ग्रेटर नोएडा : यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में रियल एस्टेट सेक्टर एक बार फिर चर्चा में है. प्राधिकरण द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए भूमि आवंटन/लीज दरों में वृद्धि का प्रस्ताव जारी किया गया है, जिससे क्षेत्र में विकास की रफ्तार तेज होने और निवेशकों के लिए नए अवसर खुलने की उम्मीद जताई जा रही है. प्रस्ताव के अनुसार विभिन्न श्रेणियों में करीब 3 से 5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है, जो सीधे तौर पर आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक परियोजनाओं को प्रभावित करेगी.
आवासीय श्रेणी की बात करें तो दरों को 35,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर 36,260 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने का प्रस्ताव है. वहीं ग्रुप हाउसिंग के लिए यह दर 52,500 रुपये से बढ़ाकर 54,380 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दी गई है. आवासीय टाउनशिप परियोजनाओं के लिए भी दरों में इजाफा करते हुए 39,258 रुपये से बढ़ाकर 40,670 रुपये प्रति वर्ग मीटर प्रस्तावित किया गया है.
इन बदलावों से बड़े स्तर पर हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा मिलने की संभावना है.व्यावसायिक श्रेणी में इस बार फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) को आधार बनाकर दरें तय की गई हैं. FAR 2 तक के लिए दर 70,000 रुपये से बढ़ाकर 72,510 रुपये प्रति वर्ग मीटर की गई है, जबकि FAR 2 से अधिक होने पर दर 84,000 रुपये से बढ़ाकर 87,010 रुपये प्रति वर्ग मीटर प्रस्तावित की गई है. यह बदलाव उच्च घनत्व वाले विकास को ध्यान में रखते हुए किया गया है, जिससे शहर में आधुनिक कमर्शियल स्पेस का विस्तार हो सके.संस्थागत श्रेणी में स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों के लिए भी नई दरें लागू की गई हैं. यहां प्लॉट के आकार के आधार पर स्लैब तय किए गए हैं, जिसमें छोटे प्लॉट्स के लिए दर अधिक और बड़े प्लॉट्स के लिए कम रखी गई है. उदाहरण के तौर पर 4,000 वर्ग मीटर तक के प्लॉट के लिए दर 18,030 रुपये से बढ़ाकर 18,680 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दी गई है, जबकि 80,000 वर्ग मीटर से अधिक के प्लॉट्स के लिए यह 10,990 रुपये से बढ़ाकर 11,390 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दी गई है.
सामाजिक अवसंरचना के तहत आने वाले सरकारी कार्यालयों, धार्मिक स्थलों, दुग्ध बूथ और अस्पतालों के लिए भी दरों में वृद्धि प्रस्तावित है. अस्पतालों के लिए दर 27,330 रुपये से बढ़ाकर 28,310 रुपये प्रति वर्ग मीटर की गई है. इसके अलावा आईटी और आईटीईएस सेक्टर के लिए भी स्लैब आधारित दरें लागू की गई हैं, जिससे बड़े निवेशकों को आकर्षित करने की रणनीति साफ नजर आती है.औद्योगिक क्षेत्र में भी इसी प्रकार की संरचना अपनाई गई है. जानकारी के अनुसार इंडस्ट्रियल प्लॉट्स की कीमतों में करीब 700 से 800 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक की तेजी देखने को मिली है, जिससे इनकी नई दर लगभग 15,500 रुपये प्रति वर्ग मीटर के आसपास पहुंच गई है. यह बढ़ोतरी औद्योगिक निवेश को संतुलित रखते हुए क्षेत्रीय विकास को गति देने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है.
रियल एस्टेट कारोबारी मयूर मित्तल ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 18 और सेक्टर 20 लंबे समय से निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. वर्ष 2009 में विकसित इन सेक्टरों में अब कीमतों में उल्लेखनीय उछाल देखा जा रहा है. सेक्टर 18 में जहां सभी प्लॉट लगभग 300 वर्ग मीटर के हैं, वहीं सेक्टर 20 में 300 से लेकर 4000 वर्ग मीटर तक के प्लॉट उपलब्ध हैं.सेक्टर 20 में मौजूदा मार्केट रेट करीब 60,000 रूपये प्रति वर्ग मीटर से शुरू होकर 70,000 से 75,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच रहे हैं. खासकर कॉर्नर प्लॉट्स और बड़े आकार के प्लॉट्स की मांग अधिक होने के कारण उनकी कीमतें सामान्य प्लॉट्स की तुलना में ज्यादा हैं. वहीं प्राधिकरण द्वारा तय सर्किल रेट लगभग 35,000 से बढ़ाकर 36,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर के आसपास किया गया है, जो अभी भी मार्केट रेट से काफी कम है.
