का बिजनेस शुरू नहीं किया, लेकिन अब आखिरकार मौका मिला तो करीब 2002 से उन्होंने अपना बिजनेस करना शुरू किया. 2002 तक वह एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में चार्टर्ड अकाउंटेंट के तौर पर नौकरी कर रहे थे. सैलेरी पैकेज भी अच्छा था, लेकिन अब खुद के बिजनेस से ज्यादा मुनाफा हो रहा है.
हर साल हो जाता है इतना मुनाफा
सैमुअल बनर्जी ने बताया कि वह स्टेट अवार्डी हैं और हर साल इको फ्रेंडली ज्वेलरी को बनाकर उन्हें तीन से चार लाख रुपए का मुनाफा हो जाता है, जिससे पूरा परिवार भी चल रहा है. अब तो पूरा परिवार भी मिलकर उनका सहयोग करता है. काफी अच्छा मुनाफा है. उन्होंने बताया कि इतना मुनाफा उन्हें नौकरी में कभी नहीं होता था. उन्होंने यह भी बताया कि अगर कोई भी इको फ्रेंडली ज्वेलरी बनाना चाहता है तो वह उनसे सीख भी सकता है. क्योंकि वह ट्रेनर भी है और ट्रेनिंग भी देते हैं. जहां बड़ी संख्या में लोगों को वह सिखाते भी हैं. ऑनलाइन ऑफलाइन दोनों तरीके से लोग सीखते हैं.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से Hindi.News18.com<…
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