जेवर एयरपोर्ट क्या बना? यहां के किसान तो हो गए मालामाल, फॉर्च्युनर, थार, स्कॉर्पियो तक कैश में ले जा रहे

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जेवर एयरपोर्ट बनने से केवल उन लोगों की जिंदगी आसान नहीं हुई है, जो फ्लाइट पकड़कर कहीं आने-जाने वाले हैं. बल्कि उन लोगों की भी लाइफस्टाइल बदल गई है, जिनकी जमीनें गई हैं. लोग फॉर्च्युनर कार तक कैश में लेकर जा रहे हैं.

जेवर एयरपोर्ट में जिनकी गईं जमीनें, उन्होंने बदल ली अपनी लाइफस्टाइल.

ग्रेटर नोएडाः जेवर एयरपोर्ट बनने से सिर्फ जमीन के दाम ही नहीं बढ़े हैं. बल्कि अब यहां लोगों की लाइफस्टाइल भी तेजी से बदल रही है, जो किसान पहले साइकिल या बाइक चलाते थे, वह अब सीधे कार के शोरूम में पहुंचकर कैश RTGS में गाड़ियां खरीद रहे हैं. इस मौके का फायदा कार कंपनियां भी उठाने में लग गई हैं, जहां पर कार के इक्का-दुक्का शोरूम थे. लेकिन अब हर तरफ नए-नए कार शोरूम खुल रहे हैं. जेवर एयरपोर्ट और जमीन अधिग्रहण के बाद किसानों के पास अच्छा पैसा आया है और अब वो अपने सपनों की कार खरीद रहे हैं.

हर महीने 40 से 50 कार की हो रही डिलीवरी
जेवर में महिंद्रा कार डीलर्स राम यादव ने बताया कि पहले जहां महीने में 20 गाड़ियां बिकती थीं. वहां अब ये आंकड़ा 60 तक पहुंच गया है. उन्होंने बताया कि स्कॉर्पियो और थार की सबसे ज्यादा डिमांड है. सबसे खास बात ये है कि कई ग्राहक लोन नहीं ले रहा है. बल्कि सीधे कैश में पेमेंट कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि लगातार बुकिंग आ रही है. महीने भर में 40 से 50 कार डिलीवर हो रही है.

फॉर्च्युनर तक कैश में लेकर जा रहे लोग
एयरपोर्ट बनने के बाद डिमांड काफी बढ़ गई है. लोग सीधे आकर गाड़ी ले रहे हैं. ज्यादातर कैश लेकर आ रहे हैं. लेकिन हम इतना कैश ले नहीं सकते तो RTGS मैं डिलीवर कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि 1 साल पहले ही उनका शोरूम यहां पर बना है और महीने में 10 से 15 कार डिलीवर की जा रही है, जिसमें फॉर्च्यूनर और हायराइडर की सबसे ज्यादा डिमांड है. बड़ी कंपनियां भी अब जेवर में नए शोरूम खोलने की तैयारी में है

लोगों ने कहा- बदल गई है हमारी लाइफस्टाइल
जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की गई उसके बाद मुआवजा मिला और मुआवजे के बाद RR कॉलोनी में सरकार ने विस्थापित कर दिया. उसके बाद घर बनाया आलीशान, गाड़ी खरीदी बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा के विकल्प खुले. यह कहना है जेवर RR कॉलोनी में रहने वाले यतेंद्र का, जिनकी जमीन अधिग्रहण में गए और उनको अच्छा मुआवजा मिला. उन्होंने बताया कि जेवर में अब लोगों का लाइफस्टाइल बदल रही है, जीवन शैली में बदलाव देखा जा रहा है. लोग विकास की तरफ जा रहे हैं. उनकी पत्नी ने बताया कि मुआवजे के पैसे से वह अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देंगे, उनके भविष्य के लिए, उनके कुछ सपने हैं जो मुआवजे के पैसे से पूरे किए जाएंगे.

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Prashant Rai

प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें

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