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Ghaziabad News: गाजियाबाद में तैयार हो रहा ‘बुनकर मार्ट सह एक्सपो एवं कन्वेंशन सेंटर’ अब जल्द लोगों के लिए तैयार होने वाला है. मधुबन बापूधाम योजना में बन रहे इस केंद्र में बुनकरों और शिल्पकारों के लिए स्थायी बाजार के साथ एक्सपो हॉल, 560 लोगों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम, एग्जिबिशन हॉल और फूड कोर्ट जैसी सुविधाएं होंगी. करीब 200 करोड़ रुपये की इस परियोजना से स्थानीय कारीगरों और छोटे कारोबारियों को अपने उत्पाद बड़े बाजार तक पहुंचाने का मौका मिलेगा. GDA के मुताबिक, निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और 30 नवंबर तक केंद्र को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है.
गाजियाबाद में तैयार हो रहा बुनकर मार्ट सह एक्सपो एवं कन्वेंशन सेंटर (इमेज-AI)
गाजियाबाद: दिल्ली के प्रगति मैदान और दिल्ली हाट की तरह अब गाजियाबाद में भी ऐसा बड़ा केंद्र बनने जा रहा है, जहां व्यापार के साथ प्रदर्शनियां, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक कार्यक्रम एक ही जगह हो सकेंगे. मधुबन बापूधाम योजना में बन रहा ‘बुनकर मार्ट सह एक्सपो एवं कन्वेंशन सेंटर’ अब लगभग तैयार हो चुका है. निर्माण का काम अंतिम चरण में चल रहा है.
इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब 200 करोड़ रुपये है. मौजूदा निर्माण पर करीब 115 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. इस केंद्र से स्थानीय बुनकरों, कारीगरों और छोटे कारोबारियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है. उन्हें अपने सामान की बिक्री और प्रदर्शनी लगाने के लिए एक स्थायी जगह मिलेगी. यहां एक्सपो और ट्रेड फेयर भी लगाए जाएंगे. इससे दूसरे राज्यों और बड़े शहरों से आने वाले खरीदार सीधे स्थानीय कारोबारियों से सामान खरीद सकेंगे. इससे स्थानीय कारोबार बढ़ने के साथ रोजगार के नए मौके भी बन सकते हैं.
560 सीटर ऑडिटोरियम होगा ख़ास
इस केंद्र में कई तरह की सुविधाएं तैयार की जा रही हैं. यहां करीब 13,740 वर्गमीटर में 560 लोगों के बैठने की क्षमता वाला बड़ा ऑडिटोरियम बनाया जा रहा है. इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम और दूसरे बड़े आयोजन किए जा सकेंगे. इसके अलावा करीब 6,080 वर्गमीटर में बड़ा एक्सपो हॉल तैयार किया जा रहा है. यहां व्यापारिक मेले और प्रदर्शनियां लगाई जा सकेंगी. बैठकों और चर्चा के लिए 80 से ज्यादा लोगों के बैठने की जगह वाला कांफ्रेंस हॉल भी बनाया जा रहा है.
बुनकरों के लिए दुकानें और स्टॉल
केंद्र में बुनकरों और कारीगरों के लिए खास स्टॉल और दुकानें बनाई जाएंगी. यहां वे अपने बनाए सामान को सीधे ग्राहकों के सामने रख सकेंगे. इसके साथ ही स्थायी मार्ट भी बनाया जा रहा है, जहां लोग अलग-अलग तरह के हस्तशिल्प और दूसरे सामान खरीद सकेंगे.
म्यूजियम और फूड कोर्ट भी होगा
लोगों के लिए यहां म्यूजियम और फूड कोर्ट की सुविधा भी होगी. म्यूजियम में कला और संस्कृति से जुड़ी चीजें देखने को मिलेंगी, जबकि फूड कोर्ट में खाने-पीने की अलग-अलग चीजें मिलेंगी. यानी यह जगह सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि लोग यहां घूमने और कार्यक्रम देखने भी आ सकेंगे.
30 नवंबर तक पूरा होने की उम्मीद
GDA के उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के मुताबिक, इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य बुनकरों और कारीगरों को सीधे बाजार से जोड़ना है. इसके साथ ही यहां व्यापार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए भी जगह उपलब्ध होगी. निर्माण का काम अंतिम दौर में है और इसे 30 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. जल्द ही ये सेंटर बनकर तैयार हो जाएगा.
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Seema Nath is a digital journalist and content creator with 6 years of experience in journalism, including ground reporting, regional news coverage and feature writing. She currently works as a Content Producer…
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