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Lok Sabha Elections: देश की ज्यादातर राजनीतिक पार्टियों ने चुनावी मौसम में ताबड़तोड़ चुनावी सभाएं करने के लिए हेलिकॉप्टर की प्री-बुकिंग करवा लिया है. आम दिनों में जहां प्राइवेट हेलिकॉप्टर का किराया 2 लाख रुपए प्रति घंटे हुआ करता था, लेकिन यह बढ़कर अब 5-7 लाख रुपये तक पहुंच गया है.
राजनीतिक पार्टियों की मानें तो इस बार के लोकसभा चुनाव में पेम्फलेट डालने के लिए भी हेलिकॉप्टर का उपयोग किया जाएगा.
Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव का मौसम आते ही निजी हेलिकॉप्टर की किराये में जबरदस्त उछाल आ गया है. राजनीतिक पार्टियों के प्री-बुकिंग के कारण उड़नखटोला का किराया आसमान छूने लग गया है. ऐसे में आने वाले दिनों में शादी, प्री-वेडिंग शूट, दूल्हा -दूल्हन की विदाई या इमरजेंसी रेस्क्यू में अगर आप हेलिकॉप्टर सर्विस लेने का प्लान कर रहे हैं तो आपको ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं. हो सकता है कि इसके बावजूद आपको हेलिकॉप्टर सेवा न मिले. हेलिकॉप्टर सर्विस देने वाली कंपनियों की मानें तो अब हेलिकॉप्टर किराये पर देने के लिए नहीं बचा है. हालांकि, ये कंपनियां डिमांड होने पर पूरा करने का बी आश्वासन दे रही है. लेकिन, इसके एवज में ज्यादा कीमत वसूल रहे हैं.
बता दें कि लोकसभा चुनाव को देखते हेलिकॉप्टर सर्विस देने वाली तकरबीन सभी कंपनियों की प्री- बुकिंग फूल हो गई है. देश की ज्यादातर राजनीतिक पार्टियों ने चुनावी मौसम में ताबड़तोड़ चुनावी सभाएं करने के लिए हेलिकॉप्टर की प्री-बुकिंग करवा लिया है. आम दिनों में जहां प्राइवेट हेलिकॉप्टर का किराया 2 लाख रुपए प्रति घंटे हुआ करता था, वहीं अब यह बढ़कर 5-7 लाख रुपये पहुंच गया है. हर घंटे का हिसाब लगाएंगे तो हेलिकॉप्टर सेवा 3 घंटे के लिए 9 लाख से 12 लाख रुपये हो गया है.
लोकसभा चुनाव की सुगबुगाहट तेज होते ही निजी हेलिकॉप्टर सर्विस प्रदान करने वाली एविएशन कंपनियां की चांदी हो गई है. (file photo)
एक घंटे के लिए हेलिकॉप्टर का चार्ज
जानकारों की मानें तो चुनावी मौसम में डिमांड और सप्लाई में बड़ा अंतर आया है. दिल्ली बेस हेलिकॉप्टर प्रोवाइडर एक कंपनी के मुताबिक, ‘हमारे यहां अब हेलिकॉप्टर नहीं बचे हैं. तकरीबन सभी हेलिकॉप्टर बुक हो चुके हैं. अब एक्का-दुक्का ही ऑफर आ रहे हैं. ये ऑफर भी एक दिन या दो दिन के लिए आ रहे हैं. हमलोग 5 सीटर सिंगल इंजन हेलिकॉप्टर के लिए अब 9 लाख रुपये चार्ज कर दिए हैं. इसके अलावा अगर इंजन 3 घंटे से ज्यादा चलेगी तो प्रति घंटा 3 लाख रुपये एकस्ट्रा चार्ज कर रहे हैं. आमतौर पर राजनीतिक पार्टियां 45 दिनों के लिए हेलिकॉप्टर बुकिंग करवाती है. इस वजह से पहले से ही सभी हेलिकॉप्टर की प्री-बुकिंग हो चुकी है.’
राजनीतिक पार्टियां चुनाव में हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल समय बचाने के लिए किया करती है. खासकर पहाड़ी और दूर-दराज क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर से जल्दी पहुंचा जा सकता है. नेता ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने के लिए हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, चुनाव आयोग को इसके बारे में भी पूरी जानकारी देनी होती है कि आपने कितने दिनों और घंटे हेलिकॉप्टर सर्विस लिया. माना जा रहा है कि कुछ राजनीतिक दलों के द्वारा इस बार के लोकसभा चुनाव में पेम्फलेट डालने के लिए भी हेलिकॉप्टर का उपयोग किया जाएगा.
हेलीकॉप्टर सुविधा शादी, प्री-वेडिंग शूट, दूल्हा -दूल्हन की विदाई और इमरजेंसी रेस्क्यू के लिए भी होने लगा है.
हाल के दिनों में चुनावी प्रचार के साथ-साथ हेलीकॉप्टर सुविधा शादी, प्री-वेडिंग शूट, दूल्हा -दूल्हन की विदाई और इमरजेंसी रेस्क्यू के लिए भी होने लगा है. शायद इसी वजह से एविएशन कंपनियां अब पहले की तुलना में ज्यादा रेट वसूल रही है. ऐसे में स्टार प्रचारकों के लिए इस लोकसभा चुनाव में हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल करना पहले की तुलना में ज्यादा महंगा होने वाला है.
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सहारा समय न्यूज चैनल से 2005 में करियर की शुरुआत करने वाले रविशंकर सिंह नेटवर्क 18 के फर्स्ट पोस्ट हिंदी में चीफ रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों पर पैनी नजर रखने वाले रविशंकर इस समय Hindi.New…और पढ़ें
