UP-बिहार में चलने लगी 'कातिल' लू, राजस्थान बना 'आग का गोला', रहें सावधान IMD ने कर दिया आगाह

Today Weather Live: उत्तर भारत में भीषण गर्मी की शुरूआत हो चुकी है. देश की राजधानी दिल्ली से लेकर बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और मध्यप्रदेश के कई शहरों में तापमान 40 के पास पहुंच रहा है. हालंकि दक्षिण भारत का मौसम उत्तर भारत के मौसम से पहले अलग नजर आ रहा था लेकिन अब यहां भी लू की स्थिति नजर आ रही है. वहीं उत्तर भारत में गर्मी अब सिर्फ एक मौसमी बदलाव नहीं रह गई है, अब यह धीरे-धीरे एक गंभीर खतरे का रूप लेती जा रही है. अप्रैल का महीना अभी आधा ही बीता है और हालात ऐसे हो गए हैं कि दोपहर के समय बाहर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं लग रहा. उत्तर प्रदेश और बिहार में चल रही तेज पछुआ हवाएं अब साधारण गर्म हवा नहीं रहीं, बल्कि ‘कातिल’ लू का रूप ले चुकी हैं जो सीधे लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल रही हैं. राजस्थान की स्थिति और भी भयावह हो चुकी है, जहां कई शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है. गर्मी की यह तीव्रता न केवल आम जनजीवन को प्रभावित कर रही है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासन के लिए भी चिंता का कारण बनती जा रही है. ऐसे हालात में मौसम विभाग (IMD) ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी है कि आने वाले दिनों में गर्मी और भी विकराल रूप ले सकती है, जिससे हालात और मुश्किल हो सकते हैं.

मौसम के इस तेजी से बदलते मिजाज ने लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है. सुबह से ही सूरज की तेज किरणें और गर्म हवाएं लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर रही हैं. बाजारों में भीड़ कम हो रही है और दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा है. वहीं दूसरी ओर, कुछ राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ और आंधी-बारिश की गतिविधियां भी देखने को मिल रही हैं, जिससे मौसम का पैटर्न और ज्यादा जटिल बन गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह समय बेहद संवेदनशील है, क्योंकि तापमान और लू की तीव्रता अपने चरम की ओर बढ़ रही है. ऐसे में लोगों के लिए जरूरी हो गया है कि वे न सिर्फ सावधानी बरतें, बल्कि नियमित रूप से मौसम अपडेट पर भी नजर बनाए रखें ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके.

मध्य प्रदेश में भी गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है. (PTI)

उत्तर प्रदेश: लू के थपेड़े और बढ़ता तापमान

  • उत्तर प्रदेश में गर्मी ने अब पूरी तरह से अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. राज्य के लगभग हर जिले में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और दिन के समय चलने वाली तेज पछुआ हवाएं लू का साफ संकेत दे रही हैं. लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे बड़े शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जबकि बुंदेलखंड क्षेत्र के बांदा जैसे जिलों में यह 42 डिग्री तक पहुंच गया है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में यह तापमान और बढ़ सकता है, जिससे हीटवेव की स्थिति और गंभीर हो सकती है. लगातार बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग भी बढ़ रही है और पानी की कमी जैसी समस्याएं भी सामने आने लगी हैं.
  • ग्रामीण इलाकों में स्थिति और अधिक चिंताजनक है. खेतों में काम करने वाले किसान और मजदूर तेज धूप और लू के कारण दिन में काम करने से बचने लगे हैं. इससे खेती का काम भी प्रभावित हो रहा है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय शरीर में पानी की कमी तेजी से हो सकती है, इससे डीहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. प्रशासन लगातार लोगों को सलाह दे रहा है कि वे दोपहर के समय घर से बाहर न निकलें और बच्चों तथा बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें. कई जिलों में स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है और अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से निपटने की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं.

बिहार: गर्मी का रौद्र रूप, कई जिलों में अलर्ट

  • बिहार में भी गर्मी ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है. राजधानी पटना समेत राज्य के 20 से अधिक जिलों में तापमान लगातार बढ़ रहा है. गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और पूर्णिया जैसे जिलों में हालात और भी गंभीर होते जा रहे हैं, जहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने की संभावना है. मौसम विभाग ने साफ किया है कि फिलहाल राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है. दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं और बाजारों में भी भीड़ कम हो रही है.
  • अगले कुछ दिनों में लू की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है. खासकर दोपहर के समय बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि पानी की कमी से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की अनियमित आपूर्ति और पानी की कमी ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया है. प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, हल्के कपड़े पहनें और धूप से बचाव के उपाय अपनाएं.
राजस्थान में गर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है. (PTI)

दिल्ली-एनसीआर: बढ़ती गर्मी, हल्की राहत की उम्मीद

दिल्ली-एनसीआर में भी गर्मी धीरे-धीरे अपने चरम की ओर बढ़ रही है. पिछले कुछ दिनों से लगातार साफ मौसम रहने के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. अधिकतम तापमान 36 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, लेकिन तेज धूप और गर्म हवाएं इसे और ज्यादा महसूस करा रही हैं. वायु गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है, जिससे लोगों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है. हालांकि, मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि 19 अप्रैल के बाद हल्की आंधी और बारिश हो सकती है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है.

