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कार की घटना से विधानसभा परिसर में मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की पर्याप्तता और प्रभावशीलता को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं. यह परिसर वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और विधायकों की नियमित मौजूदगी के कारण एक अत्यंत संवेदनशील और सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है.
दिल्ली विधानसभा की घटना को अधिकारी सुरक्षा में एक गंभीर चूक मान रहे हैं.
नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सोमवार दोपहर उस वक्त सेंध लग गई, जब एक नकाबपोश शख्स कार लेकर जबरन परिसर के अंदर घुस गया. अधिकारियों ने बताया कि इस घटना से परिसर में सुरक्षा को लेकर हड़कंप मच गया. अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के नंबर वाली यह कार दोपहर करीब 2 बजे गेट नंबर 2 से विधानसभा परिसर में दाखिल हुई.
एक चश्मदीद ने बताया, ‘सफ़ेद रंग की गाड़ी आई और सीधा टक्कर मार के अंदर घुस गई. 5 मिनट अंदर गाड़ी घूमती रही फिर वापस आई. गेट बंद था, लेकिन गेट अपने आप खुल गया था. हमने देखा तेज़ी से कार विधानसभा गेट के अंदर गई और थोड़ी देर में वापस चली गई. टक्कर मार के अंदर चली गयी थी.”
दिल्ली सचिवालय के एक अधिकारी ने बताया, “कार ड्राइवर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के कार्यालय की ओर बढ़ा और ड्योढ़ी (पोर्च) के पास फूलों का गुलदस्ता रखकर वापस चला गया.” उन्होंने कहा कि इस घटना से सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं और अधिकारी इसे संभावित सुरक्षा चूक मान रहे हैं.
अधिकारी इस घटना को सुरक्षा में एक गंभीर चूक मान रहे हैं. घुसपैठ की सूचना मिलते ही सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई की और इलाके को फौरन सुरक्षित कर लिया गया. दिल्ली पुलिस और बम निरोधक दस्ते सहित कई टीमें मौके पर पहुंचीं और गहन जांच शुरू कर दी. घटनास्थल की जांच करने और सबूत जुटाने के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की एक टीम को भी तैनात किया गया है.
अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि स्थापित सुरक्षा प्रोटोकॉल के बावजूद यह गाड़ी बैरिकेड्स को तोड़कर प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने में कामयाब कैसे रही. साथ ही, इसमें शामिल लोगों की पहचान करने और उनके इरादों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं.
इससे पहले 25 मार्च को, दिल्ली विधानसभा को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई की थी. धमकी भरे संदेश में दावा किया गया था कि विधानसभा परिसर के अंदर आरडीएक्स-आधारित 16 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) लगाए गए हैं और उन्हें उड़ाने की योजना है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
