दिल्ली के हर्ष विहार में रविवार शाम एक निर्माणाधीन मकान ढहने से हड़कंप मच गया. मलबे में दो लोगों के मौत की खबर है. वहीं एक शख्स के दबे होने की आशंका है. हादसा मंडोली रोड स्थित मिलन गार्डन इलाके में हुआ. बताया जा रहा है कि पुराने मकान के ऊपर एक और मंजिल बनाई जा रही थी. इसी दौरान छत का हिस्सा अचानक टूटकर नीचे आ गिरा. हादसे के बाद परिवार के लोग अपनों को बचाने के लिए बेचैन नजर आए. एक परिजन ने दर्द बयां करते हुए कहा कि वह चार घंटे से अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ा रहा था. उसके बाबा और पापा मलबे में फंसे हो सकते हैं. उसने कहा कि वह आखिर क्या करे और किससे मदद मांगे.
दिल्ली के हर्ष विहार में मकान गिरने से पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत
दिल्ली के हर्ष विहार में दो मंजिला इमारत का ढांचा गिरने से पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत हो गई. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 25 अक्टूबर 2026 की शाम 6:46 बजे A-4, मिलन गार्डन इलाके में एक बिल्डिंग का स्ट्रक्चर गिरने की सूचना मिली थी. शुरुआती जांच में पता चला कि पुरानी इमारत का ग्राउंड फ्लोर, जहां कथित तौर पर गोदाम था, उसके ऊपर बने फर्स्ट फ्लोर के साथ ढह गया. यह प्रॉपर्टी कथित तौर पर मनोज कुमार की है. हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया.
रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन, मलबे से निकाले गए दोनों शव
हादसे के बाद मौके पर दो फायर ब्रिगेड गाड़ियां, दो एम्बुलेंस और एक क्रेन तैनात की गई. सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों के साथ NDRF की टीम ने भी बचाव अभियान में मदद की. रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे से दो लोगों को निकालकर GTB अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. मृतकों की पहचान 60 वर्षीय चंद्रपाल और 33 वर्षीय विजय कुमार के रूप में हुई है. दोनों हर्ष विहार की गली नंबर 14 के रहने वाले थे. पुलिस के अनुसार, बचाव अभियान जारी है और
पुराने मकान पर बनाई जा रही थी एक और मंजिल
मिलन गार्डन के RWA अध्यक्ष आशुतोष त्यागी के मुताबिक इमारत में नया लैंटर डाला जा रहा था. उनका कहना है कि नीचे की पुरानी छत कमजोर थी. उसके ऊपर नया लैंटर डालने के दौरान निचला हिस्सा टूट गया. इसके बाद ऊपर का नया लैंटर भी नीचे गिर पड़ा. हालांकि हादसे की असली वजह की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
‘चार घंटे से खुशामद कर रहा हूं’
हादसे में अपने परिजनों के फंसे होने की आशंका से परेशान यश ने बताया कि वह काफी देर से मदद की गुहार लगा रहा था. उसने कहा, ‘लैंटर शाम चार बजे से गिरा हुआ है और अब नौ बज रहे हैं. अभी जेसीबी आ रही है और अभी फोर्स आ रही है. मेरे बाबा और मेरे पापा हैं. मैं क्या करूं? चार घंटे से इनकी खुशामद कर रहा हूं कि किसी को बुला लो.’ उसकी बातों से घटनास्थल पर परिवार की बेचैनी और इंतजार का अंदाजा लगाया जा सकता है.
NDRF और दमकल की टीमें जुटीं
अतिरिक्त डीसीपी संदीप लांबा के मुताबिक पुलिस को शाम करीब सात बजे मंडोली रोड पर इमारत गिरने की सूचना मिली. उन्होंने बताया कि आसपास का इलाका घिरा होने के कारण शुरुआत में यह पहचानना भी मुश्किल था कि इमारत का कौन सा हिस्सा गिरा है. स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग, NDRF और सिविल डिफेंस की टीमें बचाव कार्य में जुटीं. मलबे के आसपास का हिस्सा हटाया जा रहा था. अधिकारियों ने उस समय स्पष्ट किया कि दो लोगों के दबे होने की आशंका थी लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई थी.
मंत्रियों ने मौके पर पहुंचकर लिया हालात का जायजा
- दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि दमकल विभाग और NDRF की टीमें मौके पर काम कर रही हैं. दो लोगों के फंसे होने की आशंका है और उन्हें निकालने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इसके कारणों की जांच कराई जाएगी.
- मंत्री आशीष सूद ने भी कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों के साथ है और राहत कार्य के लिए एजेंसियां तैनात हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि घटना के लिए जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने अवैध निर्माण के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का भी जिक्र किया. फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है.
