अचानक वृद्धाश्रम पहुंचे डीएम अंशुल कुमार, बुजुर्ग महिला ने रखी चाट-गोलगप्पे की डिमांड

नई दिल्ली (Anshul Kumar IAS). सोशल मीडिया की दुनिया में अक्सर आईएएस अधिकारियों के सख्त मिजाज और प्रशासनिक बैठकों के वीडियो ही देखने को मिलते हैं. लेकिन इन दिनों बिहार के पूर्णिया जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर किसी के भी चेहरे पर मुस्कान आ सकती है. पूर्णिया के डीएम और 2016 बैच के तेजतर्रार आईएएस अधिकारी अंशुल कुमार बेहद प्यारे वीडियो को लेकर चर्चा में हैं. इस वायरल वीडियो में एक बुजुर्ग महिला डीएम साहब से किसी सरकारी योजना या पेंशन की शिकायत करने के बजाय चाट और फुचका (गोलगप्पे) खिलाने की जिद करती नजर आ रही है.

आमतौर पर जब कोई आम इंसान किसी बड़े अधिकारी के सामने जाता है तो उसके मन में डर या अपनी समस्याओं का अंबार होता है. लेकिन पूर्णिया डीएम आईएएस अंशुल कुमार के वायरल वीडियो ने साबित कर दिया है कि जब कोई अफसर जनता के इतने करीब होता है कि लोग बेझिझक अपनी दिल की बात कह सकें तो वह रिश्ता प्रशासन और जनता का न रहकर परिवार जैसा बन जाता है. आईएएस अंशुल कुमार का अनूठा रूप अक्सर चर्चा का विषय बन जाता है. जानिए आईएएस अंशुल कुमार कौन हैं और यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में उनकी रैंक क्या थी.

पूर्णिया के डीएम अंशुल कुमार कौन हैं?

उत्तर प्रदेश के निवासी अंशुल कुमार के पिता गाजियाबाद के श्रम विभाग में कार्यरत थे. वह अपने पिता का सपना पूरा करने के लिए आईएएस अधिकारी बने. मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNNIT), प्रयागराज से बीटेक करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की. 2014 में SSC परीक्षा पास करके एक्साइज इंस्पेक्टर बने. लेकिन उनका लक्ष्य यूपीएससी क्रैक करना था. 2015 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 293वीं रैंक हासिल कर बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी बन गए. खास बात है कि उसी साल उनका चयन भारतीय वन सेवा में भी हुआ था, जिसमें उनकी रैंक 97वीं थी.

वृद्धाश्रम से वायरल हुआ मासूमियत भरा वाकया

पूर्णिया के डीएम अंशुल कुमार जिले के एक वृद्धाश्रम का औचक निरीक्षण करने और वहां रहने वाले बुजुर्गों का हालचाल जानने पहुंचे थे. आमतौर पर ऐसे दौरों पर अधिकारी सिर्फ फाइल या व्यवस्थाओं का जायजा लेते हैं. लेकिन डीएम अंशुल कुमार ने बुजुर्गों के बीच बैठकर उनसे बातचीत की. इसी दौरान एक बुजुर्ग महिला ने बेहद अपनेपन और मासूमियत के साथ DM साहब से पूछ लिया कि वे उन्हें चाट और फुचका कब खिलाएंगे. महिला की डिमांड सुनकर वहां मौजूद लोग और खुद डीएम साहब भी हंसी नहीं रोक पाए. डीएम अंशुल कुमार ने तुरंत जवाब दिया, ‘आज ही और अभी खिलाता हूं!’

जनता और प्रशासन के बीच भरोसे की अनोखी मिसाल

डीएम अंशुल कुमार और बुजुर्ग महिला का वीडियो वायरल हो रहा है. जब कोई अधिकारी जनता के बीच जाकर उनकी भाषा में बात करता है और उनके छोटे-छोटे दुखों और खुशियों में शामिल होता है तो जनता का सिस्टम पर भरोसा और मजबूत हो जाता है. यूपीएससी या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह वीडियो बड़ी सीख है. यह सिखाती है कि किताबी ज्ञान और बड़ी डिग्रियों के साथ-साथ बेहतरीन इंसान बनना और समाज के प्रति संवेदनशील होना कितना जरूरी है. यही वजह है कि आज सोशल मीडिया पर हर कोई पूर्णिया के डीएम साहब की सादगी की तारीफ कर रहा है.

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