Sugarcane Farming: किसानों की बल्ले-बल्ले! गन्ने की ये किस्म कर देगी मालामाल, लाखों में होगा मुनाफा
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गया जिले के इमामगंज प्रखंड के सोहेल गांव में किसानों ने पारंपरिक खेती को छोड़कर गन्ने की खेती की नई क्रांति शुरू की है. 80 एकड़ में गन्ने के लहलहाते खेत न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि क्षेत्र की कृषि परंपरा को भी नया आकार दे रहे हैं. जंगलों और पहाड़ियों से घिरे इस इलाके में, जहां पहले कुर्थी और अरहर की खेती होती थी, अब ये किसान मिलकर अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने का संकल्प ले रहे हैं. इसी कड़ी में आइए जानें कि गन्ने की खेती के जरिए वे कैसे लाभ कमा रहे हैं.
यसोहेल गांव के 25 से अधिक किसानों ने मिलकर अपनी पारंपरिक फसलों को छोड़कर गन्ने की खेती करने का निर्णय लिया है. पिछले दो वर्षों से ये किसान 80 एकड़ में गन्ना उगाकर क्षेत्र में कृषि का नया अध्याय शुरू कर रहे हैं.
विभिन्न गांवों के किसान मिलकर एक समूह बनाकर गन्ने की खेती कर रहे हैं, जिससे वे एक-दूसरे के अनुभव और संसाधनों का लाभ उठा सकें. यह एकता उनकी भूमि की उपजाऊ क्षमता को सुधारने और उत्पादन में वृद्धि करने में सहायक बन रही है.
इस बार गन्ना लगाने से किसानों को लगभग 80 लाख रुपये का मुनाफा होने की संभावना है, जो उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी. पिछले वर्ष जहां 50 एकड़ में गन्ने की खेती की गई थी, वहीं अब क्षेत्र में इसे बड़े पैमाने पर अपनाया जा रहा है.
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गन्ना विकास विभाग की मदद से किसानों ने गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए हैं. वे बड़ी पेराई यूनिट की स्थापना की मांग कर रहे हैं, जिससे उनकी फसल का मुनाफा और भी बढ़ सके.
किसान सोहेल समूह के अध्यक्ष विजय कुमार ने गन्ने की COJ 185 वैरायटी का चयन किया है, जो उच्च गुणवत्ता का गुड़ उत्पादन करने में मददगार साबित हो रही है. यह उनकी मेहनत का परिणाम है और क्षेत्र की कृषि को नई दिशा देने में सहायक होगा.
