Last Updated:
Noida News: सरकार यूपी के विकास के लिए लगातार काम कर रही है. इसी क्रम में, नोएडा में मास्टर प्लान रोड नंबर-1 पर एक नया एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव है. यह रजनीगंधा अंडरपास से शुरू होकर सेक्टर-57 चौराहे तक जाएगी. इसके सर्वे के लिए नोएडा प्राधिकरण ने आईआईटी रुड़की को चुना है. गुरुवार को आईआईटी रुड़की की टीम ने नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ मिलकर इस रूट का फिजिबिलिटी सर्वे किया. टीम ने रजनीगंधा अंडरपास से सेक्टर-57 चौराहे तक करीब 6 किलोमीटर लंबे हिस्से का बारीकी से निरीक्षण किया.
आईआईटी रुड़की की टीम ने यह जांचा कि एलिवेटेड रोड को सड़क के बीच में बनाना बेहतर होगा या किनारों पर. साथ ही, ट्रैफिक की आवाजाही के लिए लूप की जरूरत और मौजूदा यू-टर्न के प्रभाव का भी आकलन किया गया. रजनीगंधा अंडरपास के ऊपर से गुजर रही मेट्रो लाइन इस परियोजना के लिए एक बड़ी तकनीकी चुनौती है, जिसके लिए डिजाइन में विशेष सावधानी बरती जाएगी.
प्राधिकरण के अनुसार, यह एलिवेटेड रोड दो हिस्सों में बन सकती है. पहला हिस्सा सेक्टर-3 से सेक्टर-57 तक और दूसरा रजनीगंधा अंडरपास से सीधे डीएनडी तक जोड़ा जा सकता है. इसके बनने से दिल्ली से नोएडा सेक्टर-62 की ओर जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी.
इस रोड की लंबाई करीब 6 किलोमीटर है. बता दें, एमपी-1 पर इस एलिवेटेड रोड के निर्माण की योजना पहले ही बनाई जा चुकी थी. इस परियोजना का शिलान्यास वर्ष 2015 में उस समय के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा किया गया था.
Add News18 as
Preferred Source on Google
IIT टीम ने महामाया फ्लाईओवर के पास से लेकर सेक्टर-94 तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट के संबंध में भी एक सर्वे किया. इस सड़क की लंबाई लगभग 1.75 किलोमीटर होने का प्रस्ताव है. इस क्षेत्र में फिलहाल एक चालू फ्लाईओवर और एक मेट्रो लाइन मौजूद है.
नोएडा स्टेडियम चौराहा और सेक्टर 12-22 T-जंक्शन ट्रैफिक के लिए खुले हैं, हालांकि, बाकी चौराहे और जंक्शन कुछ साल पहले बंद कर दिए गए थे और उन्हें U-टर्न में बदल दिया गया था. इस स्थिति को देखते हुए IIT रुड़की ने इस पूरे इलाके में ट्रैफिक के बहाव का एक विस्तृत फिजिबिलिटी स्टडी करना जरूरी समझा है.
यह एलिवेटेड रोड बनने से नोएडा में ट्रैफिक जाम काफी कम हो जाएगा. मास्टर प्लान रोड नंबर-1 पर रोजाना भारी वाहन आते-जाते हैं. रोड बनने के बाद यात्रा का समय भी बच जाएगा. फिलहाल इस रास्ते पर सिग्नल और भीड़ की वजह से ज्यादा समय लगता है. एलिवेटेड रोड से लोग तेजी से आगे बढ़ सकेंगे.
यह परियोजना सेक्टर-3, सेक्टर-12, सेक्टर-22, सेक्टर-56 और सेक्टर-57 जैसे इलाकों को बेहतर जोड़ेगी. इसके बनने के बाद दिल्ली और गाजियाबाद से आने वाले लोगों को भी फायदा होगा.
