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Delhi Police News: दिल्ली पुलिस एजीएस ने नांगली से कुख्यात राहुल उर्फ दहुर उर्फ राजू मुखिया को पकड़ा है. यह मुखिया गैंग का सरगना है. मुखिया गैंग अमीर घरों में नौकर-नौकरानी रखकर संगठित चोरी करता था. इसने दिल्ली-गुरुग्राम में अब तक कई लोगों को शिकार बनाया है.
दिल्ली पुलिस की हिरासत में मुखिया गैंग का सरगना.
Delhi Police News: दिल्ली पुलिस की एंटी-गैंगस्टर स्क्वॉड (एजीएस) क्राइम ब्रांच को एक बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने मुखिया गैंग के कथित किंगपिन और कई मामलों में घोषित अपराधी राहुल उर्फ दहुर उर्फ राजू मुखिया को द्वारका के नांगली इलाके से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी बिहार के मधुबनी जिले का निवासी है. लंबे समय से पुलिस की नजरों में चल रहे इस शातिर अपराधी को सतत निगरानी और विशेष अभियान के तहत पकड़ा गया. पुलिस के अनुसार वह दिल्ली और हरियाणा में दर्ज कई मामलों में अदालत में पेश होने से बचता रहा था, जिसके बाद उसे घोषित अपराधी घोषित कर दिया गया था.
मुखिया गैंग घरेलू चोरियों और संगठित डकैतियों में माहिर माना जाता है. गैंग का मोडस ऑपरेंडी काफी सोचा-समझा हुआ था. गैंग के सदस्य प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए अमीर घरों में नौकर या नौकरानी के रूप में नौकरी पा लेते थे. परिवार का विश्वास जीतने के बाद वे घर की कीमती चीजों, अलमारी की लोकेशन और परिवार की दिनचर्या की जानकारी जुटाते थे. जब घर खाली होता या सही मौका मिलता, तो गैंग अंदरूनी सूचना के आधार पर चोरी को अंजाम देता था. कई बार अंदरूनी सहयोगी (नौकर/नौकरानी) ही चोरी में मदद करते थे. इस गैंग ने दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया था.
गिरफ्तारी कैसे हुई?
क्राइम ब्रांच की एजीएस टीम ने खास खुफिया इनपुट्स के आधार पर नांगली इलाके में ट्रैप लगाया. इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार की अगुवाई वाली टीम ने ACP/AGS भगवती प्रसाद के पर्यवेक्षण में यह सफल ऑपरेशन अंजाम दिया. पूरे अभियान की निगरानी DCP क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा ने की. आरोपी पर राजौरी गार्डन, कालकाजी, ग्रेटर कैलाश (दिल्ली) और गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-II थानों में दर्ज कई एफआईआर हैं. वह इन मामलों में पहले गिरफ्तार भी हो चुका था, लेकिन जमानत मिलने के बाद बार-बार अदालत में पेश होने से गायब हो जाता था. पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी का आपराधिक इतिहास एक दशक से ज्यादा पुराना है. उसने विभिन्न राज्यों से लोगों को भर्ती कर एक बड़ा नेटवर्क खड़ा किया था. घरेलू नौकरों को अंदरूनी सूत्र के रूप में इस्तेमाल करना उसकी गैंग की खासियत थी.
आगे की जांच
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर गैंग के अन्य सदस्यों की पहचान करने और पूरे नेटवर्क को उजागर करने में जुटी हुई है. क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि इस गिरफ्तारी से दिल्ली-एनसीआर में घरेलू चोरी और संगठित अपराध पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी. दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस ऑपरेशन की सराहना की है.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें
