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दिल्ली पुलिस की रेड के दौरान गोदाम से बहुत सारा नकली सामान मिला है. पुलिस ने 1800 सील की हुई नकली सेंसोडाइन ट्यूब बरामद की हैं. मौके से 10472 खाली ट्यूब और 616 ढक्कन लगी ट्यूब भी मिली हैं. 1224 पहले से भरी और पैक की हुई ट्यूब भी जब्त की गई हैं. टीम ने करीब 130 किलोग्राम नीला लोकल कच्चा पेस्ट जब्त किया है.
दिल्ली पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजधानी में नकली सेंसोडाइन टूथपेस्ट बनाने वाली एक बड़ी अवैध यूनिट का सफल भंडाफोड़ किया है. इस कार्रवाई में भारी मात्रा में नकली उत्पाद, मशीनरी और कच्चा माल जब्त किया गया तथा फैक्ट्री के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस के अनुसार, क्राइम ब्रांच की ईस्टर्न रेंज-1 की टीम को 2 अप्रैल को गुप्त सूचना मिली कि खंजावाला के महावीर विहार, सी-ब्लॉक में एक गोदाम में नकली सेंसोडाइन टूथपेस्ट बनाया जा रहा है. टीम ने इंस्पेक्टर आशीष शर्मा के नेतृत्व में तुरंत छापा मारा. मौके पर 6 मजदूर ट्यूबों में पेस्ट भरने और सील करने का काम करते पाए गए.
छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में नकली सामान जब्त किया. इसमें 1,800 भरी हुई और सील की हुई नकली सेंसोडाइन टूथपेस्ट ट्यूबें, 10,472 खाली ट्यूबें, 616 ढक्कन लगी हुई खाली ट्यूबें और 1,224 पहले से भरी हुई एवं पैक की हुई ट्यूबें शामिल हैं. इसके अलावा, लगभग 130 किलोग्राम नीला कच्चा पेस्ट, एक पूरी ट्यूब भरने और सील करने वाली मशीन, सेंसोडाइन ब्रांडिंग वाले कार्टन, कैप्स, श्रिंक स्लीव्स, हीटिंग गन, गोंद तथा अन्य पैकेजिंग सामग्री भी बरामद की गई. सभी सामान अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार किया जा रहा था, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा था. नकली टूथपेस्ट में इस्तेमाल होने वाला पेस्ट स्थानीय और घटिया क्वालिटी का था.
मुख्य आरोपी हरि ओम मिश्रा (उम्र 58 वर्ष, निवासी सेक्टर-2, रोहिणी) को गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने गोदाम किराए पर लिया था और बिना किसी लाइसेंस या ब्रांड मालिक की अनुमति के खाली सेंसोडाइन ट्यूबों में कच्चा पेस्ट भरकर बाजार में बेचने के लिए पैक कर रहा था.मजदूरों में अधिकांश बिहार और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं. पुलिस ने मौके पर मौजूद अधिकृत ब्रांड प्रतिनिधि श्री राजेश कुमार से भी पुष्टि कराई, जिन्होंने सभी सामान को नकली बताया.
इस मामले में क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और कॉपीराइट एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अब कच्चे माल के आपूर्तिकर्ताओं, अन्य सहयोगियों और पूरे वितरण नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच कर रही है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
