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Delhi Police Busted ISI Backed Arms Module: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने ISI समर्थित टेरर और हथियार तस्करी मॉड्यूल में प्रवीण कुमार उर्फ टिट्टू को पकड़ा है. इस पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित था. उसे एक विशेष ऑपरेशन के तहत गिरफ्तार किया गया है. इस मामले में अब तक 14 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं.
दिल्ली की यह एक बड़ी सफलता है.
Delhi Police Busted ISI Backed Arms Module: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के समर्थन से संचालित एक बड़े टेरर और ट्रांसनेशनल आर्म्स ट्रैफिकिंग मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए उसके एक मुख्य ऑपरेटिव को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रवीण कुमार उर्फ टिट्टू के रूप में हुई है, जो कुख्यात गैंगस्टर रोहित चौधरी का करीबी सहयोगी बताया जा रहा है. आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित था.
पुलिस के मुताबिक प्रवीण कुमार को एक विशेष ऑपरेशन के तहत गिरफ्तार किया गया. उसके कब्जे से एक हाई-एंड विदेशी हथियार और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क और आतंकी मॉड्यूल के बीच अहम कड़ी के रूप में काम कर रहा था.
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की सरपरस्ती में संचालित हो रहा था. मॉड्यूल का इस्तेमाल देश के अलग-अलग हिस्सों में अवैध हथियार पहुंचाने, गैंगस्टरों और आतंकी तत्वों को सपोर्ट देने तथा आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा था.
कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका
इस मामले में अब तक कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस ने इनके पास से विदेश में बने 25 अत्याधुनिक हथियार और 221 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. बरामद हथियारों में कई ऐसे एडवांस्ड वेपन शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल आमतौर पर पेशेवर अपराधी और आतंकी संगठन करते हैं.
जांच एजेंसियों का कहना है कि मॉड्यूल का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था और इसके तार विदेशों से भी जुड़े हुए हैं. शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि हथियारों की सप्लाई सीमा पार से संचालित नेटवर्क के जरिए की जा रही थी. एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन हथियारों का इस्तेमाल किन घटनाओं में होना था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं.
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की धाराएं पहले ही लगा रखी हैं. अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों और फंडिंग चैनल्स की जानकारी जुटाई जा रही है.
क्राइम ब्रांच का मानना है कि यह कार्रवाई देश में सक्रिय आतंकी और संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता है. सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे मॉड्यूल की अंतरराष्ट्रीय कड़ियों की जांच कर रही हैं, ताकि ISI समर्थित इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें
