AI आधारित Sahay बना स्मार्ट टीचर, बच्चों की कमजोरियां पहचानकर सुधारेगा रिजल्ट

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AI आधारित Sahay बना स्मार्ट टीचर, बच्चों की कमजोरियां पहचानकर सुधारेगा रिजल्ट

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Sahay की सबसे बड़ी खासियत इसका उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम है. यह डिवाइस छात्रों के प्रदर्शन का विश्लेषण कर उनकी कमजोरियों को पहचानता है. उदाहरण के तौर पर, यदि किसी टेस्ट में 10 में से 3 सवाल गलत होते हैं, तो यह तुरंत उस टॉपिक को चिन्हित कर लेता है, जिसमें छात्र को दिक्कत हो रही है.

नई दिल्ली: बदलते दौर में शिक्षा का तरीका तेजी से डिजिटल हो रहा है और इसी बदलाव के साथ ‘Sahay’ नाम का एक छोटा लेकिन बेहद स्मार्ट डिवाइस सामने आया है. यह डिवाइस खासतौर पर छात्रों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि वे बिना किसी झिझक के अपने हर छोटे-बड़े सवाल का समाधान पा सकें. इस डिवाइस में एक सरल और यूजर-फ्रेंडली स्क्रीन दी गई है, जहां छात्र टाइप करके या बोलकर अपने सवाल पूछ सकते हैं. इसकी सबसे खास बात यह है कि सवाल पूछते समय छात्र की पहचान पूरी तरह गोपनीय रहती है. इससे बच्चों में डर या शर्म की भावना खत्म होती है और वे खुलकर अपनी जिज्ञासाएं सामने रख पाते हैं.

क्लासरूम में आया बड़ा बदलाव
अक्सर देखा जाता है कि कई छात्र कक्षा में सवाल पूछना चाहते हैं, लेकिन दूसरों के सामने बोलने में हिचकिचाते हैं. Sahay इस समस्या का प्रभावी समाधान बनकर सामने आया है. जिन स्कूलों में इस डिवाइस का परीक्षण किया गया, वहां पहले केवल लगभग 30 प्रतिशत छात्र ही सवाल पूछते थे, जबकि अब यह आंकड़ा बढ़कर करीब 90 प्रतिशत तक पहुंच गया है. इससे कक्षा का माहौल अधिक इंटरैक्टिव और खुला हो गया है, जहां छात्र बिना डर के सीखने में भाग ले रहे हैं.

AI तकनीक से कमजोरियों की पहचान
Sahay की सबसे बड़ी खासियत इसका उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम है. यह डिवाइस छात्रों के प्रदर्शन का विश्लेषण कर उनकी कमजोरियों को पहचानता है. उदाहरण के तौर पर, यदि किसी टेस्ट में 10 में से 3 सवाल गलत होते हैं, तो यह तुरंत उस टॉपिक को चिन्हित कर लेता है, जिसमें छात्र को दिक्कत हो रही है. इतना ही नहीं, यह पूरी कक्षा का डेटा इकट्ठा कर यह भी बताता है कि किस अध्याय में सबसे ज्यादा छात्रों को परेशानी हो रही है. इससे शिक्षकों को अनुमान लगाने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि उन्हें स्पष्ट रूप से पता चल जाता है कि किन विषयों पर दोबारा ध्यान देने की आवश्यकता है.

रिजल्ट में भी दिखा सकारात्मक असर
इस डिवाइस के उपयोग का असर छात्रों के परिणामों पर भी साफ दिखाई दिया है. रिपोर्ट के अनुसार, Sahay के इस्तेमाल से छात्रों के अंकों में लगभग 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इसके अलावा, बच्चों का ध्यान भी पहले की तुलना में अधिक समय तक पढ़ाई में बना रहता है, जिससे उनकी समझ और प्रदर्शन दोनों बेहतर हुए हैं.

फोन का सुरक्षित और किफायती विकल्प
आज के समय में अभिभावकों की सबसे बड़ी चिंता यह रहती है कि बच्चों को मोबाइल फोन देने पर वे पढ़ाई के बजाय सोशल मीडिया में उलझ सकते हैं. Sahay इस समस्या का भी समाधान प्रस्तुत करता है. इस डिवाइस में केवल पढ़ाई से संबंधित सॉफ्टवेयर ही उपलब्ध है, जिससे बच्चों का ध्यान भटकने की संभावना कम हो जाती है.

जानिए इस डिवाइस की कीमत
करीब 3000 रुपये की कीमत वाला यह डिवाइस एक बार का निवेश है, जिसे लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है. इस तरह Sahay न केवल छात्रों के लिए एक स्मार्ट लर्निंग टूल साबित हो रहा है, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा भी तय कर रहा है.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें

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