राजस्थान: ‘आग का गोला’ बना रेगिस्तान

राजस्थान में गर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है और राज्य के कई हिस्सों में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं. बाड़मेर, जैसलमेर और कोटा जैसे शहरों में तापमान 41 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है. लू के तेज थपेड़े लोगों को झुलसा रहे हैं और दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी किया है. हालांकि, कुछ इलाकों में हल्के बादलों की आवाजाही से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन कुल मिलाकर गर्मी का असर बना रहेगा.

मध्य प्रदेश: तेज धूप और लू का डबल अटैक

मध्य प्रदेश में भी गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है. भोपाल, ग्वालियर, छतरपुर, खंडवा और जबलपुर जैसे जिलों में तापमान लगातार बढ़ रहा है. मौसम विभाग ने साफ किया है कि फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे गर्मी और ज्यादा बढ़ेगी. दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं. 19 अप्रैल के बाद कुछ हिस्सों में मौसम बदल सकता है, लेकिन तब तक लोगों को गर्मी से जूझना पड़ेगा.

पहाड़ों का हाल: हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर

हिमाचल प्रदेश में 17 से 20 अप्रैल के बीच पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा, इससे कई जगहों पर तेज हवाएं, बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है. इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी. उत्तराखंड में भी इसी तरह के हालात देखने को मिल सकते हैं, जहां आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में बर्फबारी और बारिश की संभावना है, इससे मौसम ठंडा हो सकता है. हालांकि मैदानी इलाकों में गर्मी बनी रहेगी.

अगले कुछ दिनों में लू की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है. (PTI)

दक्षिण भारत: गर्मी के साथ नमी का असर

दक्षिण भारत में भी गर्मी का असर बढ़ रहा है. तमिलनाडु, कर्नाटक और तेलंगाना में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. तटीय क्षेत्रों में नमी बढ़ने से उमस और परेशानी बढ़ गई है. हालांकि, केरल के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है, जिससे थोड़ी राहत मिल सकती है. लेकिन कुल मिलाकर गर्मी का असर बना रहेगा और लोगों को सावधानी बरतनी होगी.

नॉर्थ ईस्ट: आंधी-बारिश का अलर्ट

पूर्वोत्तर भारत में मौसम का मिजाज अलग नजर आ रहा है. अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और सिक्किम में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है. इससे तापमान में गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन साथ ही सावधानी बरतने की भी जरूरत है.

हीटवेव क्या है?

हीटवेव वह स्थिति होती है जब किसी क्षेत्र का तापमान सामान्य से काफी अधिक बढ़ जाता है. मैदानी इलाकों में यह आमतौर पर 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होता है और सामान्य तापमान से कम से कम 4.5 डिग्री ज्यादा होना चाहिए. इस दौरान शरीर तेजी से डिहाइड्रेट होता है और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. इसके लक्षणों में चक्कर आना, कमजोरी, उल्टी और बेहोशी शामिल हैं.

कब आएगा मानसून?

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून जून महीने में भारत में प्रवेश कर सकता है. हालांकि इसकी गति इस बार थोड़ी धीमी रहने की संभावना है. उत्तर भारत में जून तक लू का असर बना रह सकता है, जबकि दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में बारिश जल्दी शुरू हो सकती है.

लू से कैसे बचें?

लू से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचा जाए. हल्के और ढीले कपड़े पहनें, सिर को ढककर रखें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं. बाहर निकलते समय छाता या टोपी का इस्तेमाल करें और शरीर को ठंडा रखने की कोशिश करें.

किन लोगों को ज्यादा खतरा है?

बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग हीटवेव के दौरान सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं. जिन लोगों को दिल, सांस या ब्लड प्रेशर की समस्या है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. मजदूर और खेतों में काम करने वाले लोग भी ज्यादा जोखिम में रहते हैं.

क्या आने वाले दिनों में राहत मिलेगी?

मौसम विभाग के अनुसार, 19 अप्रैल के बाद कुछ इलाकों में आंशिक राहत मिल सकती है. आंधी और हल्की बारिश से तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है. लेकिन पूरी तरह से गर्मी से राहत मिलने की संभावना फिलहाल कम है, इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है.

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