दिल्ली-NCR में जोरदार बारिश, 60 KM की रफ्तार से चल रही तूफानी हवाएं, ओले गिरने का भी अलर्ट

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. इस वक्‍त गाजियाबाद, बहादुरगढ़, नोएडा, गुरुग्राम समेत दिल्‍ली से सटे शहरों में झमाझम बारिश हो रही है.  भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 31 मार्च 2026 को जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर समेत हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में अगले कुछ घंटों के भीतर मध्यम से भारी बारिश, गरज-चमक और ओले गिरने की प्रबल संभावना जताई थी. मौसम विभाग ने इसे लेकर ‘येलो’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है, जिसमें लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

दिल्ली और एनसीआर में बदला मौसम
IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार दिल्ली के अधिकांश हिस्सों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है. विशेष रूप से बहादुरगढ़, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और बल्लभगढ़ जैसे एनसीआर के इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है. इससे पहले दोपहर के समय दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के जाफरपुर और नजफगढ़ जैसे इलाकों में हल्की बारिश और 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं दर्ज की गई थीं.

हरियाणा और राजस्थान में ओले गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग ने हरियाणा के कई जिलों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है. मानेसर (NCR), चरखी दादरी, झज्जर, फरुखनगर, कोसली, महेंद्रगढ़, सोहना, रेवाड़ी और नूंह में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) होने की संभावना है. इस दौरान हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इसके अलावा राजस्थान के सादुलपुर और भिवाड़ी में भी ओलावृष्टि और मध्यम बारिश का अनुमान है. हरियाणा के अन्य हिस्सों जैसे कैथल, नरवाना, फतेहाबाद, जींद, हिसार, रोहतक और सोनीपत में भी धूल भरी आंधी के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है.

आम जनजीवन और फसलों पर संभावित प्रभाव
मौसम में आए इस अचानक बदलाव का व्यापक असर देखने को मिल सकता है. IMD ने निम्नलिखित संभावित प्रभावों के प्रति आगाह किया है:

· यातायात में बाधा: तेज बारिश और कम दृश्यता के कारण सड़कों पर फिसलन हो सकती है, जिससे यात्रा के समय में 10 से 15 मिनट की देरी होने की संभावना है.

· फसलों को नुकसान: ओलावृष्टि और तेज हवाएं खेतों में खड़ी या कटी हुई फसलों के लिए विनाशकारी साबित हो सकती हैं.

· बिजली गिरने का खतरा: खुले स्थानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम बना रहता है.

बचाव के लिए क्या करें?
मौसम विभाग ने नागरिकों के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

1. सुरक्षित स्थान पर रहें: गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और जल निकायों से दूर रहें.

2. यात्रा में सावधानी: वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें.

3. किसानों के लिए सलाह: कटी हुई फसल को खुले में न छोड़ें और फिलहाल उर्वरकों या कीटनाशकों का प्रयोग टाल दें.

4. इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: खराब मौसम के दौरान बिजली के उपकरणों के प्लग निकाल दें और घर के अंदर ही रहने का प्रयास करें.

सवाल-जवाब

दिल्ली-एनसीआर में बारिश का मुख्य कारण क्या है?

पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में नमी और हवा के दबाव में बदलाव आया है, जिससे बारिश और ओलावृष्टि की स्थिति बनी है.

ओलावृष्टि किन इलाकों में होने की सबसे अधिक संभावना है?

मानेसर, झज्जर, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और राजस्थान के भिवाड़ी व सादुलपुर में ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है.

क्या यह मौसम पूरे दिन ऐसा ही रहेगा?

फिलहाल यह ‘नाउकास्ट’ अगले 2 से 3 घंटों के लिए प्रभावी है. हालांकि, शाम तक रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है.

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