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Ravan Dahan News: दिल्ली के लाजपत नगर में रावण दहन की अनुमति अंतिम समय में रद्द होने पर ‘आप’ ने भाजपा सरकार पर विरोध जताया है.
दिल्ली के लापपत नगर में रावण जलाने को लेकर क्यों हो रहा विवाद (फोटो: IANS)
नई दिल्ली. दिल्ली के लाजपत नगर स्थित कस्तूरबा निकेतन ग्राउंड में दशहरा उत्सव के तहत होने वाले रावण दहन कार्यक्रम की अनुमति रद्द किए जाने को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने विरोध जताया है. आप नेता और एमसीडी के को-इंचार्ज प्रवीण कुमार ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए भाजपा सरकार पर जुबानी हमला किया. उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम की तैयारियां पूरी होने के बाद आयोजन से महज 12 घंटे पहले अनुमति रद्द कर दी गई.
प्रवीण कुमार ने बताया कि कस्तूरबा निकेतन ग्राउंड में रावण दहन कार्यक्रम के लिए 15 अक्टूबर की अनुमति मिली थी. आयोजक समिति ने इसके बाद पुतला तैयार करने से लेकर टेंट और अन्य व्यवस्थाओं तक की तैयारियां पूरी कर ली थीं. कार्यक्रम के लिए लगभग सभी इंतजाम हो चुके थे और अगले दिन आयोजन होना था. इसी बीच, जमीन के स्वामित्व वाले विभाग, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) की ओर से अचानक सूचना दी गई कि ग्राउंड की अनुमति रद्द कर दी गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला भारतीय जनता पार्टी की सरकार और स्थानीय विधायक तरविंदर सिंह मारवाह के दबाव में लिया गया.
क्या है आयोजकों का कहना?
प्रवीण कुमार ने कहा कि आयोजकों से 35 हजार रुपए की फीस मांगी गई थी और अनुमति के लिए बताए गए सभी जरूरी बिंदुओं को भी पूरा कर दिया गया था. इसके बावजूद अंतिम समय में परमिशन रद्द कर दी गई. मौके पर पुलिस और विभागीय अधिकारियों को भेजकर आयोजन नहीं होने की जानकारी दी गई.
प्रवीण कुमार ने भाजपा सरकार पर दशहरा उत्सव में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि सत्य की असत्य पर जीत का प्रतीक माने जाने वाले इस त्योहार के आयोजन को क्यों रोका जा रहा है. उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और स्थानीय विधायक तरविंदर सिंह मारवाह पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में रावण दहन की अनुमति रद्द किए जाने का कारण बताया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि देश और दुनिया के कई हिस्सों में दशहरा उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है, लेकिन दिल्ली में इस तरह की स्थिति पैदा होना दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने भाजपा पर हिंदू त्योहार को रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया.
प्रवीण कुमार ने कहा कि आयोजकों और स्थानीय लोगों ने कार्यक्रम के लिए काफी तैयारी की है और अब वे पीछे हटने वाले नहीं हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अनुमति रद्द होने के बावजूद रावण दहन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि लोगों को बचपन से असत्य पर सत्य की जीत का संदेश दिया जाता है और दशहरा इसी विचार का प्रतीक है. केवल अनुमति से जुड़े दस्तावेज के कारण समाज अपनी परंपरा नहीं छोड़ेगा.
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अरुण बिंजोला वर्तमान में News18 हिंदी में एसोसिएट एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वह करीब 19 वर्षों से काम कर रहे हैं, जिसमें 13 वर्षों से अधिक समय डिजिटल मीडिया में बी…
