Last Updated:
Ghaziabad News: गाजियाबाद की ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में बिल्डर्स और AOA द्वारा बिजली मीटर से जबरन मेंटेनेंस चार्ज वसूलने पर बिजली निगम ने पूरी तरह रोक लगा दी है. अब मेंटेनेंस न देने पर उपभोक्ताओं की बिजली काटने वालों के खिलाफ विद्युत अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई होगी. चीफ इंजीनियर पवन अग्रवाल के अनुसार, पहले चरण में जोन-1 (वेव सिटी, कविनगर, नेहरू नगर आदि) में यह नियम सख्ती से लागू किया गया है. अब बिजली सिर्फ बिल बकाया होने पर ही कटेगी.
Ghaziabad News: अगर आप गाजियाबाद की किसी ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी या ऊंची इमारत (हाईराइज अपार्टमेंट) में रहते हैं और बिल्डर या अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) आपको मेंटेनेंस चार्ज न देने पर बिजली काटने की धमकी दे रहा है, तो यह खबर आपके लिए बहुत बड़ी राहत लेकर आई है. गाजियाबाद विद्युत निगम ने सोसायटियों की इस मनमानी पर पूरी तरह से शिकंजा कस दिया है. विभाग ने साफ कर दिया है कि बिजली मीटर के जरिए जबरन मेंटेनेंस चार्ज की वसूली करने वालों और उपभोक्ताओं की बिजली काटने वालों के खिलाफ अब बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
क्यों लेना पड़ा विद्युत निगम को यह कड़ा फैसला?
दरअसल, पिछले काफी समय से गाजियाबाद के शहरी इलाकों की कई सोसायटियों से लगातार शिकायतें आ रही थीं. उपभोक्ताओं का आरोप था कि बिल्डर्स, एओए और आरडब्लूए प्रीपेड बिजली मीटरों के सॉफ्टवेयर में हेरफेर करके या अन्य तरीकों से मेंटेनेंस शुल्क वसूल रहे हैं. जो लोग इसका विरोध करते थे या किसी विवाद के कारण मेंटेनेंस नहीं दे पाते थे, उनके मीटर को ब्लॉक करके या रिचार्ज रोककर उनकी बिजली सप्लाई काट दी जाती थी. इन बढ़ती हुई शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बिजली निगम के अधिकारियों ने अब स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं.
इस बारे में जानकारी देते हुए गाजियाबाद जोन-1 के चीफ इंजीनियर पवन अग्रवाल ने बताया, ‘लगातार आ रही शिकायतों के बाद हमने यह कड़ा आदेश जारी किया है. सभी सोसायटियों में एओए को यूपीआरसी (UPERC) के नियमों का सख्ती से पालन करना होगा. बाकी सोसायटियों के लिए भी उक्त जोन के चीफ इंजीनियर द्वारा जल्द ही जरूरी निर्देश जारी किए जाएंगे.’
जोन-1 के इन इलाकों से होगी अभियान की शुरुआत
बिजली विभाग ने इस आदेश को जमीन पर उतारने के लिए कमर कस ली है. फिलहाल इसकी शुरुआत जोन-1 के अंतर्गत आने वाले इलाकों से की जा रही है. इन क्षेत्रों में शामिल हैं:
- नेहरू नगर और कमला नेहरू नगर
- प्रताप विहार और लाल कुआं
- कविनगर और शास्त्री नगर
- विजय नगर और पटेल नगर
- संजयनगर और राजनगर (तथा इसके आसपास के सेक्टर्स)
- घंटाघर, पुराना शहर क्षेत्र और वेव सिटी आदि.
विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सबसे ज्यादा शिकायतें वेव सिटी इलाके से आ रही थीं, इसलिए वहां विशेष नजर रखी जा रही है. जोन-1 में पूरी तरह कड़ाई करने के बाद जल्द ही इस व्यवस्था को शहर के अन्य बचे हुए जोनों में भी पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा.
अब केवल बिजली का बिल बकाया होने पर ही कटेगी सप्लाई
विद्युत निगम के नए आदेश के अनुसार, अब किसी भी सोसाइटी में बिजली का कनेक्शन सिर्फ और सिर्फ तब ही काटा जा सकेगा, जब उपभोक्ता का मूल बिजली बिल या मीटर रिचार्ज का पैसा बकाया हो. मेंटेनेंस चार्ज का विवाद एक अलग सिविल मामला है, उसे बिजली सप्लाई से नहीं जोड़ा जा सकता. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वसुंधरा की एक सोसाइटी के फ्लैट मालिक अजय कुमार ने अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि पहले बिजली मीटर रिचार्ज कराने पर प्रतिदिन के हिसाब से मेंटेनेंस का पैसा भी लगातार कटता रहता था. इससे आम नागरिकों पर दोहरा दबाव बनता था. लेकिन विभाग के इस नए निर्देश के बाद अब ऐसा नहीं हो सकेगा. अब प्रीपेड मीटर रिचार्ज में से केवल उतनी ही राशि काटी जाएगी जितनी बिजली उपभोक्ता ने असल में इस्तेमाल की है.
नियम तोड़ने वाले बिल्डर्स और AOA पर दर्ज होगी FIR
बिजली विभाग ने सोसायटियों के प्रबंधन को साफ चेतावनी दी है कि वे बिजली को हथियार बनाकर लोगों को परेशान करना बंद करें. यदि इसके बाद भी किसी सोसाइटी में मीटर के जरिए अवैध रूप से मेंटेनेंस वसूली करने या बिजली काटने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित बिल्डर, एओए या आरडब्लूए के पदाधिकारियों के खिलाफ विद्युत अधिनियम के तहत कठोर दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी. विभाग ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि यदि उनके साथ ऐसी कोई मनमानी होती है, तो वे तुरंत इसकी शिकायत बिजली विभाग के संबंधित अधिकारियों से करें.
About the Author
राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें
