पार्टिशन के दौरान पाकिस्तान से आए, दिल्ली में किया कारोबार, आज देश के जाने-माने बड़े ब्रांड्स, विदेश तक फैला बिजनेस

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भारत और पाकिस्तान के विभाजन के बाद पाकिस्तान में कई ऐसे छोटे-बड़े ब्रांड्स थे, जिनके मालिक विभाजन के बाद भारत के दिल्ली शहर में आकर बस गए और फिर यहीं से उन्होंने वापिस अपने ब्रांड्स की शुरुआत की. हम आपको बता दें की ये ब्रांड्स अब देश के बड़े ब्रांड्स बन चुके हैं और इनका टर्नओवर करोड़ों में है. देखिए कौन-कौन से हैं ये ब्रांड्स?

भारत के सबसे मशहूर मसाला ब्रांड्स में से एक MDH की शुरुआत पाकिस्तान के सियालकोट से 1919 में हुई थी. आजादी के बाद जब देश का विभाजन हुआ तो महाशय चुन्नीलाल गुलाटी जिन्होंने MDH की स्थापना की थी. उनके बेटे महाशय धरमपाल गुलाटी ने भारत में आकर दिल्ली के करोल बाग में एक छोटी सी दुकान से अपने पिता के MDH मसाला बिजनेस की शुरुआत की जो कि अब भारत का सबसे बड़ा ब्रांड और करोड़ों के नेटवर्थ वाला ब्रांड बन चुका है.

देश की सबसे प्रसिद्ध आइसक्रीम और रबड़ी फालूदा की दुकान ‘ज्ञानी दी हट्टी’ की शुरुआत दिल्ली से नहीं बल्कि पाकिस्तान से हुई थी. दरअसल, ज्ञानी दी हट्टी के मालिक कुलदीप सिंह बताते हैं कि उनके पिता पाकिस्तान के लायलपुर में आजादी और विभाजन से पहले आइसक्रीम बेचा करते थे और फिर विभाजन के बाद उन्होंने दिल्ली में आकर फतेहपुरी मस्जिद के पास यह दुकान खोली थी. आज उनकी यह दुकान और इनके कई और आउटलेट्स पूरे भारत में काफी ज्यादा प्रसिद्ध हैं और एक बड़े ब्रांड के तौर पर जाने जाते हैं.

चेनाराम सिंधी हलवाई जो की पुरानी दिल्ली फतेहपुरी मस्जिद के पास एक प्रसिद्ध मिठाई दुकान है. यह इस वक्त देश की सबसे प्रसिद्ध मिठाइयों की दुकानों में से एक है. इस दुकान के इतिहास के बारे में कहा जाता है कि इसकी स्थापना 1901 में उस वक्त पाकिस्तान के लाहौर शहर में हुई थी. विभाजन के बाद इस दुकान के मालिक लाला चैना राम दिल्ली आकर बस गए और फिर यहां से उन्होंने इस दुकान की शुरुआत वापस की.

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मदनलाल हलवाई की दुकान जो कि भारत की प्रसिद्ध मिठाई की दुकानों में से एक है. इसकी शुरुआत दिल्ली में पाकिस्तान के लाहौर शहर से लाल मदनलाल ने की थी. हम आपको बता दें कि इस दुकान की मिठाई देश के पहले प्रधानमन्त्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर बॉलीवुड के प्रसिद्ध अदाकार राज कपूर तक खाना पसंद करते थे. यह दुकान आज भी पुरानी दिल्ली के सदर बाजार में मौजूद है और देश में कई और जगह पर भी इनके आउटलेट्स हैं.

हैवमोर की इसक्रीम ब्रांड की शुरुआत पाकिस्तान के कराची शहर से सतीश चंद्र चोना ने की थी. इस ब्रांड की शुरुआत 1944 में पाकिस्तान में हुई थी और विभाजन के बाद चोना परिवार भारत आ गया और फिर उन्होंने यहां से इस ब्रांड की फिर से शुरुआत की थी.

हमदर्द रूह अफजा जो एक मशहूर शरबत है, इसकी कहानी थोड़ी अलग है. लोग इसे पाकिस्तान का ब्रांड समझते हैं, लेकिन इस ब्रांड की शुरुआत भारत के दिल्ली शहर से हकीम हाफिज अब्दुल ने की थी. हालांकि, फिर विभाजन के बाद इस ब्रांड की एक यूनिट पाकिस्तान चली गई और उन्होंने वहां पर एक और यूनिट की शुरुआत कर दी. ऐसे में अब इस हमदर्द रूह अफजा ब्रांड की दो यूनिट हैं. एक भारतीय और दूसरी पाकिस्तानी.

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