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दिल्ली सरकार ने ठेके पर काम करने वाले एलिजिबल कर्मचारियों को वित्त वर्ष 2025-26 का वैधानिक बोनस देने के निर्देश दिए हैं. 21 हजार रुपये तक मासिक वेतन पाने वाले और साल में कम से कम 30 दिन काम करने वाले कर्मचारी इसके हकदार होंगे. बोनस की न्यूनतम दर 8.33 प्रतिशत और अधिकतम 20 प्रतिशत है. ठेकेदारों को 30 नवंबर 2026 तक भुगतान करना होगा.
रेखा सरकार ने आदेश जारी किया.
दिवाली से ठीक पहले दिल्ली के हजारों कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स्ड कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले हो गई है. सीएम रेखा गुप्ता की सरकार ने त्योहारों का असली गिफ्ट देते हुए अकाउंटिंग वर्ष 2025-26 के लिए वैधानिक बोनस देने का बड़ा ऐलान कर दिया है. श्रम मंत्री कपिल मिश्रा के आदेश के बाद श्रम विभाग हरकत में आ गया है और साफ कर दिया है कि कर्मचारियों का हक मारना अब ठेकेदारों को भारी पड़ेगा. 21,000 रुपये तक की मंथली सैलरी वाले जिन भी कर्मचारियों ने 30 दिन काम किया है, उनके खाते में बोनस क्रेडिट होना तय है. 8.33% से लेकर 20% तक मिलने वाले इस बोनस का पैसा हर हाल में 30 नवंबर 2026 तक खातों में ट्रांसफर करना होगा. अगर किसी ठेकेदार ने ढिलाई बरती या नाटक किया, तो उस पर न केवल तगड़ा जुर्माना लगेगा बल्कि कानूनी कार्रवाई भी तय है.
किसे मिलेगा इस शानदार तोहफे का फायदा?
नियमों के मुताबिक, जिन कर्मचारियों की मासिक सैलरी 21,000 रुपये तक है और जिन्होंने संबंधित वित्तीय वर्ष में कम से कम 30 दिन काम किया है, वे इस वैधानिक बोनस के हकदार होंगे. सरकार के इस कदम से निचले स्तर पर काम करने वाले उन कर्मचारियों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी जो लंबे समय से इसकी उम्मीद लगाए बैठे थे.
कितनी मिलेगी बोनस की रकम और क्या है डेडलाइन?
श्रम विभाग की एडवाइजरी के अनुसार, बोनस की न्यूनतम दर 8.33% या 100 रुपये (जो भी अधिक हो) और अधिकतम दर 20% तक तय की गई है. इसके लिए वेतन की अधिकतम गणना सीमा 7,000 रुपये या मौजूदा न्यूनतम वेतन (जो भी अधिक हो) मानी जाएगी. सबसे बड़ी बात यह है कि ठेकेदारों को हर हाल में 30 नवंबर 2026 तक कर्मचारियों के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने होंगे. अगर किसी ठेकेदार ने चालाकी दिखाने की कोशिश की, तो उस पर भारी जुर्माना और सख्त वसूली की कार्रवाई तय है.
21 हजार से ज्यादा वेतन वालों को क्या मिलेगा?
जिन कर्मचारियों का मासिक वेतन 21 हजार रुपये से ज्यादा है, वे इस वैधानिक बोनस की एलिजिबिल्टी सीमा में नहीं आते. हालांकि, नियोक्ता चाहें तो उन्हें अपनी नीति के अनुसार बोनस या अतिरिक्त भुगतान दे सकते हैं. सरकार ने विभागों और संस्थानों से ठेकेदारों के जरिए भुगतान सुनिश्चित कराने को कहा है. इसका मकसद है कि एलिजिबल कर्मचारियों को त्योहार के आसपास बोनस के लिए इंतजार न करना पड़े.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
